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पत्नी को गुजारा भत्ता देने से नहीं बच पाएंगे उमर अब्दुल्ला

Sat, 02 Dec 2017 06:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 02 Dec 2017 06:49 AM IST
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delhi high court tells Omar Abdullah to settle marital dispute in family court
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला - फोटो : File Photo

दिल्ली हाईकोर्ट ने जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को पत्नी को गुजारा भत्ता देने के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर राहत देने से इनकार कर दिया।

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अदालत ने याचिका का निबटारा करते हुये उन्हें बिना देरी के निचली अदालत के समक्ष पेश होने को कहा है। अब्दुल्ला की पत्नी पायल अब्दुल्ला ने गुजारा भत्ता के लिये कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। अब्दुल्ला ने इस सुनवाई को रोकने व अंतरिम गुजारा भत्ता देने के आदेश को चुनौती दी थी।
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जस्टिस संगीता ढींगरा सहगल ने उमर अब्दुल्ला व पायल अब्दुल्ला के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को याचिका का निबटारा कर दिया। कोर्ट ने अब्दुल्ला व उनकी पत्नी को 12 दिसंबर को निचली अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है।
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उमर अब्दुल्ला ने तर्क रखा था कि पायल व उनके दो बेटों द्वारा गुजारा भत्ते की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है। उन्होंने कहा, पायल स्वयं अपना गुजारा करने में सक्षम हैं, वहीं दोनों बेटे बालिग है। ऐसे में निचली अदालत को गुजारा भत्ता का निर्देश देने से पहले यह तय करने का निर्देश दिया जाए कि पायल की अर्जी सुनवाई योग्य है या नहीं।

याची के वकील ने बहस करते हुए कहा कि पायल अब्दुल्ला अपना कारोबार करती है और राजधानी में उनका अपना घर है। इन तथ्यों के मद्देनजर उन्हें गुजारा भत्ता तभी मिल सकता है, जब वह यह साबित करें कि वह अपना खर्च उठाने में सक्षम नहीं है। पायल के दोनों बेटे बालिग हो चुके हैं।

लिहाजा वह अब पिता ने गुजारा भत्ता लेने के अधिकारी नहीं हैं। वहीं पायल अब्दुल्ला ने अपने जवाब में कहा कि क्या पति अपनी पत्नी को गुजारा भत्ता देने से इनकार कर सकता है।


उमर ने निचली अदालत के नौ सितंबर 2016 को समन जारी करने के आदेश को चुनौती दी थी। निचली अदालत में इस मामले की सुनवाई 12 दिसंबर को होनी है। निचली अदालत ने 30 अगस्त 2016 को उमर व पायल के तलाक की याचिका खारिज कर दी थी। इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में पुनर्विचार याचिका विचाराधीन है। 

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