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Hindi News ›   India News ›   Delhi High Court : seeking a response from Center Govt on petition filed for live streaming of hearing On same sex marriage

समलैंगिक विवाह को मान्यता का मुद्दा : सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए दायर याचिका पर केंद्र से जवाब तलब

Wed, 01 Dec 2021 05:22 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। 
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।  Published by: योगेश साहू Updated Wed, 01 Dec 2021 05:22 AM IST
सार

हाईकोर्ट में समलैंगिक जोड़ों की याचिकाओं पर सुनवाई हुई। इसमें विशेष, हिंदू और विदेशी विवाह कानूनों के तहत सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग करने का अनुरोध किया गया है। याचिकाओं में कहा गया है कि यह राष्ट्रीय महत्व का मामला है।

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Delhi High Court : seeking a response from Center Govt on petition filed for live streaming of hearing On same sex marriage
कोर्ट (प्रतीकात्मक तस्वीर।) - फोटो : iStock

विस्तार

दिल्ली हाईकोर्ट ने विशेष हिंदू और विदेशी विवाह कानूनों के तहत समलैंगिक विवाह को मान्यता देने की सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग के लिए दायर याचिका पर केंद्र को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने केंद्र के वकील को इस मुद्दे पर निर्देश लेने और जवाब दाखिल करने के लिए समय प्रदान करते हुए सुनवाई तीन फरवरी तय की है।

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अदालत ने कई समलैंगिक जोड़ों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिया। याचिकाओं में विशेष, हिंदू और विदेशी विवाह कानूनों के तहत समलैंगिक विवाह को मान्यता देने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है। कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज किशन कौल ने कहा कि इसमें शामिल अधिकारों को देखते हुए सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग जरूरी है क्योंकि यह देश की कुल आबादी का सात से आठ प्रतिशत है। उन्होंने आगे कहा कि यह राष्ट्रीय महत्व का मामला है और लाइव स्ट्रीमिंग एक बड़ी आबादी की मेजबानी कर सकती है।
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कानूनी मान्यता प्रदान करने की लगाई गुहार: याची ने पवित्र शहर वाराणसी का हवाला देते हुए कहा कि वहां लाखों हिंदू जोड़े हर दिन विवाह करते हैं। उन्होंने वर मालाओं का आदान-प्रदान किया, अपने वस्त्रों को एक साथ बांधा, सात बार पवित्र अग्नि की परिक्रमा की और एक-दूसरे के माथे पर सिंदूर लगाते हैं। याचिकाकर्ताओं की शादी भगवान की नजर में होती है। वे अब इस अदालत से यह आग्रह करते हैं कि देश में भी ऐसी शादी को कानूनी मान्यता प्रदान की जाए।
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इच्छुक व्यक्ति को अदालत की सुनवाई में भाग लेने का अधिकार
नीरज किशन कौल ने कहा सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में इस बात पर जोर दिया है कि संवैधानिक और राष्ट्रीय महत्व के मामलों में अदालती सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग होनी चाहिए जिसका जनता पर बड़े पैमाने पर प्रभाव पड़ता है। एक इच्छुक व्यक्ति को अदालत की सुनवाई में भाग लेने का अधिकार है। आवेदन में गुजरात, उड़ीसा और कर्नाटक के उच्च न्यायालयों के उदाहरणों का भी हवाला दिया गया है, जिन्होंने   लाइव स्ट्रीमिंग के लिए नियम शुरू कर दिए हैं या बनाए हैं।

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