दिल्ली के बाद पटाखों पर सख्त हुआ महाराष्ट्र, केवल फुलझड़ी-अनार जलाने की दी छूट
दीपों के त्योहार दिवाली पर देशभर में लोग पटाखे जलाकर अपनी खुशी जाहिर करते हैं। पटाखों से वायु प्रदूषण बढ़ता है। साथ ही कोविड-19 के मरीजों पर भी इसका प्रभाव पड़ेगा। इसे लेकर कुछ राज्य सरकारों ने पटाखों पर प्रतिबंध लगा दिया है। दिल्ली के बाद महाराष्ट्र और हरियाणा में इसका असर दिखाई दे रहा है।
मुंबई की बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने एक सर्कुलर जारी किया है। इसके मुताबिक निजी और सार्वजनिक जगहों पर पटाखा जलाने पर रोक है। हालांकि सिर्फ 14 नवंबर को प्राइवेट सोसाइटी में रहने वाले लोगों को फुलझड़ी और अनार जैसे पटाखे का उपयोग करने की छूट दी गई है। निवासी रात के आठ बजे से केवल 10 बजे तक ही पटाखों को जला सकते हैं।
Brihanmumbai Municipal Corporation (BMC) bans bursting of firecrackers in public places under its jurisdiction. Use of soundless firecrackers like 'phooljhadi', 'anar' allowed between 8pm till 10 pm on Diwali only.
— ANI (@ANI) November 9, 2020
बीएमसी की तरफ से अपील की गई है कि इस दिवाली सभी बिना पटाखों का त्योहार मनाएं, ताकि मुंबई को प्रदूषण और कोरोना वायरस की लहर से बचाया जा सके। साथ ही कहा गया है कि बाहर निकलते समय मास्क पहनें, सामाजिक दूरी का पालन करें और भीड़ एकत्रित ना होने दें। यदि सोसाइटी से बाहर निकल रहे हैं तो नियमों का पालन करें।
इससे पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लोगों से अपील की थी कि दिवाली ध्यान से मनाएं और पटाखे जलाने से बचें। महाराष्ट्र के बाद हरियाणा सरकार ने भी सख्त रूप अपनाते हुए केवल दो घंटे पटाखे जलाने की छूट दी है। हरियाणा के निवासी दिवाली और गुरुपर्व के दिन रात 8 बजे से 10 बजे तक पटाखे जला सकेंगे। वहीं क्रिसमस और नए साल के मौके पर रात को 11.55 से 12.30 बजे तक ही पटाखे जलाने की अनुमति है।
Use of firecrackers allowed only between 8 pm till 10 pm on Diwali and Gurupurab, and 11.55 pm till 1230 am on Christmas and New Year's eve: Haryana Government pic.twitter.com/nunxZRmdIB
— ANI (@ANI) November 9, 2020