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दिल्ली में बनेगा यूपीएससी जैसा संस्थान, विधानसभा में प्रस्ताव पास
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 07 Aug 2018 12:19 PM IST
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अधिकारियों के मुद्दे पर केजरीवाल सरकार और केंद्र के बीच लगातार तनाव बना रहता है। अरविंद केजरीवाल सरकार ने इस परेशानी से बचने के लिए दिल्ली के लिए यूपीएससी की तर्ज पर एक संस्थान बनाने की तैयारी कर दी है। सोमवार को विधानसभा के सत्र के पहले ही दिन इसका प्रस्ताव सदन में पास हो गया।
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सदन में पास किेए गए प्रस्ताव के मुताबिक यह संस्थान पूरी तरह से दिल्ली सरकार के अधीन होगा और सरकार की जरुरतों के मुताबिक किसी भी विभाग के अधिकारियों की नियुक्ति करेगा। जानकारी के मुताबिक इसे एक आयोग की तरह शक्तियां दी जाएंगी। इस तरह संस्थान किसी पद के लिए नियुक्ति के लिए विज्ञापन करने से लेकर परीक्षा लेने, परिणाम घोषित करने तक का पूरा अधिकार रखेगा। इसके द्वारा नियुक्त अधिकारी पूरी तरह दिल्ली सरकार के अधीन होंगे और उसका आदेश मानने को बाध्य होंगे।
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सरकार के मुताबिक संस्थान को अगले डेढ़ माह के अंदर स्थापित कर दिया जाएगा। सदन में प्रस्ताव को रखते हुए आम आदमी पार्टी के विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अधिकारियों के मुद्दे पर हमेशा के लिए तनाव दिल्ली के हित में नहीं है। प्रदेश के विकास के लिए आवश्यक है कि सरकार जब जहां पर जितने अधिकारियों की नियुक्ति करना चाहती है, कर सके। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि स्कूल के लिए बिल्डिंग बनकर तैयार हो जाती है, लेकिन अगर केंद्र से उसके लिए टीचर रखने की अनुमति नहीं मिलती तो इस विकास का कोई लाभ नहीं मिलता। इसलिए सरकार को अपनी जरुरत के हिसाब से अधिकारियों की नियुक्ति का अधिकार होना चाहिए। एक अन्य सदस्य ने कहा कि यह अत्यंत दुख का विषय है कि एक अस्पताल बनकर तैयार हो जाता है, लेकिन उसको चलाने के लिए डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं होने दी जाती। इससे दिल्ली का विकास रुक रहा है।
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विपक्ष ने कहा, नया शिगूफा
दिल्ली सरकार में नेता विपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने अमर उजाला से कहा कि केजरीवाल सरकार का यह एक नया शिगूफा है। वह चाहते हैं कि एक आयोग बनाने की शुरुआत करें, और जब तकनीकी बाधा आए तो उसका दोष केंद्र सरकार पर डाल सकें। उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल नकारा सरकार है जो कुछ भी न करने के लिए पहले से बहाने खोजकर चलती है।