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कोरोना वायरस : केंद्र की बार-बार हिदायत के बावजूद 80 फीसदी प्रदेशों ने नहीं बढ़ाई टेस्ट की संख्या
Fri, 02 Apr 2021 05:54 AM IST
Jeet Kumar
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Fri, 02 Apr 2021 05:54 AM IST
सार
- राज्यों को 10 से ज्यादा बैठकों में 70 फीसदी से ज्यादा आरटी-पीसीआर जांच करने की हिदायत दी गई है।
- दूसरी लहर हुई प्रचंड, फिर भी जांच में कंजूसी
- एंटीजन टेस्ट में संक्रमित पाए जाने पर आरटी-पीसीआर जांच जरूरी
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जांच के लिए नमूना लेता स्वास्थ्यकर्मी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
विस्तार
कोरोना महामारी की दूसरी लहर के प्रचंड रूप लेने और केंद्र के लगातार निर्देशों के बावजूद राज्य जांच करने में सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं। केंद्र सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, आरटी-पीसीआर जांच में राज्य सरकारों की कंजूसी से वायरस के प्रसार को तेजी मिली है।
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अब भी 80 फीसदी राज्यों में 70 फीसदी से अधिक आरटी पीसीआर जांच नहीं हो रही है। विधानसभा चुनाव के बाद से बिहार में वायरस के बेकाबू होने के बावजूद वहां एंटीजन टेस्ट ही किए जा रहे हैं। आरटी-पीसीआर जांच में बिहार सबसे फिसड्डी बना हुआ है।
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से राज्यों को 10 से ज्यादा बैठकों में 70 फीसदी से ज्यादा आरटी-पीसीआर जांच करने की हिदायत दी गई है। लेकिन दिल्ली, पुडुचेरी, चंडीगढ़ और जम्मू कश्मीर को छोड़ बाकी राज्य इस पर अमल नहीं कर रहे हैं।
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यूपी में ही 44.26 फीसदी जांचें आरटी पीसीआर से और 55 फीसदी से अधिक जांचें एंटीजन किट्स के जरिए हो रही है। पिछड़ रहे राज्यों में बिहार के साथ तेलंगाना भी शामिल है। तेलंगाना में 15.50 फीसदी और बिहार में 16.35 फीसदी जांचें ही आरटी-पीसीआर तकनीक से हुई हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण के मुताबिक, आरटी-पीसीआर जांच से संक्रमित की न सिर्फ सही पहचान हो सकती है बल्कि संक्रमण के स्रोत का पता भी चल सकता है। इसी वजह से मंत्रालय ने हिदायत दी थी कि एंटीजन टेस्ट में संक्रमित पाए जाने पर आरटी-पीसीआर जांच जरूरी है।
आरटी-पीसीआर जांचों की स्थिति
तेलंगाना 15.50 फीसदी, बिहार 16.35, ओड़िशा 17.73, गुजरात 23.89, अरुणाचल प्रदेश 25.27, मेघालय 27.68, असम 28.19, छत्तीसगढ़ 32.79, अंडमान निकोबार 34.70, केरल 36.90, झारखंड 36.50, मणिपुर 37.01, त्रिपुरा 37.44, मिजोरम 39.47 और उत्तर प्रदेश में 44.26 फीसदी सैंपल की जांच आरटी पीसीआर के जरिए हुई है।
दिल्ली में 46.04 फीसदी, जम्मू कश्मीर 46.14, चंडीगढ़ 49.63 और पांडिचेरी में 49.97 फीसदी सैंपल की जांच आरटी पीसीआर के जरिए हुई है। अन्य राज्यों की तुलना में यहां स्थिति बेहतर है लेकिन तय मानकों के आधार पर अभी भी यह काफी पीछे हैं।
केस बढ़े, लेकिन जांच वहीं
रिपोर्ट के अनुसार गत 26 फरवरी के बाद से रोजाना संक्रमितों और मौतों का आंकड़ा बढ़ता जा रहा। प्रतिदिन मिलने वाले मरीजों की संख्या आठ हजार से बढ़कर 72 हजार तक पहुंच चुकी है, लेकिन कोरोना वायरस की जांच का आंकड़ा 9 से बढ़कर 11 लाख तक ही पहुंच पाया है। पिछले एक महीने में हर दिन होने वाली जांच में दो लाख की बढ़ोतरी हुई है। इसका परिणाम है कि संक्रमण दर छह फीसदी के नजदीक पहुंच चुकी है।