महाराष्ट्र LIVE: अजित पर शरद पवार ने की बड़ी कार्रवाई, एनसीपी विधायकों को होटल भेजा
- महाराष्ट्र में बड़ा सियासी उलटफेर, भाजपा-अजित पवार ने बनाई सरकार
- देवेंद्र फडणवीस दोबारा बने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, अजित पवार उप मुख्यमंत्री बने
- फडणवीस सरकार को 30 नवंबर तक बहुमत साबित करना होगा
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विस्तार
महाराष्ट्र में सियासी रस्साकशी के बीच भाजपा ने बाजी मारते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ मिलकर सरकार बना ली। देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार सुबह राजभवन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में दोबारा शपथ ली। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने एनसीपी के अजित पवार को भी उप मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। राज्यपाल ने फडणवीस सरकार को 30 नवंबर तक बहुमत साबित करने का समय दिया है। लेकिन तब से अबतक सियासी घटनाक्रम इस कदर आगे बढ़ता रहा कि पूरी तस्वीर ही बदल गई। अबतक का अपडेट-
Supreme Court to hear on tomorrow at 11.30 am the joint plea of Shiv Sena, Nationalist Congress Party and Indian National Congress against the decision of Maharashtra Governor inviting Devendra Fadnavis to form the government on November 23. pic.twitter.com/Be4lMgmSNH Senior Advocate Devadutt Kamat for Congress-NCP-Shiv Sena: In our petition, we requested SC for an urgent direction for a Floor Test to be held tomorrow itself. We are hopeful the Supreme Court will hear us. Our petition has been numbered. pic.twitter.com/epo2HuCR8M NCP sources: Nationalist Congress Party (NCP) MLAs being shifted to Renaissance Hotel in Mumbai. #Mumbai pic.twitter.com/N9wcmOmMPN Mumbai: Shiv Sena leaders Milind Narvekar and Eknath Shinde brought with them 2 NCP MLAs Sanjay Bansod and Babasaheb Patil at YB Chavan Center from the Mumbai airport. The two NCP MLAs are said to be with NCP leader Ajit Pawar. https://t.co/UAzUctBtBf Shiv Sena: Shiv Sena has filed a writ petition in the Supreme Court against Devendra Fadnavis and Ajit Pawar taking oath as CM and Deputy CM of Maharashtra respectively. #Maharashtra pic.twitter.com/AoyIwrp48T Mumbai: Nationalist Congress Party meet underway at YB Chavan Centre; NCP Chief Sharad Pawar present at the meeting. pic.twitter.com/kP70VKlGjg Maharashtra: 42 NCP MLAs are present in the meeting with NCP Chief Sharad Pawar, at YB Chavan Centre in Mumbai; Visuals from outside YB Chavan Centre pic.twitter.com/hhRDKmTOY0 Mumbai: Nationalist Congress Party (NCP) leader Dhananjay Munde arrives at YV Chavan Centre for NCP meeting. pic.twitter.com/7LIDLNJLf7 Mumbai: Maharashtra Deputy CM Ajit Pawar is holding a meeting with NCP MP Sunil Tatkare and NCP MLAs Dilip Walse Patil and Hasan Mushrif at his brother Sriniwas Pawar's residence; Security has been heightened outside the residence of Sriniwas Pawar pic.twitter.com/KDzv2WOKpG Maharashtra CM Devendra Fadnavis in Mumbai: We will provide a stable government. Modi hai toh mumkin hai!! pic.twitter.com/vpIWe7fl6h राउत का दावा- अजित पवार को किया गया ब्लैकमेल
महाराष्ट्र में लोकतंत्र की हत्या : भूपेश बघेल
वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने महाराष्ट्र के इस राजनीतिक उलटफेर को चोरी और लोकतंत्र की हत्या बताया है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में जो भी हुआ है वह लोकतंत्र के खिलाफ है।
'रात को खिचड़ी सरकार थी, सुबह उठे तो भाजपा की, सब हनुमान जी की कृपा'
