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कोरोना संक्रमित को कोरोना पीड़ित न कहें, स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की एडवाइजरी
Wed, 08 Apr 2020 11:08 PM IST
अमित कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
Published by: अमित कुमार
Updated Wed, 08 Apr 2020 11:08 PM IST
सार
- कोरोना संक्रमित लोगों को सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ रहा
- स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षा बलों से भी हुए अभद्र व्यवहार
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स्वास्थ्यकर्मियों को भी झेलना पड़ रहा भेदभाव
- फोटो : amar ujala
विस्तार
देश के अलग-अलग हिस्सों में कोरोना वायरस के मोर्चे पर डटे स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षा बलों के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं। कई जगहों पर ऐसा अभद्र व्यवहार करने वालों के खिलाफ मामले भी दर्ज किए गए हैं।
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कोरोना संक्रमित लोगों को भी सामाजिक भेदभाव का सामना करना पड़ रहा है और जो लोग संक्रमण से मुक्त होकर अपने घर पहुंच रहे हैं, उन्हें भी अपने आसपास के लोगों के अनुचित व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को एक एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि कोरोना संक्रमित लोगों या स्वास्थ्यकर्मियों के प्रति इस तरह का व्यवहार सही नहीं है।
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स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश के नागरिकों को सुझाया है कि कोरोना एक संक्रामक बीमारी है। यह किसी को भी हो सकती है, लेकिन इसी के साथ यह सच है कि सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए इससे बचा जा सकता है। इससे लड़ने वाले स्वास्थ्यमर्मियों और सुरक्षा बलों का सम्मान किया जाना चाहिए क्योंकि वे इस बीमारी से लड़ने में बेहद महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। अगर किसी को कोई संक्रामक बीमारी हो जाती है तो यह किसी भी प्रकार से उनकी गलती नहीं है और इसलिए किसी व्यक्ति से भेदभाव नहीं किया जाना चाहिए।
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ऐसे मामले में क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए? इसकी जानकारी देते हुए मंत्रालय ने कहा है कि सभी स्वास्थ्यकर्मी जो इस कार्य में सीधे जुड़े हुए हैं, वे विशेष पीपीई किट पहनकर किसी भी संक्रमण से मुक्त रहते हैं और उनके किसी संक्रमण के प्रभाव में आने की आशंका न के बराबर होती है। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों से किसी तरह का भेदभाव उचित नहीं है।
लोगों से किसी भ्रामक अफवाह से खुद को बचाने और ऐसे संदेशों को आगे भेजने से बचने की सलाह दी है। किसी भी क्षेत्र या किसी समुदाय विशेष के लोगों को कोरोना से जोड़ने से बचने की भी सलाह दी गई है। कोरोना संक्रमण का सामना कर रहे लोगों को ‘कोरोना पीड़ित’ कहने की बजाय ‘कोरोना से स्वस्थ होते हुए व्यक्ति’ के रूप में परिचय कराने की बात भी कही गई है।