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पश्चिम बंगाल : पूर्व मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय की मुश्किलें बढ़ीं, दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका खारिज
Tue, 08 Mar 2022 05:05 AM IST
योगेश साहू
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: योगेश साहू
Updated Tue, 08 Mar 2022 05:05 AM IST
सार
बंद्योपाध्याय की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता कार्तिकेय भट्ट ने दलील दी कि अर्जी के स्थानांतरण का आदेश नैसर्गिक न्याय, समानता और निष्पक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। आदेश जारी करते समय बंद्योपाध्याय की सुविधा पर विचार किया जाना चाहिए था, चूंकि याचिकाकर्ता स्थायी रूप से कोलकाता में रहता है।
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court demo
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय की तरफ से दायर चुनौती याचिका को खारिज कर दिया है। बंदोपाध्याय ने उनके खिलाफ केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) में जारी कार्यवाही को कोलकाता से दिल्ली स्थानांतरित किए जाने के फैसले को चुनौती दी थी।
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सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने यह कहते हुए चुनौती याचिका खारिज कर दी कि स्थानांतरण के फैसले में हस्तक्षेप करने का कोई उचित कारण नजर नहीं आता।
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पीठ ने यह भी साफ किया कि अदालत उनके खिलाफ सुनवाई के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त नहीं कर रही है। 28 मई, 2021 को बंद्योपाध्याय कलाईकुंडा वायुसेना स्टेशन पर चक्रवाती तूफान यास के प्रकोप पर चर्चा के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में शामिल नहीं हुए थे।
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बंद्योपाध्याय की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता कार्तिकेय भट्ट ने दलील दी कि अर्जी के स्थानांतरण का आदेश नैसर्गिक न्याय, समानता और निष्पक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। आदेश जारी करते समय बंद्योपाध्याय की सुविधा पर विचार किया जाना चाहिए था, चूंकि याचिकाकर्ता स्थायी रूप से कोलकाता में रहता है।
साथ ही घटना भी कोलकाता पीठ के अधिकार क्षेत्र में घटी थी है, लिहाजा सुनवाई कोलकाता में होनी चाहिए। केंद्र सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सुनवाई ऑनलाइन हो रही है, लिहाजा यह प्रश्न निरर्थक है कि कोलकाता शाखा में हो रही या दिल्ली में।