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West Bengal: 'लोगों के खिलाफ बुलडोजर चलाने में नहीं करते भरोसा', जज की टिप्पणी पर बोले कोलकाता मेयर

Sat, 29 Jul 2023 06:24 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 29 Jul 2023 06:24 PM IST
सार

West Bengal: कोलकाता के मेयर फरहाद हाकिम ने शनिवार को कहा कि शहर का नगर निकाय अवैध निर्माण के सख्त खिलाफ है, लेकिन लोगों के खिलाफ बुलडोजर का इस्तेमाल करने में विश्वास नहीं करता है।

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'Don't believe in using bulldozers against people': Kolkata mayor on judge's comment
फरहाद हाकिम - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कोलकाता के मेयर फरहाद हाकिम ने शनिवार को कहा कि शहर का नगर निकाय अवैध निर्माण के सख्त खिलाफ है, लेकिन लोगों के खिलाफ बुलडोजर का इस्तेमाल करने में विश्वास नहीं करता है। हाकिम कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय द्वारा की गई एक टिप्पणी का जवाब दे रहे थे, जिन्होंने कथित तौर पर कहा था कि नगर निगम (केएमसी) अगर शहर में एक अनाधिकृत इमारत को ध्वस्त नहीं कर सकता है तो उत्तर प्रदेश (यूपी) से एक बुलडोजर हासिल कर सकता है।

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मेयर ने पत्रकारों से कहा, 'हम अवैध निर्माण की अनुमति नहीं देते हैं, लेकिन इन स्थितियों से निपटने के लिए हम उचित प्रक्रिया का पालन करते हैं, न कि बल का पालन करते हैं।' न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने यह बयान एक अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि केएमसी ने अदालत के पूर्व के आदेश के बावजूद एक अवैध निर्माण को ध्वस्त नहीं किया है।
 

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यह मामला उत्तरी कोलकाता के मानिकतला मेन रोड पर अनधिकृत निर्माण की शिकायत से संबंधित है, जिसे उच्च न्यायालय ने 2018 में ध्वस्त करने का निर्देश दिया था। बाद में उच्च न्यायालय के समक्ष यह आरोप लगाया गया कि केएमसी द्वारा विध्वंस के बाद उसी स्थान पर अवैध निर्माण फिर से हो गया है। अदालत ने 2021 में फिर से निर्माण को ध्वस्त करने का आदेश दिया।
 

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उच्च न्यायालय के समक्ष एक अवमानना याचिका दायर की गई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि अनधिकृत निर्माण को ध्वस्त करने के आदेश के बावजूद इसका पालन नहीं किया गया। केएमसी के वकील आलोक घोष ने बताया कि मामले पर अगले सप्ताह फिर से सुनवाई होगी। 

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