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दिल्ली में कार चलाना है महंगा सौदा, बाकी शहरों से डेढ़ गुना ज्यादा लगता है पेट्रोल-डीजल
amarujala.com-presented by: आनंद
Updated Wed, 02 Aug 2017 01:57 PM IST
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अगर आप दिल्ली में रहते हैं और रोजाना आने-जाने की लिए कार का इस्तेमाल करते हैं तो बाकी शहर के तुलना में ईंधन पर आप डेढ़ गुना पैसा खर्च करते हैं। वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद - केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान (सीएसआईआर- सीआरआरआई) ने अपनी अध्ययन में पाया है कि खराब रोड और ट्रैफिक जाम के कारण भारत के अन्य शहरों के तुलना में दिल्ली के लोग ईंधन पर डेढ़ गुना ज्यादा रकम खर्च करते हैं।
अध्ययन में ये भी बताया कि इस कारण दिल्ली-एनसीआर में ईंधन की खपत ज्यादा है। संस्थान ने अध्ययन करते हुए कहा कि रोड पर गड्ढे और ट्रैफिक जाम के कारण लोगों को देर तक रोड पर रुकना पड़ता है। जिसके कारण एक किलो मीटर के लिए भी जरूरत से ज्यादा ईंधन खर्च होता है।
दिल्ली में ट्रैफिक जाम और खराब रोड की स्थिति को जानने के लिए संस्थान ने बीती मई को अध्ययन शुरू किया। इसके लिए एसयूवी वाहन का प्रयोग किया गया, जिसका माइलेज 10-12 किलोमीटर था। इसके बाद छोटी कारों, भरे ट्रक और खाली ट्रक के साथ ये अध्ययन किया गया।
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जिसके बाद पाया गया कि नोएडा एक्प्रेस वे पर एसयूवी कार ने प्रति किलोमीटर के लिए 40.25 लीटर का ईंधन का इस्तेमाल किया गया। जबकि नोएडा एक्सप्रेस वे एक अच्छा, ईंधन कुशल सड़क माना जाता है। वहीं नोएडा एक्सप्रेस वे से कालिंदी कुंज, जसोला जाते हुए प्रति किलोमीटर के लिए 95.5 लीटर ईंधन का इस्तेमाल किया गया।
सबसे ज्यादा ईंधन का उपभोग बोटेनिकल गार्डन से कैलाश हॉस्पिटल नोएडा के रास्ते पर किया गया। अध्ययन में ये भी पाया गया कि पुरे भारत में प्रति दिन 960 करोड़ का ईंधन उपयोग किया जाता है। इसके अलावा अध्ययन में ये भी पाया गया कि दिल्ली में 600 किलोमीटर से ज्यादा को रोड की स्थिति अच्छी है।
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अध्ययन में ये भी बताया कि इस कारण दिल्ली-एनसीआर में ईंधन की खपत ज्यादा है। संस्थान ने अध्ययन करते हुए कहा कि रोड पर गड्ढे और ट्रैफिक जाम के कारण लोगों को देर तक रोड पर रुकना पड़ता है। जिसके कारण एक किलो मीटर के लिए भी जरूरत से ज्यादा ईंधन खर्च होता है।
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दिल्ली में ट्रैफिक जाम और खराब रोड की स्थिति को जानने के लिए संस्थान ने बीती मई को अध्ययन शुरू किया। इसके लिए एसयूवी वाहन का प्रयोग किया गया, जिसका माइलेज 10-12 किलोमीटर था। इसके बाद छोटी कारों, भरे ट्रक और खाली ट्रक के साथ ये अध्ययन किया गया।
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जिसके बाद पाया गया कि नोएडा एक्प्रेस वे पर एसयूवी कार ने प्रति किलोमीटर के लिए 40.25 लीटर का ईंधन का इस्तेमाल किया गया। जबकि नोएडा एक्सप्रेस वे एक अच्छा, ईंधन कुशल सड़क माना जाता है। वहीं नोएडा एक्सप्रेस वे से कालिंदी कुंज, जसोला जाते हुए प्रति किलोमीटर के लिए 95.5 लीटर ईंधन का इस्तेमाल किया गया।
सबसे ज्यादा ईंधन का उपभोग बोटेनिकल गार्डन से कैलाश हॉस्पिटल नोएडा के रास्ते पर किया गया। अध्ययन में ये भी पाया गया कि पुरे भारत में प्रति दिन 960 करोड़ का ईंधन उपयोग किया जाता है। इसके अलावा अध्ययन में ये भी पाया गया कि दिल्ली में 600 किलोमीटर से ज्यादा को रोड की स्थिति अच्छी है।