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Russia-India Relation: रूस-यूक्रेन युद्ध के बावजूद भारत को एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की डिलीवरी जारी, रूसी राजदूत का दावा
Sun, 12 Jun 2022 10:02 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
न्यूज डेस्क अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Sun, 12 Jun 2022 10:02 PM IST
सार
रूसी राजदूत ने यह टिप्पणी रूस की डाइजेस्ट मैगजीन के प्राक्कथन में लिखी, जिसे भारत-रूस के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर प्रकाशित किया गया। उन्होंने कहा कि आज रूस और भारत का बहुआयामी सहयोग दुनिया में सबसे विस्तृत है।
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एस-400 मिसाइल
- फोटो : social media
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विस्तार
रूस ने यूक्रेन से युद्ध के बीच भी भारत को एस-400 ट्रायंफ एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम्स की आपूर्ति बेहतर ढंग से जारी रखी है। रूसी राजदूत ने डेनिस एलिपोव ने रविवार को इसकी पुष्टि की। एलिपोव की तरफ से यह बयान ऐसे समय में आया है, जब भारत की तरफ से एस-400 की डिलीवरी में देरी की आशंका जताते हुए चिंता जाहिर की गई थी। हालांकि, रूसी राजदूत ने साफ किया कि सबसे बेहतर मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स में शुमार एस-400 की डिलीवरी शेड्यूल के तहत जारी है।
रूसी राजदूत ने यह टिप्पणी रूस की डाइजेस्ट मैगजीन के प्राक्कथन में लिखी, जिसे भारत-रूस के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर प्रकाशित किया गया। उन्होंने कहा कि आज रूस और भारत का बहुआयामी सहयोग दुनिया में सबसे विस्तृत है। अपने लेख में आलिपोव ने कहा कि रूस और भारत ने कई प्रमुख पहलों को सफलतापूर्वक लागू कर लिया है, जिसकी वजह से हमारा सहयोग अद्वितीय रहा है।
उन्होंने कहा कि इन पहलों में कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र परियोजना, एके-203 राइफल निर्माण कार्यक्रम, लड़ाकू विमान निर्माण में सहयोग, मुख्य युद्धक टैंक के निर्माण के साथ-साथ फ्रिगेट, पनडुब्बी, ब्रह्मोस और अन्य मिसाइल परियोजनाओं का निर्माण शामिल है।
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अलीपोव ने कहा, ‘‘रूस भारत के साथ समान और सम्मानजनक संबंध रखता है। हमारा सहयोग वैश्विक शांति, स्थिरता और सतत विकास के लिए एक निर्णायक कारक की भूमिका निभाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं। हम अपनी क्षमता का उपयोग करने और दोनों मित्र देशों के लोगों के लाभ के लिए नए क्षितिज तलाशने को आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।’’
अलीपोव का यह बयान यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच आया है। भारत ने अभी तक रूसी कार्रवाई की निंदा नहीं की है और बातचीत के माध्यम से संकट के समाधान पर जोर दिया है। भारत-रूस संबंधों के 75 साल पूरे होने का जिक्र करते हुए अलीपोव ने कहा कि दोनों देश इन वर्षों में ‘सच्ची दोस्ती और आपसी विश्वास’ बनाए रखने में सफल रहे हैं।
रूसी राजदूत ने कहा, ‘‘आज का रूस-भारत बहुआयामी सहयोग दो अंतर सरकारी आयोगों की नियमित बैठकों, क्षेत्रवार मंत्रिस्तरीय, सुरक्षा सलाहकारों और वरिष्ठ अधिकारियों के संवाद, विदेश कार्यालय परामर्श तथा वैश्विक क्षेत्र में समन्वय के साथ दुनिया के सबसे विस्तृत सहयोगों में से एक है।’’
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रूसी राजदूत ने यह टिप्पणी रूस की डाइजेस्ट मैगजीन के प्राक्कथन में लिखी, जिसे भारत-रूस के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर प्रकाशित किया गया। उन्होंने कहा कि आज रूस और भारत का बहुआयामी सहयोग दुनिया में सबसे विस्तृत है। अपने लेख में आलिपोव ने कहा कि रूस और भारत ने कई प्रमुख पहलों को सफलतापूर्वक लागू कर लिया है, जिसकी वजह से हमारा सहयोग अद्वितीय रहा है।
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उन्होंने कहा कि इन पहलों में कुडनकुलम परमाणु ऊर्जा संयंत्र परियोजना, एके-203 राइफल निर्माण कार्यक्रम, लड़ाकू विमान निर्माण में सहयोग, मुख्य युद्धक टैंक के निर्माण के साथ-साथ फ्रिगेट, पनडुब्बी, ब्रह्मोस और अन्य मिसाइल परियोजनाओं का निर्माण शामिल है।
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अलीपोव ने कहा, ‘‘रूस भारत के साथ समान और सम्मानजनक संबंध रखता है। हमारा सहयोग वैश्विक शांति, स्थिरता और सतत विकास के लिए एक निर्णायक कारक की भूमिका निभाता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने द्विपक्षीय संबंधों के भविष्य को लेकर आश्वस्त हैं। हम अपनी क्षमता का उपयोग करने और दोनों मित्र देशों के लोगों के लाभ के लिए नए क्षितिज तलाशने को आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं।’’
अलीपोव का यह बयान यूक्रेन पर रूस के हमले के बीच आया है। भारत ने अभी तक रूसी कार्रवाई की निंदा नहीं की है और बातचीत के माध्यम से संकट के समाधान पर जोर दिया है। भारत-रूस संबंधों के 75 साल पूरे होने का जिक्र करते हुए अलीपोव ने कहा कि दोनों देश इन वर्षों में ‘सच्ची दोस्ती और आपसी विश्वास’ बनाए रखने में सफल रहे हैं।
रूसी राजदूत ने कहा, ‘‘आज का रूस-भारत बहुआयामी सहयोग दो अंतर सरकारी आयोगों की नियमित बैठकों, क्षेत्रवार मंत्रिस्तरीय, सुरक्षा सलाहकारों और वरिष्ठ अधिकारियों के संवाद, विदेश कार्यालय परामर्श तथा वैश्विक क्षेत्र में समन्वय के साथ दुनिया के सबसे विस्तृत सहयोगों में से एक है।’’