{"_id":"5c7b9c9dbdec2256ab4e79d9","slug":"derek-o-brien-accusses-amit-shah-for-being-a-supporter-of-divisive-politics","type":"story","status":"publish","title_hn":"टीएमसी का हमला, अमित शाह विभाजनकारी राजनीति के बड़े समर्थक","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
टीएमसी का हमला, अमित शाह विभाजनकारी राजनीति के बड़े समर्थक
Sun, 03 Mar 2019 03:22 PM IST
अमित मंडल
भाषा, कोलकाता
भाषा, कोलकाता
Published by: अमित मंडल
Updated Sun, 03 Mar 2019 03:22 PM IST
विज्ञापन
अमित शाह
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर भारतीय वायु सेना की कार्रवाई पर सवाल उठाने पर विपक्ष की आलोचना करने के कारण भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर तृणमूल कांग्रेस ने रविवार को पलटवार किया। पार्टी ने कहा कि भाजपा नेता को देशभक्ति पर ‘दूसरों को भाषण’ देने से बचना चाहिए क्योंकि वह विभाजनकारी और घृणा की राजनीति के समर्थक हैं।
विज्ञापन
तृणमूल कांग्रेस (तृणकां) के राष्ट्रीय प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि भाजपा को हवाई हमले का श्रेय लेना बंद करना चाहिए, क्योंकि सशस्त्र बल भारत के हैं, न कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी या अमित शाह के। राज्यसभा में टीएमसी संसदीय दल के नेता ब्रायन ने कहा कि अमित शाह और भाजपा विभाजनकारी और नफरत की राजनीति के सबसे बड़े समर्थक हैं। देशभक्ति पर हम उनका भाषण नहीं सुनेंगे। हमारे सशस्त्र बल भारत के हैं, न कि मोदी-शाह की भाजपा के।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जो लोग स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान छिप गए थे, वे देशभक्ति पर उपदेश दे रहे हैं। आरएसएस की तरफ इशारा करते हुये ब्रायन ने कहा कि पूरे स्वतंत्रता संग्राम के दौरान छिप जाने वाले खाकी-चड्डी पहनने वाले लोग अब देशभक्ति पर प्रमाण-पत्र बांट रहे हैं।
विज्ञापन
शाह ने शनिवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा था कि वे जब सत्ता में थे तो उनमें आतंकवादियों को मुंहतोड़ जवाब देने और जवानों के बलिदान का बदला लेने का साहस नहीं था, वे अब घटिया राजनीति के लिए हाल के हवाई हमले पर सवाल उठा रहे हैं और उनके बयानों ने पाकिस्तान को खुश कर दिया है।
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरूवार को भारतीय वायु सेना द्वारा पाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी शिविरों पर किए गए हमलों का सबूत मांगा था।