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फर्जी टीकाकरण घोटाला: शिवम अस्पताल के डॉक्टर दंपती गिरफ्तार
Sat, 26 Jun 2021 03:21 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 26 Jun 2021 03:21 AM IST
सार
मुंबई पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (एसआईटी) गठित कर दी है
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social Media
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विस्तार
मुंबई में फर्जी टीकाकरण रैकेट में हाईप्रोफाइल डॉक्टरों से भी तार जुड़ रहे हैं। पुलिस ने शुक्रवार को कांदिवली स्थित शिवम अस्पताल के डॉक्टर दंपती डॉ. शिवराज पटारिया और डॉ. नीता पटारिया को गिरफ्तार किया है। अब तक कुल 10 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। हालांकि इसका सूत्रधार अभी तक पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
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संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून- व्यवस्था) विश्वास नागरे पाटिल ने शुक्रवार को कहा, जांच के अनुसार शिवम अस्पताल को मुहैया कराए गए वैक्सीन ही हीरानंदानी हेरिटेज सोसायटी समेत अन्य स्थानों पर लगाए गए टीकाकरण शिविर में इस्तेमाल किए गए।
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पटारिया दंपती और डॉ. मनीष त्रिपाठी इस पूरे रैकेट में शामिल रहे। पुलिस ने पटारिया दंपती को गिरफ्तार किया गया है जबकि डॉ. त्रिपाठी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट की शरण ली है।
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जांच में पता चला है कि राज्य सरकार की ओर से शिवम अस्पताल को टीकाकरण के लिए 17,100 वायल कोविशील्ड और 6250 कोवाक्सिन के वायल दिए गए थे। जिसमें से 16,884 वायल कोविशील्ड और 5040 कोवाक्सिन अस्तपाल के रिकॉर्ड में हैं। लेकिन बचे हुए 216 कोविशील्ड के वैक्सीन बिना किसी अनुमति के संजय गुप्ता, महेंद्र सिंह और राजेश पांडेय के जरिये शिविरों में इस्तेमाल किए गए।
जबकि अस्पताल को 30 अप्रैल तक ही टीकाकरण करने की अनुमति थी। यह भी पता चला है कि नर्सिंग के अंतिम वर्ष के कुछ छात्र-छात्रों को भी प्रैक्टिकल में अच्छे नंबर का झांसा देकर इस फर्जीवाड़े में शामिल किया गया।
खाली शीशियों में डिस्टिल्ड वॉटर भरकर लगा दिया टीका
फर्जी टीकाकरण मामले में गिरफ्तार एक आरोपी ने पुलिस को बताया है कि टीके की खुराक कम पड़ने पर मिलावटी टीकों का भी इस्तेमाल किया गया। हालांकि जो वैक्सीन दी गई है वह मिलावटी है या नहीं, इसको लेकर अभी तक पुलिस के पास ऐसे ठोस सबूत नहीं हैं। लेकिन पुलिस को आशंका है कि वैक्सीन की खाली शीशियों में डिस्टिल्ड वॉटर भी हो सकता है।
पाटिल ने कहा, डीसीपी विशाल ठाकुर के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है। जल्द ही इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश किया जाएगा।
अब तक सात एफआईआर दर्ज
मुंबई में फर्जी टीकाकरण के अब तक अलग-अलग स्थानों पर सात एफआईआर दर्ज किए गए हैं जबकि 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही, 12 लाख 40 हजार रुपये और 114 फर्जी वैक्सनेशन प्रमाण पत्र भी जब्त किए गए हैं।
इस मामले में पुलिस ने महेंद्र प्रताप सिंह (39), संजय गुप्ता (29), चंदन सिंह (32), मोहम्मद करीम अकबर अली (19), गुड़िया यादव (24), डॉ. शिवराज पटारिया (61), डॉ. नीता पटारिया (60), श्रीकांत माने (39) और सीमा अहुजा (42) को गिरफ्तार किया है।