महाराष्ट्र के हालात पर भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि शुक्रवार रात को सोने से पहले खिचड़ी सरकार बन रही थी। सुबह नींद खुली तो भाजपा की सरकार बन चुकी थी। यह सब हनुमान जी की कृपा से हुआ है। वह शनिवार को लुधियाना में आयोजित एक धार्मिक समारोह में पहुंचे थे। साक्षी महाराज ने कहा कि कांग्रेस, शिवसेना और राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी बैठक कर सरकार बनाने की बातें तो कर रहे थे लेकिन तीनों दल के नेता एकजुट होकर बयान नहीं दे रहे थे।
भाजपा ने कभी नहीं कहा कि सरकार नहीं बनाएंगे, हर बार यही कहा कि सरकार जरूर बनाएंगे। रात रात में सरकार बन गईं। शिवसेना ने महाराष्ट्र की जनता द्वारा दिए गए जनादेश की अनदेखी की थी। जनता ने भाजपा और शिवसेना को अपना जनादेश दिया था। शिवसेना को चाहिए था कि वह सरकार में भागीदार बनते, लेकिन शिवसेना की हालत विनाश काले विपरीत बुद्धि जैसी हो गई थी।
कुल 42 विधायक एनसीपी बैठक में पहुंचे
एनसीपी विधायक दल के नेता जयंत पाटील ने कहा- कल दोपहर दो बजे एनसीपी विधायकों की बैठक होगी। आज की बैठक में 42 विधायक मौजूद थे। पांच विधायकों से संपर्क नहीं हो सका। अजित पवार से बातचीत की कोशिश हुई। दो-तीन नेताओं ने बात की। बहुमत साबित करने में फडणवीस असफल होंंगे।
याचिका पर रविवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस की संयुक्त याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में कल सुबह 11:30 बजे सुनवाई होगी।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका
महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में एक संयुक्त याचिका दाखिल की। आज रात ही सुनवाई की मांग की। वकील देवदत्त कामत ने कहा- हमने अपनी याचिका में मांग की है कि बहुमत परीक्षण रविवार को ही करवाया जाए। हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट हमारी याचिका पर गौर करेगा।
अजित पवार पर कार्रवाई
-एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अपने भतीजे अजित पवार पर बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी ने अजित पवार को विधायक दल के नेता के पद से हटा दिया है। अजित की जगह जयंत पाटील को विधायक दल का नेता चुना गया है। जयंत पाटील को शरद पवार का करीबी माना जाता है।
एनसीपी विधायक बसों से होटल भेजे गए।
एनसीपी की बैठक
-एनसीपी के दो और विधायक बैठक में पहुंचे। शिवसेना नेता मिलिंद नर्वेकर और एकनाथ शिंदे मुंबई एयरपोर्ट से दो एनसीपी विधायकों संजय बंसोड़ और बाबासाहेब पाटिल को लेकर बैठक में पहुंचे।
शिवसेना पहुंची सुप्रीम कोर्ट
देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार को शपथ दिलाए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में शिवसेना ने दाखिल की याचिका।
उद्धव बोले- शिवसेना की ही बनेगी सरकार
उद्धव ठाकरे ने कहा- शिवसेना की ही सरकार बनेगी, कांग्रेस-एनसीपी हमारे साथ। हालात बदले हैं लेकिन असर नहीं पड़ेगा।
एनसीपी के 42 विधायक पहुंचे
शरद पवार की अगुवाई में हो रही एनसीपी की बैठक में 42 विधायक पहुंचे। वाईवी चव्हाण सेंटर में हो रही है बैठक।
एनसीपी बैठक में पहुंचे धनंजय मुंडे
एनसीपी नेता व विधायक धनंजय मुंडे पार्टी की बैठक के लिए वाईवी चव्हाण सेंटर पहुंचे। अजित पवार के साथ धनंजय की सत्तापलट में मुख्य भूमिका बताई जा रही है।
अजित पवार संग बैठक
मुंबई- डिप्टी सीएम अजित पवार एनसीपी सांसद सुनील ततकरे, विधायक दिलीप वाल्से और हसन मुशरिफ के साथ अपने भाई श्रीनिवास पवार के आवास पर बैठक कर रहे हैं। आवास के बाहर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है। बताया जा रहा है कि अजित पवार को एनसीपी नेताओं ने की मनाने की कोशिश। बताया ये भी जा रहा है कि अजित के पक्ष में गए चार विधायक शरद पवार के पास वापस लौट आए हैं।
कांग्रेस की प्रेस कांफ्रेंस
-सीएम देवेंद्र फडणवीस मुंबई में भाजपा दफ्तर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने किया जोरदार स्वागत। कहा- हम राज्य में स्थिर सरकार देंगे। मोदी है तो मुमकिन है।
कांग्रेस ने पूछे 10 सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने प्रेस कांफ्रेस में भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जो कुछ भी महाराष्ट्र में हुआ ये विश्वासघात नहीं तो क्या है। ये सब साबित करता है कि मोदी है तो मुमकिन है। उन्होंने भाजपा से ये सवाल पूछे-
-किसने दावा पेश किया?
