Delhi: सुनहरी बाग मस्जिद को हटाने के प्रस्ताव के विरोध में दानिश अली ने लिखा पत्र
हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी के चेयरमैन को लिखे पत्र में कहा गया है कि तकनीक के युग में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए वैकल्पिक उपाय किए जा सकते हैं, और इसके लिए मस्जिद को हटाना अंतिम विकल्प नहीं है...
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दिल्ली के लुटियन जोन में बने सुनहरी बाग मस्जिद को हटाने के प्रस्ताव के विरोध में दानिश अली ने पत्र लिखा है। हेरिटेज कंजर्वेशन कमेटी के चेयरमैन को लिखे पत्र में कहा गया है कि तकनीक के युग में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए वैकल्पिक उपाय किए जा सकते हैं, और इसके लिए मस्जिद को हटाना अंतिम विकल्प नहीं है। यह पत्र उस प्रस्ताव के बाद आया है, जिसमें लुटियन क्षेत्र के इस अति महत्त्वपूर्ण क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रास्ते के बीच बनी मस्जिद को हटाने के संदर्भ में लोगों से राय मांगी गई है। बसपा से निष्कासित सांसद दानिश अली ने कहा है कि हेरिटेज कमेटी का उद्देश्य Sतिहासिक इमारतों के संरक्षण का है, और मस्जिद को हटाने के प्रस्ताव से उसके गठन का मूल उद्देश्य प्रभावित होता है।
दरअसल, सर्वोच्च न्यायालय ने अपने एक आदेश में यह कह दिया है कि यातायात के लिए महत्त्वपूर्ण मुख्य मार्गों के बीच में बने किसी भी धर्म की इमारतों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। इसके लिए प्रशासन से उचित सहयोग करने की बात भी कही गई है। इस आदेश के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से इस तरह की धार्मिक इमारतें हटाई जा रही हैं, जिनके कारण यातायात में परेशानी हो रही है।
माना जा रहा है कि प्रशासन ने सुनहरी बाग मस्जिद को भी सर्वोच्च न्यायालय के इसी आदेश के बाद हटाने का निर्णय लिया है। उक्त मस्जिद लुटियन जोन के बेहद महत्त्वपूर्ण क्षेत्र में मुख्य सड़क के बीचों बीच बनी है।