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राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग की संवैधानिक दर्जा देने की मांग, दूसरे आयोगों की तरह मिलें अधिकार

Mon, 26 Nov 2018 02:39 AM IST
हरेन्द्र
हरेन्द्र Updated Mon, 26 Nov 2018 02:39 AM IST
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Demand raise for constitutional status to National Commission for Safai Karamcharis
सफाई कर्मचारी
राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने सरकार से संवैधानिक अधिकार देने की मांग की है। आयोग का कहना है कि अभी उसकी मान्यता गैर-संवैधानिक निकाय के तौर पर है, जिसके चलते सफाई कर्मचारियों को पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। वहीं कई बार ऐसी परिस्थितियां पैदा हो जाती हैं, जहां वे चाह कर भी कुछ नहीं कर पाते हैं।
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सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के तहत आने वाले राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के वरिष्ठ सूत्रों ने अमर उजाला को बताया कि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने अपनी सालाना रिपोर्ट में आयोग के कामकाज को बेहतर बनाने के लिए कई सफारिशें की हैं। अपनी सिफारिशों में आयोग ने मांग की है कि उन्हें संवैधानिक निकाय का दर्जा दिया जाए और एक पूर्ण आयोग को मिलने वाले सभी अधिकार उन्हें भी मिलें। आयोग के सूत्रों का कहना है कि उन्हें राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की तरह दर्जा दिया जाए।
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आयोग के सदस्य जगदीश हिरेमनी ने माना कि यह सही है कि अभी राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग को एक गैर संवैधानिक निकाय के रूप में गिना जाता है। उन्होंने बताया कि भी आयोग के पास कई संवैधानिक शक्तियां नहीं, लेकिन मान्यता देने का फैसला सरकार के हाथों में हैं।
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आयोग के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग का गठन 1994 में किया गया था। संसदीय अधिनियम के तहत तीन साल के लिए इसका गठऩ हुआ था, लेकिन समय के साथ इसकी वैधता बढ़ती रही। लेकिन 2004 में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग अधिनियम 1993 के खत्म हो जाने के बाद से यह गैर संवैधानिक निकाय के तौर पर कार्य कर रहा है और सरकार की नीतियों को आगे बढ़ा रहा है।

आयोग के सूत्रों ने बताया कि कई बार सफाई कमर्चारियों की सीवेज सफाई के दौरान मौत होने पर दूसरे आयोग के साथ हितों का टकराव होता है। उनका कहना है कि सभी सफाई कर्मचारी एक ही जाति के नहीं होते, बल्कि उनमें पिछड़े, मुस्लिम एवं अन्य समुदायों के लोग भी होते हैं। जब कभी उऩके साथ हादसों के मामले सामने आते हैं, तो दूसरे आयोग संज्ञान ले लेते हैं और राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग चाह कर भी कुछ नहीं कर पाता।

वहीं आयोग ने अन्य सिफारिशों में आयोग कर्मचारियों की कमी की बात कहते हुए ज्यादा स्टाफ मुहैया कराने की मांग की है। साथ ही, राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी वित्त एववं विकास निगम को सीधे आयोग के तहत लाने की मांग की है। 
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