फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Donald trump visit to India 24 February India ready for business

24 फरवरी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत के लिए अहमदाबाद तैयार

Sun, 16 Feb 2020 12:43 PM IST
देव कश्यप शशिधर पाठक, नई दिल्ली
शशिधर पाठक, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Sun, 16 Feb 2020 12:43 PM IST
सार

  • 24-25 फरवरी को राष्ट्रपति की यात्रा पर रहेगी दुनिया की निगाह
  • बड़े बुलावे के बाद आ रहे ट्रंप दे सकते हैं संबंधों को नई दिशा
  • भावी समझौतों, निवेश और अवसर की नींव रखने आ रहे हैं राष्ट्रपति ट्रंप

विज्ञापन
Donald trump visit to India 24 February India ready for business
24 फरवरी को भारत आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : PTI

विस्तार

केम छो ट्रंप। 24 फरवरी को अहमदाबाद स्वागत के लिए तैयार है। 25 फरवरी को नई दिल्ली, समेत भारत भी आगवानी में पलक पांवड़े बिछाए है। वैसे भी राष्ट्रपति ट्रंप पहली बार भारत आ रहे हैं। ट्रंप ने अमेरिका में अमेरिकीयों के बीच में अपने राष्ट्रहित को सबसे ऊपर रखने, व्यापारिक क्षेत्र में मुनाफा का रास्ता बनाने और अर्थ व्यवस्था में प्रोटेक्सनिज्म को बढ़ावा देने के लिए जाने जाते हैं। इसी तर्ज पर राष्ट्रपति ट्रंप को भारत के सहारे दूसरे कार्यकाल के चुनाव में जीत, अमेरिकी कंपनियों के लिए भारत में कारोबार, रक्षा, विज्ञान एवं तकनीकी, सौर ऊर्जा, डेयरी पॉल्ट्री समेत अन्य क्षेत्रों में अवसर चाहिए। भारत भी अमेरिकी कंपनियों के लिए निवेश की बाट जोह रहा है। उम्मीद है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यात्रा के दौरान इन सभी जटिलताओं को एक दिशा मिल सकेगी।

विज्ञापन

केम छो ट्रंप....

केम छो... केम छो ट्रंप। गुजरात के अहमदाबाद में इसकी धुन तैयार हो रही है। हाऊडी मोदी कार्यक्रम की तर्ज पर मोटेरा स्टेडियम में राष्ट्रपति ट्रंप का अद्भुत तरीके से स्वागत होगा। गुजरात में वह कोई तीन घंटे रहेंगे। साबरमती आश्रम भी जाएंगे। चरखा म्यूजियम भी जाने का कार्यक्रम है। राष्ट्रपति की आगवानी के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद वहां होंगे। तीन घंटे बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।

विज्ञापन

ट्रंप की यात्रा.... और काम की बात

राष्ट्रपति ट्रंप की भारत यात्रा के दो बड़े उद्देश्य हैं। पहला उद्देश्य साल के अंत में होने वाले राष्ट्रपति के चुनाव में सियासी फायदा लेना है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हाउडी मोदी कार्यक्रम में एक बार फिर ट्रंप सरकार का नारा दे चुके हैं। राष्ट्रपति ट्रंप की पत्नी मिलानिया ट्रंप के साथ यात्रा करके इस अभियान को नई ऊर्जा देने वाले हैं। यहां आने से पहले उन्होंने मार्क जुकर बर्ग का हवाला देते हुए कहा कि फेसबुक पर फालोवर्स के मामले में नंबर एक हैं। प्रधानमंत्री मोदी नंबर दो। दो सप्ताह के भीतर होने वाली भारत यात्रा में वह इसे और आगे बढ़ाएंगे। यह भी दिलचस्प है कि जिस दिन राष्ट्रपति ट्रंप के 24-25 फरवरी को भारत आने की घोषणा हुई, उसी दिन अमेरिका ने महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए भारत को चीन समेत उन देशों की सूची में डाल दिया, जिन्हें अब विकासशील देशों को मिलने वाली सहूलियतें नहीं मिल पाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन


ट्रंप की यात्रा का दूसरा मकसद भारतीय कंपनियों के अमेरिका में निवेश का रास्ता साफ करना, वहां उत्पादन क्षेत्र को धार देना, रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इसके साथ-साथ भारत में अमेरिकी कंपनियों के निर्यात का रास्ता सुगम करना है। वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक अमेरिका भारत को उभरते हुए बाजार के रूप में देख रहा है। इसलिए वह निर्यात बढ़ाने के लिए इच्छुक है। खास बात यह है कि अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ कोई कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के आने की सूचना नहीं है। उन्होंने भी वाशिंगटन में कहा है कि वह भारत यात्रा के लिए उत्साहित हैं। संकेत दिया है कि अमेरिका के हित में देखेंगे तो भारत के साथ समझौते के लिए आगे बढ़ेंगे।

