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Maharashtra: 'कुछ नहीं चाहिए, बस मेरी बेटी का शव सौंप दो,' फैक्टरी के गेट पर इंतजार कर रहे पिता का छलका दर्द

Sun, 17 Dec 2023 06:34 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: निर्मल कांत Updated Sun, 17 Dec 2023 06:34 PM IST
सार

Maharashtra: महाराष्ट्र के नागपुर में एक विस्फोटक बनाने वाली एक फैक्टरी में नौ लोगों की मौत हो गई। मृतकों के परिजन प्रोडक्शन प्लांट के बाहर शव का इंतजार कर रहे हैं। 

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Don't want anything, just hand over my daughter's body: Man outside blast-hit Nagpur factory
पीड़ितों के परिजनों से मुलाकात करते उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस। - फोटो : एएनआई

विस्तार

नागपुर के पास विस्फोटक बनाने वाली फैक्टरी में हुए विस्फोट ने नीलकंठराव सहारे की दुनिया को हिलाकर रख दिया। चेहरे पर हैरानी भरे भाव और घबराहट के साथ वह फैक्टरी के गेट के बाहर आगे-पीछे घूम रहे हैं। दरअसल, सहारे की बेटी आरती (22 वर्षीय) भी उन नौ लोगों में शामिल हैं, जिनकी रविवार की सुबह यहां से करीब 35 किलोमीटर दूर बाजारगांव इलाके में सोलर इंडस्ट्रीज में हुए विस्फोट में मौत हो गई। वह अपने परिवार की एकमात्र कमाने वाली सदस्य थीं। 

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'मुझे कुछ नहीं चाहिए, बेटी का शव सौप दो...'
सहारे लकवे के कारण लंगड़ाकर चलते हैं। जबकि उनकी पत्नी बोलने में अक्षम हैं। आरती फैक्टरी में काम करके उनका समर्थन करती थीं। आरती की एक छोटी बहन भी है। सहारे ने कहा कि वह अपनी मृत बेटी को देखने के लिए सुबह साढ़े नौ बजे से कारखाने के गेट के बाहर इंतजार कर रहे हैं। परेशान पिता ने कहा, मुझे कुछ नहीं चाहिए, बस मेरी बेटी का शव सौंप दो।

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'अब भी परिसर के अंदर ही श्रमिकों के शव'
सूत्रों के मुताबिक, विस्फोट में मारे गए श्रमिकों के शव अभी भी परिसर के अंदर हैं। सोलर इंडस्ट्रीज फैक्टरी के प्रवेश द्वार पर कई एंबुलेंस तैनात हैं। स्थानीय लोगों और पीड़ितों के परिवार के सदस्यों ने फैक्टरी के प्रवेश द्वार का घेराव किया और मांग की कि उन्हें कारखाने के परिसर में प्रवेश करने की अनुमति दी जाए, जहां विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।

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दो बेटों की मां थी रुमिता, खेतिहर मजदूरी करते हैं पति
दो बच्चों की मां रुमिता उइके (32 वर्षीय) की भी इस औद्योगिक हादसे में मौत हो गई। प्रोडक्शन प्लांट के बाहर शव का इंतजार कर रहे उसके पिता देवीदास इरपति ने कहा कि उन्हें अन्य लोगों से दुर्घटना के बारे में पता चला। रुमिता विस्फोटक निर्माण इकाई के पास खैरी में रहती थी। रविवार को उसे धमनगांव स्थित अपने पैतृक गांव जाना था। देवादास ने बताया कि रुमिता के दो बेटे हैं और उसका पति खेतिहर मजदूरी का काम करता है। बेहोशी की हालत में देवीदास ने कहा, हमें नहीं पता कि रुमिता का शव हमें कब सौंपेंगे। हम यह उसका इंतजार कर रहे हैं। 
 

पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देगी सरकार
महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और मौतों पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार मृतकों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देगी। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस फैसले को मंजूरी दे दी है। फडणवीस ने कहा कि सोलर इंडस्ट्रीज में हुए विस्फोट में छह महिलाओं समेत नौ लोगों की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी कंपनी है जो सशस्त्र बलों के लिए ड्रोन और विस्फोटक बनाती है।

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