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Hindi News ›   India News ›   depression moved speed 13 km per hour in Northeast direction, intensify into cyclonic storm in next few hours

Hamoon Cyclone: बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव का क्षेत्र ‘हामून’ तूफान में तब्दील; जानें इसके बारे में

Mon, 23 Oct 2023 03:42 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 23 Oct 2023 03:42 PM IST
सार

IMD: आईएमडी भुवनेश्वर के वरिष्ठ वैज्ञानिक उमा शंकर दास ने कहा, कल का गहरा दबाव जो पूर्वोत्तर दिशा में 13 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ा है, इसके अगले छह घंटों में चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है।

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depression moved speed 13 km per hour in Northeast direction, intensify into cyclonic storm in next few hours
चक्रवात - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव का क्षेत्र सोमवार शाम को चक्रवात में तब्दील हो गया। राहत की बात यह है कि इस तूफान का भारतीय तट पर कोई बड़ा प्रभाव नहीं पड़ेगा। हालांकि,  प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी है। इस चक्रवाती तूफान को ‘हामून’ नाम से जाना जाएगा, जो ईरान ने दिया है।

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आईएमडी ने बताया कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव का क्षेत्र पिछले छह घंटों के दौरान 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ा और चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया। आईएमडी के मुताबिक, शाम 5.30 बजे कम दबाव की यह प्रणाली ओडिशा के पारादीप तट से लगभग 230 किमी दूर, पश्चिम बंगाल के दीघा से 360 किमी दक्षिण में और बांग्लादेश में खेपुपारा से 510 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में अवस्थित थी।

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आईएमडी ने बताया कि अगले 12 घंटों के दौरान उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर इसके एक तीव्र चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। इस प्रणाली के गहरे दबाव के रूप में 25 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे के आसपास खेपुपारा और चटगांव के बीच बांग्लादेश तट को पार करने की संभावना है।

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जानकारी के मुताबिक, मछुआरों को 25 अक्तूबर तक पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी और 26 अक्तूबर तक उत्तरी बंगाल की खाड़ी में न जाने की सलाह दी गई है। यह धान की कटाई का समय है, इसलिए जो लोग कटाई कर रहे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे इसे जल्द से जल्द इस काम को पूरा करें और इसे सुरक्षित स्थान पर रखें।

इस बीच ओडिशा सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। उसने भारी बारिश होने की सूरत में प्रशासन से निचले इलाकों से लोगों को निकालने को भी कहा है।

आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर हवा की गति धीरे-धीरे बढ़कर मंगलवार सुबह तक 80-90 किमी प्रति घंटे से बढ़कर 100 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। संभावित चक्रवात का ओडिशा पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन कुछ दुर्गा पूजा पंडालों को नुकसान हो सकता है जो हवा की इतनी तेज गति का सामना करने के हिसाब से नहीं बने हैं।

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