स्वाति सिंह बोली, न किसी पार्टी में जाऊंगी न चुनाव लडूंगी
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बसपा सुप्रीमो मायावती पर अभद्र टिप्पणी से चर्चा में आए पूर्व भाजपा नेता दयाशंकर सिंह की पत्नी स्वाति सिंह रविवार को स्वाभिमान सम्मान बचाओ सम्मेलन में जमकर गरजीं। उन्होंने कहा कि वह कोई राजनीतिक पार्टी ज्वाइन नहीं कर रहीं और न ही कोई चुनाव लड़ रहीं।
लोग तरह-तरह की अफवाहें उड़ा रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बहन बेटियों का अपमान करने वाली बसपा का बहिष्कार करें। वहीं दयाशंकर सिंह ने कहा कि पैसे की खातिर बसपा दिन में तीन बार टिकट बदल सकती है। यही पार्टी यदि प्रदेश में सत्ता में आ गई तो गुंडे-माफिया ही सरकार चलाएंगे।
सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव टीकरी खुर्द में आयोजित सम्मेलन में स्वाति ने कहा कि उनके पति दयाशंकर सिंह ने जो कहा था, उसकी सजा उन्होंने पाई। लेकिन उनकी और उनकी मासूम बेटी की क्या खता थी, जो उन्हें लखनऊ में सरकार की नाक की नीचे बसपाइयों के एक समूह ने शब्दों से बेइज्जत किया। उन्होंने कहा कि बहन-बेटी सबकी समान होती हैं।
किसी ने सिंहनी तो किसी ने रानी लक्ष्मीबाई कहा
स्वाति ने कहा कि नाबालिग के खिलाफ गलत टिप्पणी करने वाले नसीमुद्दीन सिद्दीकी पर पॉक्सो एक्ट क्यों नहीं लगा, जबकि सीडी में सब कुछ साफ है। उनको सरकार ने सुरक्षा प्रदान की, लेकिन फिर एकाएक हटा ली गई, आखिर क्यों?
दयाशंकर सिंह ने कहा कि जब बसपा की सरकार नहीं है तो गुंडागर्दी का ये हाल है। अगर सरकार बनी तो क्या हाल होगा, इसकी कल्पना की जा सकती है।
सम्मेलन में वक्ताओं ने स्वाति को सिंहनी, रानी लक्ष्मीबाई जैसी उपाधियों से अलंकृत किया। स्वाति ने कहा कि बसपा उन पर आरोप लगाती है कि नेता बनने को सब किया जा रहा है, लेकिन बसपा नेता भूल रहे हैं कि बहन-बेटियों की रक्षा करना हर भारतीय का कर्तव्य है।