{"_id":"604a46998ebc3ec89440d49f","slug":"delighted-in-shiv-bhakti-rudrabhishek-took-place-in-the-art-of-living-ashram-shree-shree-said-bholenath-gets-pleased-with-bilva-patra","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिवभक्ति में तल्लीन : आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम में रुद्राभिषेक, श्रीश्री बोले- बिल्व पत्र से ही प्रसन्न हो जाते हैं भोलेनाथ","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
शिवभक्ति में तल्लीन : आर्ट ऑफ लिविंग आश्रम में रुद्राभिषेक, श्रीश्री बोले- बिल्व पत्र से ही प्रसन्न हो जाते हैं भोलेनाथ
Thu, 11 Mar 2021 10:04 PM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 11 Mar 2021 10:04 PM IST
विज्ञापन
महाशिवरात्रि पर ध्यान में लीन गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर
- फोटो : self
महाशिवरात्रि के अवसर पर बंगलुरू स्थित आर्ट ऑफ लिविंग अंतरराष्ट्रीय आश्रम गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर की मौजूदगी में गुरुपादुकावनम पवित्र मंत्रों, संगीत, ज्ञान व ध्यान से गूंज उठा। इस मौके पर रुद्राभिषेक में भक्त जन ध्यान और मौन में आनंदित होकर लीन हो गए।
विज्ञापन
माना जाता है कि वैदिक मंत्रों के साथ होने वाले रुद्राभिषेक से वातावरण पवित्र होता है और नकारात्मकता दूर होती है। महाशिवरात्रि पर सृष्टि का कल्याण करने वाले भगवान शिव की विशेष आराधना की जाती है।
विज्ञापन
शिव पूरी सृष्टि के ध्यान स्वरूप
गुरुदेव श्रीश्री रविशंकर का कहना है कि शिव बहुत ही सहज हैं, उन्हे केवल बेल पत्र अर्पित करने होते हैं। शिवरात्रि शिव की शरण में आने की रात है। शिव शांंति हैं, अनंतता, सुंदरता के प्रतीक और अद्वैत हैं। शिव में आश्रय लो क्योंकि शिव ही तुम्हारा स्वरूप हैं क्योंकि वह इस पूरी सृष्टि का ध्यान स्वरूप हैं।
विज्ञापन