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Karnataka: डिप्टी सीएम शिवकुमार के खिलाफ जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची सीबीआई, सरकार के फैसले को दी चुनौती
Wed, 23 Oct 2024 07:08 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Wed, 23 Oct 2024 07:08 AM IST
सार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता वाली वर्तमान कर्नाटक कैबिनेट ने 23 नवंबर 2023 को कहा था कि शिवकुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच के लिए सीबीआई को सहमति देने का पिछली भाजपा सरकार का 2019 का कदम कानून के अनुसार नहीं था।
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सीबीआई
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच के लिए दी गई सहमति वापस लेने के कर्नाटक सरकार के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
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मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता वाली वर्तमान कर्नाटक कैबिनेट ने 23 नवंबर 2023 को कहा था कि शिवकुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले की जांच के लिए सीबीआई को सहमति देने का पिछली भाजपा सरकार का 2019 का कदम कानून के अनुसार नहीं था। 29 अगस्त को कर्नाटक हाईकोर्ट ने कांग्रेस सरकार के सहमति वापस लेने के फैसले को चुनौती देने वाली सीबीआई और भाजपा विधायक बसनगौड़ा पाटिल यतनाल की दायर याचिका को कायम न रखने योग्य करार दिया था।
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हालांकि, पाटिल ने हाईकोर्ट के आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी थी। 17 सितंबर को जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ ने पाटिल की याचिका पर शिवकुमार और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। 29 अगस्त को हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी। इसमें राज्य सरकार के 26 दिसंबर 2023 के आदेश को भी चुनौती दी गई थी, जिसमें 74.93 करोड़ रुपये के आय से अधिक मामले को जांच के लिए लोकायुक्त को भेजा गया था। सीबीआई ने आरोप लगाया था कि शिवकुमार ने 2013 से 2018 के बीच अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की है। इस अवधि के दौरान वह पिछली कांग्रेस सरकार में मंत्री थे।
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