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Delhi news: मिंटो ब्रिज के पानी में ड्राइवर की मौत, भाजपा ऑफिस की नई बिल्डिंग या केजरीवाल की लापरवाही जिम्मेदार?

Mon, 20 Jul 2020 03:41 PM IST
देव कश्यप अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Mon, 20 Jul 2020 03:41 PM IST
सार

  • थोड़ी सी बारिश में दिल्ली में जगह-जगह लग जाता है जाम, अंडरपास बन जाते हैं तालाब        
  • नालों की सफाई का मुद्दा हर साल बारिश में शुरू होकर बाद में हो जाता है खत्म     

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Delhi Driver death under Minto Bridge water who responsible new building of BJP office or Kejriwal negligence
Minto Bridge, Delhi - फोटो : Twitter

विस्तार

दो साल पूर्व हुई बारिश में एक दिन मिंटो रोड पर भारी जाम लग गया। रोड पर भारी मात्रा में पानी भर गया था और वाहन अपनी सामान्य गति से नहीं चल पा रहे थे। इसके बाद ही यह बात सामने आई कि इसी रोड पर बने भाजपा के नए मुख्यालय को बनाने के समय सुरक्षा कारणों से गंदा पानी निकालने की पाइपों की मोटाई कम कर दी गई थी जिससे उनके रास्ते आकर किसी अनहोनी घटना को अंजाम न दिया जा सके। लेकिन मिंटो रोड पर जलभराव को देखते हुए बाद में पानी निकासी की पाइपों की मोटाई बढ़ा दी गई। इसके बाद मिंटो रोड पर जलभराव की कोई स्थिति सामने नहीं आई।

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शनिवार-रविवार रात दिल्ली में मानसून की पहली अच्छी बारिश हुई। इसके बाद नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से कनाट प्लेस जाने वाले रास्ते पर बने मिंटो ब्रिज के नीचे हमेशा की तरह जलभराव हो गया। आठ से दस फीट पानी जमा हो जाने से इसमें डीटीसी की बसें फंस गईं। इसी जल भराव में फंसकर ‘छोटा हाथी’ ऑटो चलाने वाले एक ड्राइवर कुंदन (60 वर्ष) की मौत हो गई। वे अपनी गाड़ी को पानी के बीच निकालने की कोशिश कर रहे थे। इस घटना के सामने आने के बाद दिल्ली सरकार और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए। 
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दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने कहा कि भाजपा मुख्यालय बनने के बाद से ही इन जगहों पर जल भराव की स्थिति ज्यादा गंभीर हो गई है। यह एरिया भी एनडीएमसी के अंतर्गत आता है जहां कि भाजपा शासन में है, लेकिन इसके बाद भी वे किसी तरह की राजनीति में नहीं पड़ना चाहते। कोरोना काल में सभी एजेंसियों की प्रमुखता में कोरोना आ गया जिसके कारण कुछ जगहों पर नालों की सफाई का काम अपेक्षा के अनुरूप नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि जल्दी ही इसे पूरा किया जाएगा जिससे आगे इस तरह की कोई स्थिति न बने। 
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जिम्मेदारी से न बचे केजरीवाल सरकार
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के मेयर जय प्रकाश ने कहा कि दिल्ली सरकार को अपनी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटना चाहिए। मिंटो ब्रिज की यह सड़क पीडब्ल्यूडी के अंतर्गत आती है और यहां नालों की साफ-सफाई का काम उसी की जिम्मेदारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा सकी, सड़क किनारे के नालों की साफ-सफाई नहीं हुई, जिसके कारण यहां जल भराव हुआ और इस कारण एक व्यक्ति की दुखद मौत हो गई। 

क्या है स्थिति
दरअसल, थोड़ी देर की बारिश के बाद दिल्ली में जगह-जगह जल भराव की स्थिति हो जाती है। सड़कों पर पानी भर जाता है और जगह-जगह बने अंडरपास तालाब की शक्ल धारण कर लेते हैं। हर वर्ष नालों की साफ-सफाई का मुद्दा गर्माता है, लेकिन बारिश के बीतते ही यह मुद्दा ठंडा पड़ जाता है। नालों की साफ-सफाई का काम सही ढंग से न कर पाने की कीमत आम अदिल्ली वासी को चुकानी पड़ती है। 


कहां है किसका अधिकार
चार फुट तक चौड़ाई वाली नालियां-नाले साफ कराने की जिम्मेदारी दिल्ली के तीनों नगर-निगमों की होती है। इसके आलावा जिन सड़कों को पीडब्ल्यूडी विभाग देखता है, उनके दोनों ओर बने नालों की साफ-सफाई करना पीडब्ल्यूडी विभाग की जिम्मेदारी में आता है। दिल्ली में लगभग 1400 किलोमीटर लंबाई की सड़क पीडब्ल्यूडी विभाग के अंदर आती है। इन नालों से प्रति वर्ष लगभग दो लाख टन गाद निकाली जाती है। आरोप है कि इस वर्ष पीडब्ल्यूडी अपनी यह जिम्मेदारी निभाने में असफल साबित हुआ है। इसके बाद इनसे बड़े नालों की गाद निकालना और सफाई कराने का काम बाढ़-सिंचाई नियंत्रण विभाग के पास होता है।

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