मिलना चाहते हैं भारतीय कारोबारी

टाटा समूह के प्रमुख रतन टाटा, भारत फोर्ज के बाबा साहब नीलकंठ कल्याणी, रिलायंस इंडस्ट्रीज के मुकेश भाई अंबानी, आडानी समूह के गौतम आडानी, महिंद्रा एंड महिन्द्रा समूह के आनंद महिन्द्रा और मदरसन सूमी के समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलना चाहते हैं। यह मुलाकात 25 फरवरी को दिल्ली में हो सकती है। इसकी कोशिशें चल रही हैं। टाटा समूह की उत्तरी अमेरिका में 13 कंपनियां चल रही है। करीब 35 हजार कर्मचारी वहां काम कर रहे हैं। 100 अरब रुपये का कारोबार करने वाला यह समूह अमेरिका में अपनी उत्पादन ईकाई को आगे बढ़ाना चाह रहा है। भारत फोर्ज रक्षा क्षेत्र की बड़ी कंपनी है। कंपनी के प्रमुख बाबा साहब नीलकंठ कल्याणी उत्तरी अमेरिका के कैरोलिना में प्लांट लगाकर निवेश करना ताहते हैं। महिन्द्रा ने एक अरब रुपये के निवेश की घोषणा कर रखी है।

वाणिज्य मंत्रालय, भारत सरकार अमेरिका के ट्रेड रिप्रजेंटेटिव के साथ अहम समझौतो, आपसी सहमति के रास्ते पर चर्चा कर रही है। हार्ले डेविसन का भारत में बड़ा बाजार है। अमेरिका के राष्ट्रपति भी चाहते हैं कि भारत इसके लिए ड्यूटी कम करे। इसको लेकर राष्ट्रपति ट्रंप प्रधानमंत्री मोदी पर तंज कस चुके हैं। वाणिज्य मंत्री पीयुष गोयल के साथ अमेरिकी ट्रेड रिप्रजेंटेटिव राबर्ट लाइथाइजर की चर्चा जारी है। उम्मीद है कि यहां से नए रास्ते निकलेंगे।

अमेरिका के लिए रक्षा क्षेत्र

अमेरिकी कंपनियों के लिए भारतीय रक्षा क्षेत्र काफी अहम है। अमेरिकी इंजन के सहारे भारतीय हल्का एवं उन्नत लड़ाकू विमान तेजस उड़ रहा है। फाइटर जेट निर्माणन की अग्रणी लॉकहीड मार्टिन (अमेरिकी) तेजस को घातक बनाने की इच्छुक है। बोइंग और लॉकहीड मार्टिन की नजर भारतीय वायुसेना द्वारा जारी 114 उन्नत लड़ाकू विमानों की आरएफपी पर है। अमेरिकी कंपनियां भारत क्षेत्र में बड़े रक्षा अवसर की लगातार तलाश कर रही हैं। समझा जा रहा है कि ट्रंप की यात्रा से उनके इस अभियान को बड़ी मजबूती मिलेगी। इसके लिए अमेरिकी कंपनियां भारत में मेक इन इंडिया कार्यक्रम को अपनाने के लिए तैयार हैं। भारत ईरान के मेजर जनरल सुलेमानी को मार गिराने वाले ड्रोन की तरह ड्रोन चाहता है। इस तरह से तमाम रक्षा सौदे भी अमेरिका के साथ संबंधों की बाट जोह रहे हैं।

सियासी फायदा... प्रधानमंत्री चाहते हैं उभरता भारत

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को साल के अंत में राष्ट्रपति चुनाव में जहां भारतवंशियों का समर्थन मिलने की उम्मीद है, वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उभरते भारत को लेकर लगातार तत्पर रहते हैं। दक्षिण एशिया और खासकर दिल्ली में ट्रंप की मौजूदगी माने रखती है। भारत, अमेरिका के बीच का यह रिश्ता पड़ोसी देश पाकिस्तान और चीन को खास संदेश देगा। तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयब एर्दोआन ने पाकिस्तान से कश्मीर को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया है। एर्दोआन के इस वक्तव्य को भारत ने आंतरिक मामले में हस्तक्षेप करार दिया है। पाकिस्तान लगातार कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय मुद्दे का रंग देने में जुटा है। समझा जा रहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप के साथ बनी सहमति इस दिशा में भी काफी मददगार साबित होगी। प्रधानमंत्री मोदी के साथ राष्ट्रपति ट्रंप की सहजता भी सामरिक साझीदार बन रहे अमेरिका के साथ प्रगाढ़ता के संकेत देगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed