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ब्रिक्स: शिखर सम्मेलन से पहले दिल्ली में सुरक्षा बढ़ी, ड्रोन और विरोध-प्रदर्शन के खतरे को लेकर एजेंसियां अलर्ट

Fri, 11 Sep 2026 09:37 AM IST
पवन पांडेय एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली Published by: पवन पांडेय Updated Fri, 11 Sep 2026 09:37 AM IST
सार

ब्रिक्स सम्मेलन से पहले दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आईबी ने वीवीआईपी रूट में घुसपैठ, ड्रोन गतिविधि, ग्रैफिटी और विरोध-प्रदर्शन की आशंका जताई है। चीन-तिब्बत, रूस और खालिस्तान से जुड़े मुद्दों पर भी निगरानी बढ़ी है। 11-13 सितंबर तक दिल्ली के आसपास हवाई गतिविधियों पर विशेष सुरक्षा नियम लागू रहेंगे।

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BRICS Summit: IB alerts agencies over China, Russia-linked protests, graffiti, drone threats
दिल्ली में खुफिया ब्यूरो का अलर्ट - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

राजधानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। खुफिया ब्यूरो (आईबी) के अलर्ट के बाद दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने संभावित खतरों को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों को आशंका है कि कुछ संगठन या समूह VVIP नेताओं की आवाजाही में बाधा डालने, सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने या विरोध-प्रदर्शन के जरिए सम्मेलन को प्रभावित करने की कोशिश कर सकते हैं। खुफिया इनपुट में दीवारों पर आपत्तिजनक या विरोध से जुड़े नारे लिखने, ड्रोन उड़ाने और वीवीआईपी रूट में घुसने जैसी कोशिशों का खतरा बताया गया है। इसके बाद सम्मेलन स्थल, प्रमुख होटलों, वीवीआईपी रूट, महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों और बड़े परिवहन केंद्रों पर सुरक्षा बढ़ाई गई है।
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चीन और रूस से जुड़े मुद्दों पर खास नजर
सुरक्षा एजेंसियां अलग-अलग देशों और उनसे जुड़े संवेदनशील मुद्दों को ध्यान में रखकर खतरे का आकलन कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, चीन से जुड़े तिब्बती विरोध-प्रदर्शन और रूस से जुड़े मुद्दों को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। एजेंसियों को आशंका है कि इन मुद्दों का इस्तेमाल दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन या किसी तरह की अव्यवस्था पैदा करने के लिए किया जा सकता है। इसके अलावा खालिस्तान से जुड़े संभावित खतरे को भी सुरक्षा आकलन में शामिल किया गया है। एजेंसियों को समय-समय पर इस मुद्दे से संबंधित ईमेल और अन्य इनपुट मिलते रहे हैं।
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सोशल मीडिया पर भी नजर
सुरक्षा एजेंसियां सोशल मीडिया और डिजिटल कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म पर भी लगातार नजर रख रही हैं। विरोध-प्रदर्शन की अपील, लोगों को जुटाने की कोशिश, भड़काऊ सामग्री और किसी संभावित तोड़फोड़ या ग्रैफिटी से जुड़े संकेतों की निगरानी की जा रही है। दिल्ली पुलिस और केंद्रीय खुफिया एवं सुरक्षा एजेंसियों के बीच रियल-टाइम समन्वय और सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है, ताकि किसी भी संभावित खतरे की पहचान समय रहते हो सके और उसे रोका जा सके।
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300 किलोमीटर के दायरे में उड़ानों पर विशेष नियम
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान दिल्ली और आसपास के हवाई क्षेत्र में भी विशेष सुरक्षा नियम लागू रहेंगे। सूत्रों के मुताबिक, 11 सितंबर की सुबह 7 बजे से 13 सितंबर की रात 11 बजे तक दिल्ली से 300 किलोमीटर के दायरे में आने वाले इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे समेत अन्य हवाई अड्डों पर सामान्य टेक-ऑफ और लैंडिंग पर विशेष प्रतिबंध लागू होंगे।

हालांकि कुछ श्रेणी की उड़ानों को इसकी अनुमति होगी। इनमें शामिल हैं:
  • सामान्य निर्धारित यात्री विमान सेवाएं
  • ब्रिक्स से जुड़े विदेशी मेहमानों की विशेष उड़ानें
  • भारतीय वायुसेना, BSF और एविएशन रिसर्च सेंटर की उड़ानें
  • आपात स्थिति या मेडिकल इमरजेंसी के लिए सेना के हेलीकॉप्टर
  • राज्यपाल या मुख्यमंत्री को ले जाने वाले राज्य सरकार के विमान और हेलीकॉप्टर

ब्रिक्स से जुड़े विशेष विमानों के फ्लाइट प्लान को पहले से एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) से मंजूरी लेनी होगी।

उड़ानों की ऊंचाई को लेकर भी नियम
300 किलोमीटर के दायरे में सामान्य निर्धारित यात्री विमान और ओवरफ्लाइट अपने निर्धारित मार्गों पर उड़ान भर सकेंगे, लेकिन उनके लिए ऊंचाई संबंधी नियम लागू होंगे। दिल्ली से 200 किलोमीटर की दूरी के भीतर पहुंचने तक चढ़ान वाली उड़ान को FL290 यानी करीब 29,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचना होगा। इसी तरह उतरने वाली उड़ान 200 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी पर रहने तक FL290 से नीचे उतरना शुरू नहीं कर सकेगी।

सफदरजंग एयरपोर्ट और रोहिणी हेलीपैड बंद
सुरक्षा व्यवस्था के तहत सफदरजंग एयरपोर्ट बंद रहेगा। हालांकि आपातकालीन या वीआईपी ड्यूटी पर तैनात आईएएफ हेलीकॉप्टर और कुछ बीएसएफ/आईएएफ हेलीकॉप्टरों को अनुमति दी जाएगी। इन हेलीकॉप्टरों का इस्तेमाल राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) से जुड़ी जरूरतों के लिए भी किया जा सकता है। वहीं रोहिणी हेलीपैड पूरी तरह बंद रहेगा। जो विमान या हेलीकॉप्टर निर्धारित अनुमति वाली श्रेणियों में शामिल नहीं हैं, उन्हें उड़ान भरने के लिए गृह मंत्रालय से पहले सुरक्षा मंजूरी लेनी होगी।


12-13 सितंबर को दिल्ली में ब्रिक्स सम्मेलन
भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। 2026 में यह भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता का चौथा कार्यकाल है। भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण की थीम तय की है। इस सम्मेलन में विकास, स्थिरता, नवाचार और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं पर जोर रहेगा। हाई-प्रोफाइल विदेशी नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों की मौजूदगी को देखते हुए दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित प्रदर्शन, ड्रोन गतिविधि या सुरक्षा उल्लंघन को रोकने के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड में हैं।
 
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