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Politics: 'बंगाल में बंदूक की नोक पर लोकतंत्र', ममता के इस्तीफे से इनकार पर धर्मेंद्र प्रधान ने साधा निशाना

Wed, 06 May 2026 12:15 PM IST
निर्मल कांत पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 06 May 2026 12:15 PM IST
सार

Politics: केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक व्यवस्था को बंदूक की नोक पर रखा जा रहा है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनावी नतीजों को स्वीकार नहीं कर रहीं। उन्होंने तृणमूल नेतृत्व पर संस्थाओं की साख कमजोर करने और शासन को डर व प्रभाव के जरिए चलाने का भी आरोप लगाया। पढ़िए रिपोर्ट-

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Democracy in Bengal 'held at gunpoint': Dharmendra Pradhan
Dharmendra Pradhan - फोटो : PTI

विस्तार

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र 'बंदूक की नोक पर' रखा जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर चुनावी जनादेश को स्वीकार न करने का आरोप लगाया।
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धर्मेंद्र प्रधान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में क्या कहा?
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि जनादेश को लोगों की आवाज की तरह नहीं, बल्कि एक ऐसे सुझाव की तरह देखा जा रहा है, जिसे ठुकराया जा सकता है। इससे यह सवाल उठता है कि सत्ता को क्या जिम्मेदारी माना जा रहा है या सिर्फ अधिकार समझा जा रहा है।
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धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र की स्थिति बहुत खराब है और चुनाव के नतीजों को मानने से इनकार करना इस सच्चाई को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का जनादेश स्वीकार न करना गंभीर सवाल खड़ा करता है कि क्या सत्ता को जिम्मेदारी माना जा रहा है या सिर्फ अधिकार।
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उन्होंने आगे आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस का नेतृत्व जवाबदेही से बच रहा है और सत्ता को बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग और सुरक्षा बलों जैसी संस्थाओं की विश्वसनीयता को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में शासन लंबे समय से डर और राजनीतिक संरक्षण पर आधारित रहा है और जनादेश को न मानना लोकतांत्रिक वैधता को कमजोर करता है। धर्मेंद्र प्रधान ने यह भी कहा कि संविधान में शासन के लिए जिद को गुण नहीं माना गया है और जवाबदेही अनिवार्य है, जबकि जनादेश पर सवाल नहीं उठाया जा सकता।


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ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से किया इनकार
दूसरी ओर, ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के नतीजे जनादेश से नहीं बल्कि साजिश से प्रभावित हैं। उनका आरोप है कि लगभग 100 सीटों पर परिणाम में गड़बड़ी की गई और मतगणना को जानबूझकर धीमा किया गया ताकि उनकी पार्टी का मनोबल गिराया जा सके। ममता बनर्जी ने कहा कि इस्तीफे का सवाल ही नहीं उठता, क्योंकि यह हार जनता की इच्छा से नहीं बल्कि साजिश से हुई है।


 
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