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Devgiri Fort Fire: देवगिरि किले में आग लगने की घटना के बाद बवाल, ज्वलनशील सामान अंदर लाने पर रोक लगाने की मांग

Thu, 17 Apr 2025 12:44 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: शुभम कुमार Updated Thu, 17 Apr 2025 12:44 PM IST
सार

बीते आठ अप्रैल को छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित प्रसिद्ध देवगिरि किले में लगी आग के बाद भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत न्यास ने किले की सुरक्षा के लिए कुछ अहम मांग की है। साथ ही अपना कुछ सुझाव भी दिया है, जिससे इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके। 

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Devgiri fort fire: Don't allow visitors to carry flammable items, says INTACH News In Hindi
देवगिरि किला - फोटो : iStock

विस्तार

छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित प्रसिद्ध देवगिरि किला में हाल ही में आग लगने की घटना के बाद भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत न्यास (INTACH) ने सुरक्षा के लिए कई अहम मांग किए है। साथ ही इस प्रकार की घटनाओं से बचने के लिए कुछ मुख्य सुझाव भी दिए हैं। बता दें कि बीते 8 अप्रैल को किले के ऊपरी हिस्से बारादरी की छत पर उगी सूखी घास में आग लग गई थी। यह आग बाद में वहां बने लकड़ी के ढांचों तक फैल गई, जिससे नुकसान हुआ। इस आग से वन्यजीव खासकर बंदर प्रभावित हुए।

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एएसआई के अधिकारियों से मिली INTACH की टीम
इसी सिलसिले में INTACH की एक टीम ने बुधवार को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारियों से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा। इसमें उन्होंने मांग की कि किले में आने वाले पर्यटकों को कोई भी ज्वलनशील सामान (जैसे माचिस, लाइटर, सिगरेट, बीड़ी आदि) लाने से रोका जाए। साथ ही प्लास्टिक की बोतलों पर भी प्रतिबंध लगाने की बात कही गई।

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INTACH  ने दिया अहम सुझाव
एएसआई के अधिकारियों से मुलाकात के दौरान INTACH की टीम ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इसमें उन्होंने कहा कि किले के अंदर घास, सूखी लकड़ियां और प्लास्टिक कचरे को समय-समय पर हटाया जाए, खासकर गर्मियों से पहले। परिसर में आने वाले हर व्यक्ति की सख्त जांच की जाए, ताकि कोई ज्वलनशील चीज न ला सके।

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प्लास्टिक की बोतलों पर लगे प्रतिबंध
इसके साथ ही INTACH ने सुझाव दिए कि किले में प्लास्टिक की बोतलों पर प्रतिबंध लगे। महाराष्ट्र अग्नि निवारण और जीवन सुरक्षा अधिनियम, 2006 का पालन हो। साथ ही आपात स्थिति के लिए किले में छोटे पानी के टैंकरों के आने-जाने के रास्ते हमेशा खुले और साफ रखे जाएं। गौरतलब है कि देवगिरि किला छत्रपति संभाजीनगर शहर से करीब 16 किलोमीटर दूर है और यह कभी यादव राजवंश की राजधानी रहा था। यह जगह आज भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसीलिए इसके संरक्षण और सुरक्षा को लेकर INTACH ने यह कदम उठाया है।

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