घायल पूर्व नौसेना अधिकारी मदन शर्मा बोले- उद्धव से अगर नहीं संभल रही कानून व्यवस्था तो दे दें इस्तीफा
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मुंबई में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की आलोचना वाले कार्टून को व्हट्सएप पर फॉरवर्ड करने को लेकर पूर्व नौसेना अधिकारी की पिटाई का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। कोरोना के मामले, सुशांत सिंह राजपूत की मौत, कंगना रणौत और संजय राउत के विवाद के बाद अब इस मामले को लेकर भी महाराष्ट्र में राजनीति तेज हो गई है।
वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र में विपक्ष में बैठी भारतीय जनता पार्टी ने भी इस मामले में सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। एक ओर जहां प्रदेश में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को राज्य सरकार पर निशाना साधा। वहीं दूसरी ओर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पूर्व नौसेना अधिकारी से बात की और इस तरह के हमलों को अस्वीकार्य बताया।
बता दें कि शुक्रवार को शिवसैनिकों ने पूर्व नौसेना अधिकारी मदन शर्मा पर जानलेवा हमला कर दिया था। इसमें उन्हें चोटें आई थीं। इसके बाद मामले में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार जरूर किया, परंतु शनिवार को आरोपियों को जमानत मिल गई।
आरोपियों को जमानत के बाद पीड़ित पूर्व नौसेना अधिकारी की बेटी ने भाजपा नेताओं के साथ मुंबई के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों ने गैर-जमानती अपराधों के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की।
उद्धव से अगर नहीं संभल रही कानून व्यवस्था तो दे दें इस्तीफा- मदन शर्मा
पूर्व नौसेना अधिकारी मदन शर्मा ने कहा, वे लोग मेरे बच्चों और परिवार को भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए मैं मुख्यमंत्री से निवेदन करता हूं कि मेरे परिवार को सुरक्षा दें। वहीं, उन्होंने यह भी कहा कि अगर उद्धव ठाकरे से कानून व्यवस्था नहीं संभल रही है तो इस्तीफा दे दें।
All workers and organisations of Uddhav Thackeray ji should seek apology from the entire nation, that such incident does not take place again with anyone else: Madan Sharma, retired Navy officer https://t.co/hsrmMR5Lkf
— ANI (@ANI) September 12, 2020
फडणवीस ने कहा, 'स्टेट स्पॉन्सर्ड टेरर' वाली स्थिति
पूर्व नौसेना अधिकारी पर हमले को लेकर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह बहुत ही गलत और 'स्टेट स्पॉन्सर्ड टेरर' वाली स्थिति है। मैंने अपने ट्वीट से उद्धव जी का ध्यान गुंडाराज की ओर खींचा है। 10 मिनट में छह आरोपियों को छोड़ दिया गया।
It's very wrong & kind of 'state-sponsored terror' situation. I called upon Uddhav ji through my tweet to stop goonda raj. 6 accused were released in 10 minutes: Former Maharashtra CM Devendra Fadnavis on retired Navy officer who alleged he was beaten up by Shiv Sena workers pic.twitter.com/OllXoIxzzS
— ANI (@ANI) September 12, 2020
इस तरह का हमला बिल्कुल स्वीकार्य नहीं - राजनाथ सिंह
वहीं, इस मामले में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, रिटायर्ड नौसेना अधिकारी मदन शर्मा से बात की। उनपर कुछ बदमाशों ने हमला कर दिया था। पूर्व सैनिक पर इस तरह का हमला बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। मैं कामना करता हूं कि मदन जी जल्द ठीक हो जाएं।'
Spoke to retired naval officer, Madan Sharma who was attacked by hooligans in Mumbai and enquired about his health. Such attacks on ex-Servicemen is completely unacceptable and deplorable. I wish Madan ji a speedy recovery: Defence Minister Rajnath Singh (file pic) pic.twitter.com/VEd1V2c8gh
— ANI (@ANI) September 12, 2020
क्या है पूरा मामला
मुंबई में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की आलोचना वाले कार्टून को व्हट्सएप पर फॉरवर्ड करने को लेकर शिवसैनिकों ने पूर्व नौसेना अधिकारी मदन शर्मा पर शुक्रवार को आधा दर्जन से अधिक शिवसैनिकों ने जानलेवा हमला किया था। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों को शनिवार को समता नगर पुलिस स्टेशन से जमानत मिल गई।
आरोपियों को जमानत देने के बाद पीड़ित पूर्व नौसेना अधिकारी मदन शर्मा की बेटी ने भाजपा नेताओं के साथ मुंबई के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे लोगों ने गैर-जमानती अपराधों के तहत आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की।
इससे पहले नौसेना के पूर्व अधिकारी की बेटी ने कहा कि 'एक वरिष्ठ नागरिक पर हमला किया गया है, पुलिस को पता होना चाहिए कि आरोपियों को किस धारा के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्हें हत्या के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। यह गैर-जमानती होनी चाहिए।'
वहीं, सेवानिवृत्त नौसेना अधिकारी मदन शर्मा ने न्यूज एजेंसी एएनआई से शनिवार को कहा कि 'हमारे देश में, हर व्यक्ति को अपनी अभिव्यक्ति जाहिर करने की स्वतंत्रता है और व्हाट्सएप लोगों से जुड़े रहने और जानकारी साझा करने का एक माध्यम है। सरकार को संदेश के स्रोत की पहचान करने के लिए उपाय करना चाहिए, जहां से यह उत्पन्न होता है।'
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