-दावे पर कितने हस्ताक्षर हैं?
-हस्ताक्षर कब प्रमाणित हुए?
-कैबिनेट की सिफारिश राष्ट्रपति को कब की गई?
-कैबिनेट की बैठक कब हुई?
-राष्ट्रपति ने सिफारिश कब स्वीकार की?
-राज्यपाल ने शपथ के लिए देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार को किस पत्र द्वारा शपथ के लिए बुलाया।
-इन्हें शपथ के लिए कितने बजे बुलाया गया। इस मौके पर प्रबुद्ध नागरिकों, राजनीतिक दलों के नेताओं, मुख्य न्यायधीश को क्यों नहीं बुलाया गया जैसी कि परंपरा है।
-राज्यपाल ने अब तक क्यों नहीं बताया कि फडणवीस सरकार को बहुमत कब तक साबित करना है। सवाल है कि लोकतंत्र का चीरहरण कबतक जारी रहेगा।
राजनाथ बोले, राज्यपाल का विशेषाधिकार
भाजपा नेता व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि यह राज्यपाल का विशेषाधिकार है कि वह किसे आमंत्रित करते हैं।राजनाथ से एक कार्यक्रम से इतर जब संवाददाताओं ने महाराष्ट्र में सरकार गठन को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा- इस समय जिस कार्यक्रम में यहां पर आया हूं, कोई राजनीतिक बात नहीं कहना चाहता। यह राज्यपाल का विशेषाधिकार था। संतुष्ट होने पर राज्यपाल को जिसे आमंत्रित करना था, उन्होंने आमंत्रित किया।
शरद पवार ने बुलाई बैठक
शरद पवार ने आज शाम को साढ़े चार बजे एनसीपी विधायकों की बैठक बुलाई है।
शिवसेना के साथ गठबंधन की सोच गलती थी
संजय निरुपम ने कहा, 'लोग सोच रहे होंगे कि मैं आज के घटनाक्रम से काफी खुश हूं, लेकिन वास्तव में मैं बहुत दुखी हूं। इसमें कांग्रेस को अनावश्यक रूप से बदनाम किया गया और शिवसेना के साथ गठबंधन की सोच एक गलती थी। मैं सोनिया जी से अपील करता हूं कि वह सबसे पहले कांग्रेस कार्यसमिति को खत्म कर दें।'
विधायकों की उपस्थिति का हुआ दुरुपयोग
एनसीपी के वरिष्ठ नेता नवाब मलिक ने आरोप लगाया कि हमने उपस्थिति के लिए विधायकों से हस्ताक्षर लिए थे, उसका शपथग्रहण के लिए दुरुपयोग किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार को बधाई दी। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने वाले देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार जी को बधाई। मुझे विश्वास है कि वे महाराष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए लगन से काम करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने फडणवीस और पवार को दी बधाई
अमित शाह ने फडणवीस और पवार को दी बधाई
अमित शाह ने महाराष्ट्र की दोबारा कमान संभालने वाले देवेंद्र फडणवीस को बधाई देते हुए ट्वीट किया, 'श्री देवेंद्र फडणवीस जी को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और श्री अजित पवार को प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने पर हार्दिक बधाई। मुझे विश्वास है कि यह सरकार महाराष्ट्र के विकास और कल्याण के प्रति निरंतर कटिबद्ध रहेगी और प्रदेश में प्रगति के नए मापदंड स्थापित करेगी।'महाराष्ट्र को चाहिए एक स्थिर सरकार
दोबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद देवेंद्र फडणवीस ने कहा, 'लोगों ने हमें स्पष्ट जनादेश दिया था लेकिन शिवसेना ने परिणाम आने के बाद दूसरी पार्टियों के साथ गठबंधन करने की कोशिश की। जिसकी वजह से राष्ट्रपति शासन लागू हो गया। महाराष्ट्र को एक स्थिर सरकार की जरूरत है न कि खिचड़ी सरकार की।'
