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अभी पेरोल पर ही रहेंगे मुख्तार, दिल्ली HC ने सुरक्षित रखा फैसला
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Wed, 22 Feb 2017 06:05 PM IST
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मुख्तार अंसारी (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
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मुख्तार अंसारी को ट्रायल कोर्ट से चुनाव प्रचार के लिए मिले पेरोल को चुनाव आयोग की तरफ से खारिज करने की मांग को दिल्ली हाईकोर्ट ने सुरक्षित रख लिया है। बताते चलें कि मुख्तार के वकील कपिल सिब्बल और सलमान खुर्शिद हैं।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्तार अंसारी मऊ की मोहम्मदाबाद सीट से चुनाव मैदान में हैं। वह उनकी परंपरागत सीट है। वह बहुजन समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। उनके ऊपर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह पूर्वांचल के बाहुबली माने जाते हैं।
बताते चलें कि नई दिल्ली की सीबीआई अदालत ने चुनाव प्रचार के लिए मुख्तार अंसारी को 15 दिन का पेरोल दिया है। वे अब जल्द ही चुनाव प्रचार करेंगे।
मुख्तार पर कुल 13 आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। इन मुकदमे में हत्या, मारपीट, हत्या के प्रयास सहित गैंगस्टर आदि के विभिन्न जनपदों के मुकदमे शामिल हैं।
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उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्तार अंसारी मऊ की मोहम्मदाबाद सीट से चुनाव मैदान में हैं। वह उनकी परंपरागत सीट है। वह बहुजन समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। उनके ऊपर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह पूर्वांचल के बाहुबली माने जाते हैं।
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बताते चलें कि नई दिल्ली की सीबीआई अदालत ने चुनाव प्रचार के लिए मुख्तार अंसारी को 15 दिन का पेरोल दिया है। वे अब जल्द ही चुनाव प्रचार करेंगे।
मुख्तार पर कुल 13 आपराधिक मुकदमे चल रहे हैं। इन मुकदमे में हत्या, मारपीट, हत्या के प्रयास सहित गैंगस्टर आदि के विभिन्न जनपदों के मुकदमे शामिल हैं।
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पढ़ें सिब्बल ने क्या कहा
कपिल सिब्बल (फाइल)
- फोटो : amar ujala
एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कपिल सिब्बल ने कहा 'ये पूरी तरह से व्यावसायिक था, इसका राजनीति से कोई लेना देना नहीं है। एक वकील की हैसियत से मैं टीएमसी, एसपी, बीएसपी, कांग्रेस और बीजेपी जैसी कई पार्टियों और उनके नेताओं के लिए कोर्ट में पेश हो चुका हूं। यहां मुद्दा ये था कि निचली अदालत ने चुनाव प्रचार के लिए परोल दे दी थी, जबकि हाईकोर्ट ने रोक लगा दी जिसकी वजह से एक उम्मीदवार को चुनाव प्रचार में जाने का मौका नहीं मिल रहा है।’'
हालांकि एक वकील के तौर पर केस लड़ रहे कांग्रेसी नेताओं पर किसी को कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए लेकिन जब यूपी में कांग्रेस-सपा गठबंधन में है और मुख्तार अंसारी उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं तो ऐसे में राजनीतिक हलकों में चर्चाएं गरम होना लाजमी है।
हालांकि एक वकील के तौर पर केस लड़ रहे कांग्रेसी नेताओं पर किसी को कोई ऐतराज नहीं होना चाहिए लेकिन जब यूपी में कांग्रेस-सपा गठबंधन में है और मुख्तार अंसारी उनके खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं तो ऐसे में राजनीतिक हलकों में चर्चाएं गरम होना लाजमी है।