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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   DNA collection of sugar cane

अब गन्ने की हर प्रजाति का होगा रिकॉर्ड, किया जाएगा डीएनए संग्रह

Tue, 12 Apr 2016 03:32 AM IST
पुनीत शर्मा/ अमर उजाला, मुरादाबाद
पुनीत शर्मा/ अमर उजाला, मुरादाबाद Updated Tue, 12 Apr 2016 03:32 AM IST
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DNA collection of sugar cane

प्रदेश में गन्ने की सभी प्रचलित प्रजातियों का डीएनए सुरक्षित रखा जाएगा। गन्ने की प्रजातियों को लेकर लगातार हो रहे विवादों के मद्देनजर ऐसा किया जा रहा है। चीनी मिलें अक्सर अगैती किस्मों को सामान्य बताकर गन्ने की कीमतें कम कर देती हैं।

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किसानों के साथ तब बड़ा धोखा होता है, जब मिलें सामान्य प्रजाति के गन्ने को खरीदने से ही इंकार कर देती हैं। नई व्यवस्था से गन्ने की प्रामाणिक पहचान होने के बाद विवादों के निस्तारण आसान होगा और चीनी मिलें किसानों को छल नहीं पाएंगी।
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उत्तर प्रदेश में गन्ने की 50 प्रजातियों की बुआई होती है। इनमें 23 अगैती जबकि 27 सामान्य प्रजातियां हैं। गन्ना शोध संस्थान नई किस्मों को भी लांच करता है। शुगर लॉबी भी नई किस्में किसानों को देती है।
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गन्ने की प्रजातियों को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार विवाद हो रहे हैं। मिलें अगैती किस्मों को सामान्य बताकर गन्ने के रेट कम लगाती हैं। सामान्य प्रजाति को ‘रिजेक्ट’ करके खरीदने से ही इंकार कर दिया जाता है।

मौजूदा पेराई सत्र में भी प्रजातियों को लेकर कई इलाकों में बवाल हुआ। गन्ना विभाग ने अब इस विवाद का हल खोज निकाला है। अब सभी गन्ना किस्मों का डीएन रिकॉर्ड रखा जाएगा। गन्ना शोध परिषदों में हर किस्म की वैज्ञानिक पहचान मौजूद होगी। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 

कई पुरानी किस्में नए नाम से हुईं लांच
गन्ना विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन प्रजातियों को गन्ना शोध संस्थानों ने लांच किया था, वही किस्में चीनी मिलों द्वारा नए नामों से किसानों के बीच उतार दी जाती हैं। वैज्ञानिक प्रमाण न होने से ऐसी समस्याओं को लेकर दावे भी नहीं होते हैं। लेकिन अब हर प्रजाति का जेनेटिक रिकॉर्ड होगा और ऐसी समस्याओं पर लगाम लगेगी। 


‘गन्ना शोध संस्थान में गन्ने की हर प्रजाति का डीएनए सुरक्षित रखा जाएगा। इस पर काम शुरू हो गया है। इससे गन्ने की प्रजातियों को लेकर शुगर लॉबी की मनमानी पर लगाम लगेगी। अगर मिलें अगैती किस्म को सामान्य बताकर किसानों को छलने की कोशिश करेंगी तो डीएनए से मिलान करके असलियत पता की जा सकेगी।’         
- वीके शुक्ल (अपर गन्ना आयुक्त मुख्यालय)     

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