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अमेरिकी विशेषज्ञ डॉ. फॉसी की राय: संक्रमण श्रृंखला तोड़ने के लिए कुछ सप्ताह का लॉकडाउन जरूरी
Sun, 02 May 2021 07:13 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sun, 02 May 2021 07:13 AM IST
सार
- अमेरिकी महामारी विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फॉसी की राय, देश को अस्थायी रूप से तत्काल बंद करना जरूरी
- ऑक्सीजन और पीपीई किट्स, चिकित्सकीय सामानों की उपलब्धता पर भी फोकस करना होगा
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Dr. Anthony Fauci
- फोटो : Twitter
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विस्तार
अमेरिका के शीर्ष महामारी विशेषज्ञ डॉ. एंथनी फॉसी ने कोरोना संक्रमण फैलने से रोकने के लिए भारत में तत्काल कुछ सप्ताह का लॉकडाउन लगाने की सलाह दी है। अमेरिकी नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एनर्जी एंड इन्फेशियस डिसीसेस के निदेशक और अमेरिकी राष्ट्रपति के मुख्य स्वास्थ्य सलाहकार डॉ. फॉसी ने कहा, संभवत जीत की घोषणा जल्दी कर दी गई थी। संक्रमण रोकने के लिए उन्होंने तत्काल मध्यवर्ती और लंबी अवधि में किए जाने वाले उपायों के तीन चरणों का जिक्र किया।
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अमेरिकी महामारी विशेषज्ञ डॉक्टर फॉसी की राय, देश को अस्थायी रूप से तत्काल बंद करना जरूरी
डॉ. एंथनी फॉसी ने एक साक्षात्कार में कहा, कोरोना की भयावहता के मद्देनजर भारत को संकट समूह बनाना चाहिए, जो बैठक करें और चीजों को संगठित करना शुरू करें। महामारी विशेषज्ञ ने कहा, देश को तत्काल अस्थायी रूप से बंद करना जरूरी है। साथ ही ऑक्सीजन और पीपीई किट्स, चिकित्सकीय सामानों की उपलब्धता पर भी फोकस करना होगा।
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फॉसी ने चीन की मिसाल देते हुए कहा, एक साल पहले तेजी से संक्रमण फैलने पर उसने पूरी तरह लॉकडाउन कर दिया था। जरूरी नहीं कि 6 महीने की बंदी हो। संक्रमण का सिलसिला रोकने के लिए कुछ सप्ताह का लॉकडाउन भी पर्याप्त होगा।
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मैं आलोचना में नहीं फंसता, ये मेरा काम नहीं
यदि आप मोदी सरकार में होते तो देश में संक्रमण को रोकने के लिए क्या कदम उठाते? इस पर डॉ. फॉसी ने कहा कि सबसे पहले तो मैं इस आलोचना में शामिल नहीं होता कि भारत ने इसे पूरे मामले को कैसे संभाला है। ऐसा करने से यह राजनीतिक मुद्दा बन जाता। मैं ऐसा नहीं करना चाहता। क्योंकि मैं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ा हूं और मैं कोई राजनेता नहीं हूं।
वैक्सीन एक उपाय लेकिन असर में देरी
उन्होंने कहा कि पहले यह देखना होगा कि तुरंत आप कौन से कदम उठा सकते हैं या इसके बाद अगले 2 सप्ताह में कौन से कदम उठा सकते हैं। लोगों को वैक्सीन लगाना एक उपाय हो सकता है। यह जरूरी भी है लेकिन फिलहाल यह लोगों की ऑक्सीजन, अस्पताल में एडमिट होने और इलाज से जुड़ी मौजूदा समस्या को कम नहीं करेगा। इसकी वजह है वैक्सीन का असर होने में समय लगता है।
दूसरे डोज का होता है फायदा
उन्होंने बताया कि वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने से फायदा दिखता है। इसमें संक्रमण का खतरा कम होगा और प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होना शामिल है। विशेषज्ञ ने कहा, जिन लोगों ने एक खुराक टीका लगवा लिया है उनके लिए कोर्स पूरा करना जरूरी है ताकि वायरस से उनकी अधिकतम रक्षा हो सके।
जंग जीतने को तीन चरणों की तैयारी
1. तत्काल
ऑक्सीजन, दवाइयों से जुड़ी समस्या दूर करें
डॉक्टर फॉसी ने कहा कि एक आयोग या इमरजेंसी ग्रुप बनाना चाहिए जो ऑक्सीजन प्राप्त करने, अन्य मेडिकल सप्लाई, दवाइयां, उपकरणों की सप्लाई से जुड़ी प्लानिंग कर सकें। इस काम में अन्य देशों के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन की मदद ली जा सकती है। दूसरे देशों को मदद करनी चाहिए क्योंकि भारत ने भी दूसरे देशों के प्रति उदारता दिखाई है।
2. मध्यवर्ती चरण :
चीन की तरह बनाएं अस्थायी अस्पताल
चीन ने कुछ सप्ताह के अंदर ही अस्थायी अस्पताल तैयार कर लिए थे। ऐसे ही भारत में होना चाहिए। भारत में भी लोग अस्पताल और इलाज ढूंढ रहे हैं। इसमें अमेरिका की तर्ज पर सेना की मदद ली जा सकती है। अमेरिका ने वैक्सीन वितरण में नेशनल गार्ड की मदद ली थी।
3. दीर्घकालीन कदम
लंबी अवधि में वैक्सीन ही कारगर
डॉक्टर फॉसी ने कहा कि लंबी अवधि में मैं लोगों को वैक्सीन लगाने पर ही जोर देता। भारत जैसे अधिक आबादी वाले देश में अभी महज 2 फीसदी लोगों को ही वैक्सीन लग पाई है। यह स्थिति बहुत गंभीर है। आपको अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगवानी होगी।