हमने स्थिर सरकार बनाने का फैसला लिया
राज्य के उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद एनसीपी के अजित पवार ने कहा, 'परिणाम वाले दिन से लेकर आज तक कोई भी पार्टी सरकार नहीं बना पाई है। महाराष्ट्र कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहा है जिसमें किसान का मुद्दा भी शामिल है। इसलिए हमने स्थिर सरकार बनाने का फैसला किया।'
शरद पवार ने दी सहमति
सूत्रों का कहना है कि शरद पवार देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार के गठन के लिए होने वाली चर्चा का हिस्सा थे। उन्होंने अजित पवार को आगे बढ़ने के लिए अपनी सहमति दी थी। अजित पवार एनसीपी के संसदीय बोर्ड के नेता हैं और पार्टी में कोई भी फैसला शरद पवार की सहमति के बिना नहीं लिया जाता है।
उद्धव ठाकरे के नाम पर बनी थी सहमति
फडणवीस ने मुख्यमंत्री के तौर पर दोबारा शपथ लेकर सभी को चौंका दिया। उन्होंने ऐसे समय पर शपथ ली है जब माना जा रहा था कि राज्य में कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना सरकार बनाने वाली है और मुख्यमंत्री पद के लिए उद्धव ठाकरे के नाम पर सहमति बन गई है। शुक्रवार को तीनों दलों के बीच सरकार गठन को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी थी। लेकिन शनिवार सुबह सारी की सारी चर्चा धरी की धरी रह गई जब फडणवीस को राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई।
राज्यपाल ने दिया था तीन पार्टियों को सरकार बनाने का मौका
बता दें कि 24 अक्तूबर को आए चुनाव परिणाम में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी लेकिन उसके पास सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत नहीं था। वहीं चुनाव पूर्व उसकी गठबंधन पार्टी शिवसेना ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए और बाद में उससे नाता तोड़ लिया। तय समयसीमा के अंदर सरकार न बनने पर राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू हो गया था। जिसके बाद राज्यपाल कोश्यारी ने पहले सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा को सरकार बनाने का निमंत्रण दिया था। जिसपर भाजपा ने अपनी असमर्थतता जाहिर की। इसके बाद शिवसेना को सरकार बनाने का मौका मिला लेकिन वह भी तय समय के अंदर राज्यपाल को समर्थन पत्र नहीं सौंप पाई।
इसके बाद एनसीपी को सरकार बनाने का मौका दिया गया लेकिन वह भी नहीं बना पाई। जिसके बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन की सिफारिश की गई जिसे कि स्वीकार कर लिया गया। हालांकि गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कर दिया था कि जिस पार्टी के पास बहुमत है वह सरकार बनाने के लिए राज्यपाल को प्रस्ताव दे सकता है। इसके बाद शिवसेना, कांग्रेस और एनसीपी सरकार बनाने को लेकर लगातार बैठकें कर रही थीं। यहां तक कि तीनों के बीच न्यूनतम साझा कार्यक्रम के तहत सरकार बनाने को लेकर रजामंदी भी बन गई थी। लेकिन शनिवार को उनकी इन कोशिशों को तगड़ा झटका लग गया।