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पानी पर रार: कावेरी पैनल ने कर्नाटक सरकार को तमिलनाडु को पानी देने के दिए निर्देश, सिद्धारमैया ने जताई आपत्ति
Fri, 12 Jul 2024 08:32 PM IST
मेघा झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: मेघा झा
Updated Fri, 12 Jul 2024 08:32 PM IST
सार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को कहा कि कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) द्वारा राज्य को इस महीने के अंत तक प्रतिदिन एक टीएमसीएफटी कावेरी नदी का पानी तमिलनाडु को छोड़ने के निर्देश के खिलाफ अपील दायर की जाएगी।
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कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया
- फोटो : ANI
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विस्तार
कर्नाटक और तमिलनाडु में पानी को लेकर जंग छिड़ गई। कावेरी जल विनियमन समिति द्वारा कर्नाटक सरकार को निर्देश दिए गए थे कि वे कावेरी नदी का पानी तमिलनाडु को छोड़े। जिस पर कर्नाटक मुख्यमंत्री ने आपत्ति जताई है और इस आदेश के खिलाफ अपील दायर करने की चेतावनी दी है।
जल संसाधन मंत्री और कर्नाटक उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कावेरी नदी बेसिन क्षेत्र के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि राज्य की अगली कार्रवाई पर निर्णय लेने के लिए 14 जुलाई को एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, "इस बार सामान्य बारिश के पूर्वानुमान के बावजूद 28 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने बताया कि हमने सीडब्ल्यूआरसी के समक्ष यह स्पष्ट रूप से बताया है। इसके अलावा हमने जुलाई के अंत तक उनसे कोई निर्णय न लेने का अनुरोध किया है। बावजूद सीडब्ल्यूआरसी ने 12 जुलाई से प्रतिदिन एक टीएमसीएफटी पानी छोड़ने के निर्देश दे दिए। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में सर्वसम्मति से यह तय हुआ कि सरकार को कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के समक्ष इस आदेश के खिलाफ अपील दायर करनी चाहिए।
बैठक में ये होंगे शामिल
14 जुलाई को होने वाली सर्वदलीय बैठक में केंद्रीय मंत्री, राज्य से लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य और कावेरी नदी बेसिन क्षेत्र के विधायकों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बताया कि सरकार सभी को विश्वास में लेकर अपना अगला कदम तय करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, "कर्नाटक के जल मुद्दे पर सभी दल एक साथ हैं। इसलिए 14 जुलाई को एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी।"
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जुलाई के अंत तक इंतजार का किया अनुरोध
कर्नाटक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि बिलिगुंडलू में तमिलनाडु को 5000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है जो काबिनी बांध में आने वाले पानी के बराबर है। उन्होंने बताया कि राज्य में कावेरी बेसिन के सभी चार जलाशयों में कुल मिलाकर केवल 60 टीएमसीएफटी पानी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि "हमें कृषि गतिविधियों के लिए भी पानी उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। इसलिए, कम बारिश को ध्यान में रखते हुए, हमने जुलाई के अंत तक इंतजार करने का अनुरोध किया है।"
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जल संसाधन मंत्री और कर्नाटक उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कावेरी नदी बेसिन क्षेत्र के मंत्रियों और अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि राज्य की अगली कार्रवाई पर निर्णय लेने के लिए 14 जुलाई को एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा, "इस बार सामान्य बारिश के पूर्वानुमान के बावजूद 28 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने बताया कि हमने सीडब्ल्यूआरसी के समक्ष यह स्पष्ट रूप से बताया है। इसके अलावा हमने जुलाई के अंत तक उनसे कोई निर्णय न लेने का अनुरोध किया है। बावजूद सीडब्ल्यूआरसी ने 12 जुलाई से प्रतिदिन एक टीएमसीएफटी पानी छोड़ने के निर्देश दे दिए। उन्होंने कहा कि आज की बैठक में सर्वसम्मति से यह तय हुआ कि सरकार को कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण (सीडब्ल्यूएमए) के समक्ष इस आदेश के खिलाफ अपील दायर करनी चाहिए।
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बैठक में ये होंगे शामिल
14 जुलाई को होने वाली सर्वदलीय बैठक में केंद्रीय मंत्री, राज्य से लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य और कावेरी नदी बेसिन क्षेत्र के विधायकों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने बताया कि सरकार सभी को विश्वास में लेकर अपना अगला कदम तय करेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा, "कर्नाटक के जल मुद्दे पर सभी दल एक साथ हैं। इसलिए 14 जुलाई को एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की जाएगी।"
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जुलाई के अंत तक इंतजार का किया अनुरोध
कर्नाटक मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि बिलिगुंडलू में तमिलनाडु को 5000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है जो काबिनी बांध में आने वाले पानी के बराबर है। उन्होंने बताया कि राज्य में कावेरी बेसिन के सभी चार जलाशयों में कुल मिलाकर केवल 60 टीएमसीएफटी पानी उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि "हमें कृषि गतिविधियों के लिए भी पानी उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। इसलिए, कम बारिश को ध्यान में रखते हुए, हमने जुलाई के अंत तक इंतजार करने का अनुरोध किया है।"