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Karnataka: 'हमारे पास कोई रिकॉर्डिंग उपलब्ध नहीं', सीटी रवि और हेब्बलकर मामले पर विधान परिषद के अध्यक्ष

Mon, 23 Dec 2024 05:09 PM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू Published by: काव्या मिश्रा Updated Mon, 23 Dec 2024 05:09 PM IST
सार

बाल कल्याण मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर ने भाजपा नेता सीटी रवि पर अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। इस मामले के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं। इस पर अध्यक्ष ने साफ कहा कि सदन से संबंधित वीडियो फर्जी है। 

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Derogatory remarks row: Karnataka legislative Council chairman says no recordings available news in hindi
Basavaraj Horatti - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कर्नाटक में भाजपा एमएलसी सीटी रवि और बाल कल्याण मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर के बीच लगातार विवाद बना हुआ है। हेब्बलकर ने रवि पर अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है। हालांकि, अब विधान परिषद के अध्यक्ष बसवराज होरट्टी ने सोमवार को स्पष्ट किया कि 19 दिसंबर को परिषद हॉल में दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत रिकॉर्ड नहीं की गई थी। साथ ही रिकॉर्डिंग के रूप में प्रसारित की जा रही कोई भी बातचीत फर्जी है।

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यह है मामला
लक्ष्मी हेब्बलकर ने भाजपा नेता सीटी रवि पर अपमानजनक शब्द का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि जब होरट्टी ने सदन को थोड़ी देर के लिए स्थगित किया था, उसके कुछ ही समय बाद रवि ने अपमानजनक बात कही थी। मंत्री के आरोप के बाद बेलगावी में सुवर्णा विधान सौधा परिसर में रवि को गिरफ्तार कर लिया गया था।
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हमारे पास इससे जुड़ा कोई वीडियो नहीं: स्पीकर
होरट्टी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि 19 दिसंबर को विधान परिषद के स्थगित होने के बाद कुछ भी रिकॉर्ड नहीं किया गया था। इस मामले से संबंधित कोई भी वीडियो हमारे पास उपलब्ध नहीं है। केवल हमारे पास प्रामाणिक ऑडियो, वीडियो हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि परिषद के बाहर किसी को भी वीडियो बनाने और ऑडियो रिकॉर्ड करने की अनुमति नहीं है।अगर परिषद के बाहर किसी के पास इस मामले से जुड़ा कोई वीडियो है तो उसे फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) को भेजा जाना चाहिए। एफएसएल रिपोर्ट के आधार पर हम कार्रवाई करेंगे।
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19 दिसंबर को किया था गिरफ्तार
घटना के बाद, 19 दिसंबर को रवि को बेलगावी में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन कर्नाटक हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी थी, यह कहते हुए कि गिरफ्तारी नियमों के अनुसार नहीं की गई थी।

'सदन के अंदर फोन ले जाने की अनुमति नहीं'
जब स्पीकर को  बताया गया कि एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें रवि को कथित तौर पर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए सुना जा सकता है, तो होरट्टी ने कहा, 'सदन के स्थगन के बाद कुछ भी रिकॉर्ड नहीं किया गया है। अगर कोई कह रहा है कि यह रिकॉर्ड है तो यह फर्जी है। यह हमसे संबंधित नहीं है।'

यह हमारे क्षेत्र से बाहर का मामला
यह पूछे जाने पर कि क्या किसी ने कार्यवाही रिकॉर्ड की है, होरट्टी ने आश्चर्य जताया कि कोई वीडियो कैसे मुहैया करा सकता है क्योंकि फोन और निजी वीडियो कैमरों को सदन के अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है। अगर कोई कह रहा है कि उनके पास वीडियो है, तो उन्हें हमारे पास आने दें, फिर हम देखेंगे। उन्होंने आगे कहा कि यह घटना सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद हुई इसलिए यह परिषद के अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।

उन्होंने कहा, 'यह एक बंद अध्याय है। मैंने 19 दिसंबर को हुई घटना के बारे में परिषद सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ चर्चा की और सभी नियम पुस्तिकाओं का अध्ययन किया। तब हमने सभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने का निर्णय लिया। यह हमारे दायरे से बाहर हुआ है।'

अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने अखबार में पढ़ा और टेलीविजन पर देखा कि सीटी रवि को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह (अपशब्दों का उपयोग) हमसे संबंधित नहीं है। सरकार और पुलिस विभाग को इस पर गौर करना होगा। हमें दोनों पक्षों से कोई शिकायत नहीं मिली है, इसलिए हम कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने आगे कहा कि अगर कोई उन्हें शिकायत देता है कि उनके विशेषाधिकार का उल्लंघन हुआ है तो वह नियमों के मुताबिक इसकी समीक्षा करेंगे। तब तक वह कुछ नहीं कर सकते। उनके अनुसार घटना सदन से संबंधित नहीं है। परिषद से जुड़ा नहीं होने के कारण उसकी शिकायत के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई की।

महिला आयोग की मांग पर कही ये बात
कर्नाटक राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष नागलक्ष्मी चौधरी द्वारा उन्हें लिखे गए पत्र के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मंत्री का महिला आयोग या पुलिस से संपर्क करना उनका निजी मुद्दा है। महिला आयोग हमें पत्र लिख सकता है लेकिन उसके पास मुझसे उच्च स्तरीय जांच के लिए कहने का अधिकार नहीं है। प्रोटोकॉल के मामले में कौन बड़ा है - परिषद अध्यक्ष या महिला आयोग की अध्यक्ष? मुझसे इसके लिए पूछना गलत है। उन्हें मुझसे नहीं पूछना चाहिए।


न्याय की मांग रखूंगी जारी: हेब्बलकर
कर्नाटक की मंत्री लक्ष्मी हेब्बलकर ने कहा कि वह सीटी रवि के खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखेंगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी हालत में वह रवि को माफ नहीं करेंगी और इस मामले में न्याय की मांग करने के लिए वह विधानसभा परिषद अध्यक्ष बसवराज होरट्टी और मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से तुरंत कार्रवाई की अपील करेंगी।

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