फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Dr Babasaheb Bhimrao Ambedkar : From student life to becoming a law minister and a Buddhist, Know All Things Here About His journey

डॉ. बाबा साहब भीमराव आंबेडकर : छात्र जीवन से कानून मंत्री और बौद्ध बनने तक का ऐसा रहा सफर

Sun, 30 Jan 2022 05:27 AM IST
योगेश साहू राजेंद्र सिंह, डॉ. बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की जन्मस्थली महू से लौटकर
राजेंद्र सिंह, डॉ. बाबा साहब भीमराव आंबेडकर की जन्मस्थली महू से लौटकर Published by: योगेश साहू Updated Sun, 30 Jan 2022 05:27 AM IST
विज्ञापन
सार
देश को बनाने में अपना जीवन होम करने वाले नायकों की विरासत और स्मृतियों से रु-ब-रू कराने की शृंखला में पं. जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल, नेताजी सुभाषचंद्र बोस, गोपीनाथ बारदोलोई, सर्वपल्ली राधाकृष्णन, वीर सावरकर और डॉ. राजेंद्र प्रसाद के जन्मस्थान से जुड़ी रिपोर्टें पाठक पिछड़ी कड़ियों में पढ़ चुके हैं। आधुनिक भारत के शिल्पियों से जुड़े तीर्थस्थलों की कड़ी में इस बार पेश है बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के जन्मस्थान की गाथा...
loader
Dr Babasaheb Bhimrao Ambedkar : From student life to becoming a law minister and a Buddhist, Know All Things Here About His journey
डॉ. बाबा साहब भीमराव आंबेडकर - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

डॉ. बाबा साहब भीमराव आंबेडकर स्मारक (भीम जन्म भूमि) के भूतल और ऊपर के मुख्य हॉल की फोटो गैलरी बाबा साहब के जीवन के हर पड़ाव से रूबरू कराती है। इसमें कोलंबिया विश्वविद्यालय और  लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स के छात्र जीवन से लेकर 8 मई 1950 को देश के पहले कानून मंत्री बनने और 14 अक्तूबर 1956 को बौद्ध धर्म की दीक्षा लेते चित्र लगे हैं।



हर रोज सैकड़ों लोग फोटो गैलरी में विचार के रूप में बाबा साहब की मौजूदगी का अहसास करते हैं। संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद को संविधान की प्रति सौंपते हुए फोटो में पं. नेहरू, वल्लभ भाई पटेल, अब्दुल कलाम आजाद और राज गोपालाचारी जैसे नेता साथ में दिखाई दे रहे हैं। जीवन के आखिरी वक्त में ‘द बुद्धा एंड हिज धम्मा’ की अंतिम पंक्तियां लिखते हुए भी फोटो लगा हुआ है।


बापू को सलाह...हर जगह न चलाएं अनशन का हथियार
पुणे की यरवदा जेल में महात्मा गांधी का अनशन खत्म कराते हुए एक फोटो लगा है, इसमें वह बापू को सलाह दे रहे हैं कि हर जगह अनशन का हथियार न चलाएं। वर्ष 1956 में ही काठमांडो में ही विश्व बौद्ध सम्मेलन में बुद्ध और कार्ल मार्क्स पर एतिहासिक उद्बोधन का चित्र भी प्रदर्शित है।

बाबा साहब ने कहा था.. दलित को शस्त्र का अधिकार होता तो देश गुलाम न होता
6 दिसंबर 1956 को परिनिर्वाण से लगभग 50 दिन पहले बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने 14 अक्तूबर को नागपुर में विशाल समारोह में बौद्ध धर्म स्वीकार कर लिया था। 15 अक्तूबर को दीक्षा भूमि पर संबोधन में कहा था, मनुष्य सिर्फ रोटी के लिए जिंदा नहीं रहता। उसके पास मन है।

धर्म मानव मन में आशा का संचार करता है लेकिन हिंदू धर्म ने दलितों की सारी इच्छाओं की हत्या कर दी... यदि हिंदू धर्म ने दलित वर्ग को शस्त्र धारण करने की आजादी दी होती तो यह देश कभी गुलाम नही होता...। मुझे मालूम है कि आपको धर्म की अपेक्षा राजनीति में अधिक रुचि व उत्साह है। लेकिन, मुझे राजनीति की अपेक्षा धर्म के प्रति ज्यादा रुचि है। अब हमें जाति की संकुचित सोच त्यागना होगा। स्वयं, समाज और देश के विकास के लिए दूसरे समाज से घुल मिलकर सहयोग लेकर आगे बढ़ना होगा।

देश, दुनिया ने किया आंबेडकर का सम्मान

  • 3 जून 1952 को अमेरिका की प्रतिष्ठित कोलंबिया यूनिवर्सिटी ने डॉ. भीमराव आंबेडकर को एलएलडी की डिग्री देकर सम्मानित किया।
  • कोलंबिया यूनिवर्सिटी में प्रमुख स्थान पर डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा लगाई गई है। इसी यूनिवर्सिटी से उन्होंने 1913 से 1916 तक एमए, पीएचडी की डिग्री प्राप्त की।
  • लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स एवं ग्रेज-इन में बाबा साहब का बड़ा चित्र लगाया गया। यहां उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की थी।
  • 14 अप्रैल को डॉ. आंबेडकर जयंती पर देशभर में सार्वजनिक अवकाश।
  • अप्रैल 1990 में तत्कालीन वीपी सिंह सरकार ने मरणोपरांत सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नवाजा।
  • 1990 में डॉ. आंबेडकर की स्मृति में एक रुपये का सिक्का जारी किया गया।
  • 14 अप्रैल 1966, 1973 और 1997 में डाक टिकट जारी। 1990 से 2015 के बीच 8 बार रंगीन डाक टिकट जारी।
  • 2003 में वाजपेयी सरकार ने दिल्ली के अलीपुर रोड स्थित बंगले को खरीदकर डॉ. आंबेडकर स्मारक निर्वाण भूमि के रूप में समर्पित किया। इसी बंगले में 6 दिसंबर 1956 को बाबा साहब ने अंतिम सांस ली थी।
  • 14 अप्रैल 2008 को बाबा साहब की जन्मस्थली महू में भव्य स्मारक का लोकार्पण। महू का नामकरण डॉ. आंबेडकरनगर किया।
  • लंदन में उच्च अध्ययन के दौरान डॉ. आंबेडकर ने जिस भवन में निवास किया था, महाराष्ट्र सरकार ने उसे 2016 में ब्रिटिश सरकार से खरीदकर आंबेडकर स्मारक के रूप में विकसित करने की घोषणा की।
  • 14 अप्रैल 2016 को आंबेडकर की 125वीं जयंती संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा मनाई गई।
  • मोदी सरकार ने 2016 में 26 नवंबर को संविधान दिवस घोषित किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Next Article

Followed