{"_id":"63eaccd59e53584d6901183d","slug":"doctors-at-the-aiims-bhubaneswar-have-succeeded-in-replacing-all-four-joints-of-a-woman-2023-02-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"उपलब्धि: एम्स भुवनेश्वर के डॉक्टरों ने की इस तरह की दुनिया की दूसरी सर्जरी, प्रधानमंत्री ने की सराहना","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
उपलब्धि: एम्स भुवनेश्वर के डॉक्टरों ने की इस तरह की दुनिया की दूसरी सर्जरी, प्रधानमंत्री ने की सराहना
Tue, 14 Feb 2023 05:21 AM IST
वीरेंद्र शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
Published by: वीरेंद्र शर्मा
Updated Tue, 14 Feb 2023 05:21 AM IST
सार
एम्स के अधिकारियों ने बताया कि पीड़ित महिला के कूल्हों व घुटनों में गठिया की गंभीर समस्या थी। महिला की समस्या को दूर करने के लिए उसके चारों जोड़ों के प्रत्यारोपण की जरूरत थी। जांच के बाद महिला के चारों जोड़ों को एक बार में ही बदलने का फैसला किया गया।
विज्ञापन
एम्स भुवनेश्वर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भुवनेश्वर के डॉक्टरों ने 37 साल की एक महिला के चार जोड़ों को एकसाथ बदलने में सफलता हासिल की है। डॉक्टरों की इस उपलब्धि का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि यह अपनी तरह की दुनिया की दूसरी सर्जरी थी। महिला अब बिना सहारा चल सकती है।
एम्स के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि पीड़ित महिला के कूल्हों व घुटनों में गठिया की गंभीर समस्या थी। महिला की समस्या को दूर करने के लिए उसके चारों जोड़ों के प्रत्यारोपण की जरूरत थी। जांच के बाद महिला के चारों जोड़ों को एक बार में ही बदलने का फैसला किया गया। अधिकारियों ने कहा कि सर्जरी का खर्च राज्य सरकार ने बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना के तहत उठाया है। एम्स भुवनेश्वर ने ट्विटर पर संस्थान के डॉक्टरों की इस उपलब्धि को साझा किया। प्रधानमंत्री ने जवाबी ट्वीट में डॉक्टरों की उपलब्धि को सराहा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी दुर्लभ सर्जरी के लिए एम्स भुवनेश्वर की सराहना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, नवाचार व बदलावों को अपनाने में हमेशा आगे रहने के लिए हमारे डॉक्टर प्रशंसा के पात्र हैं। उनकी कार्य कुशलता हमें गौरवान्वित करती है।
रूमेटाइड अर्थराइटिस से पीड़ित थी महिला
केंद्रपाड़ा जिले के औल ब्लॉक निवासी महिला रूमेटाइड अर्थराइटिस से पीड़ित थी। वह कूल्हों व घुटनों के काम नहीं करने के कारण लगभग अपंग हो गई थी। एक सेटिंग में चार जोड़ों के प्रत्यारोपण में मरीज व सर्जन को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पहले कूल्हों का प्रत्यारोपण किया गया। इसके बाद घुटनों की सर्जरी हुई। ऑपरेशन तीन घंटे तक चला। दो दिन आईसीयू में रखने के बाद तीसरे दिन उसने चलना शुरू किया। डॉक्टरों ने कहा कि युवा होने के कारण महिला को एक साथ कई बीमारियों की समस्या नहीं थी, जो सकारात्मक पक्ष रहा।
विज्ञापन
पहला आॅपरेशन एम्स दिल्ली में
एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक आशुतोष बिस्वा ने बताया कि चारों जोड़ों के एक बार में प्रत्यारोपण के लिए इस प्रकार की पहली सर्जरी एम्स दिल्ली में हो चुकी है। संयोगवश वह मरीज भी ओडिशा का ही रहने वाला था। एम्स भुवनेश्वर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिलीप पारिदा ने बताया, एक ही बार में चारों जोड़ों की सर्जरी की जरूरत तब पड़ती है, जब एक या दो जोड़ों के प्रत्यारोपण से मरीज के चलने-फिरने में सक्षम होने की संभावना नहीं रहती।
विज्ञापन
एम्स के अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि पीड़ित महिला के कूल्हों व घुटनों में गठिया की गंभीर समस्या थी। महिला की समस्या को दूर करने के लिए उसके चारों जोड़ों के प्रत्यारोपण की जरूरत थी। जांच के बाद महिला के चारों जोड़ों को एक बार में ही बदलने का फैसला किया गया। अधिकारियों ने कहा कि सर्जरी का खर्च राज्य सरकार ने बीजू स्वास्थ्य कल्याण योजना के तहत उठाया है। एम्स भुवनेश्वर ने ट्विटर पर संस्थान के डॉक्टरों की इस उपलब्धि को साझा किया। प्रधानमंत्री ने जवाबी ट्वीट में डॉक्टरों की उपलब्धि को सराहा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी दुर्लभ सर्जरी के लिए एम्स भुवनेश्वर की सराहना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, नवाचार व बदलावों को अपनाने में हमेशा आगे रहने के लिए हमारे डॉक्टर प्रशंसा के पात्र हैं। उनकी कार्य कुशलता हमें गौरवान्वित करती है।
विज्ञापन
रूमेटाइड अर्थराइटिस से पीड़ित थी महिला
केंद्रपाड़ा जिले के औल ब्लॉक निवासी महिला रूमेटाइड अर्थराइटिस से पीड़ित थी। वह कूल्हों व घुटनों के काम नहीं करने के कारण लगभग अपंग हो गई थी। एक सेटिंग में चार जोड़ों के प्रत्यारोपण में मरीज व सर्जन को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पहले कूल्हों का प्रत्यारोपण किया गया। इसके बाद घुटनों की सर्जरी हुई। ऑपरेशन तीन घंटे तक चला। दो दिन आईसीयू में रखने के बाद तीसरे दिन उसने चलना शुरू किया। डॉक्टरों ने कहा कि युवा होने के कारण महिला को एक साथ कई बीमारियों की समस्या नहीं थी, जो सकारात्मक पक्ष रहा।
विज्ञापन
पहला आॅपरेशन एम्स दिल्ली में
एम्स भुवनेश्वर के कार्यकारी निदेशक आशुतोष बिस्वा ने बताया कि चारों जोड़ों के एक बार में प्रत्यारोपण के लिए इस प्रकार की पहली सर्जरी एम्स दिल्ली में हो चुकी है। संयोगवश वह मरीज भी ओडिशा का ही रहने वाला था। एम्स भुवनेश्वर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. दिलीप पारिदा ने बताया, एक ही बार में चारों जोड़ों की सर्जरी की जरूरत तब पड़ती है, जब एक या दो जोड़ों के प्रत्यारोपण से मरीज के चलने-फिरने में सक्षम होने की संभावना नहीं रहती।