फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   delta plus variant has more affinity for lung tissues than other covid 19 variant says ntagi

खतरा: फेफड़ों को बेहद तेजी से संक्रमित करता है डेल्टा प्लस वैरिएंट, अब तक 12 राज्यों में मिले मामले

Sun, 27 Jun 2021 03:15 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Tanuja Yadav Updated Sun, 27 Jun 2021 03:15 PM IST
सार

एटीएजीआई के अध्यक्ष डॉक्टर एन के अरोरा ने कहा कि डेल्टा प्लस वैरिएंट, दूसरे वैरिएंट के मुकाबले जल्दी और आसानी से फेफड़ों तक पहुंच जाता है। उनका मानना है कि वैक्सीनेशन तेज करने से तीसरी लहर में मदद मिलेगी।

विज्ञापन
delta plus variant has more affinity for lung tissues than other covid 19 variant says ntagi
डेल्टा प्लस वैरिएंट (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : pixabay

विस्तार

देश में कोरोना वायरस का डेल्टा प्लस वैरिएंट कई राज्यों में मिल गया है। इस पर नेशनल टेक्निकल एडवाइजरी ग्रुप ऑफ इम्यूनाइजेशन (एनटीएजीआई) के अध्यक्ष डॉक्टर एनके अरोरा का कहना है कि कोरोना के बाकी वैरिएंट के मुकाबले, डेल्टा प्लस वैरिएंट फेफड़ों तक जल्दी और आसानी से पहुंच जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि ये वैरिएंट ज्यादा संक्रामक है या इससे गंभीर कोरोना हो सकता है।

विज्ञापन


स्वास्थ्य मंत्रालय की मानें तो देश के अबतक 12 राज्यों में डेल्टा प्लस वैरिएंट के 51 मामले सामने आए हैं, जिसमें महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा दर्ज किए गए हैं। एनटीएजीआई के कोविड वर्किंग ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. एनके अरोरा ने कहा कि हालांकि डेल्टा प्लस वैरिएंट से फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है, इसका कोई प्रमाण नहीं है।
विज्ञापन


डॉ, अरोरा ने बताया कि डेल्टा प्लस वैरिएंट के प्रभाव पर स्पष्टता तब आएगी, जब इसके ज्यादा मामले सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि यह रोग आमतौर उन सभी लोगों में हल्का होता है, जो जिन्हें टीके की एकल या दोहरी खुराक मिली है। हमें इस पर नजदीकी से निगरानी रखनी होगी, तभी इसके संक्रमण के बारे में उचित जानकारी मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉक्टर अरोरा ने आगे कहा कि डेल्टा प्लस वैरिएंट के और भी मामले अभी मौजूद हो सकते हैं, क्योंकि इस दौरान मरीज में कोरोना के लक्षण नहीं होते, इसलिए इस वैरिएंट के बारे में जानकारी नहीं मिलती, लेकिन ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें मरीज में कोविड-19 के लक्षण तो नहीं है लेकिन उनमें डेल्टा प्लस वैरिएंट पाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि देश में अच्छी बात यह है कि इस वैरिएंट को लेकर जीनोम सिक्वेंसिंग पहले से ही की जा रही है।



उन्होंने आगे कहा कि इस वैरिएंट को फैलने से रोकना है तो वैक्सीनेशन को और तेज करना होगा। हालांकि उन्होंने आगे यह भी कहा कि डेल्टा प्लस वैरिएंट तीसरी लहर का कारण बनेगा, ये कह पाना अभी जल्दबाजी होगा। डॉक्टर अरोरा ने आगे कहा कि देश में अभी भी कोरोना की दूसरी लहर जारी है और पिछले आठ से दस दिनों से दैनिक मामले 50 हजार के आसपास ही आ रहे हैं। 

उन्होंने आगे कहा कि अगर हम वैक्सीनेशन को तेज कर देंगे, तो तीसरी लहर की संभावना कम हो जाएगी। उन्होंने आगे यह भी कहा कि कोरोना की वैक्सीन के साथ-साथ मास्क लगाना और दो गज की दूरी बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed