Delhi Exit Poll: क्या एक एग्जिट पोल में BJP और दूसरे में आप को जिताने वाले दो एजेंसियों के मालिक एक? जानें सच
सोशल मीडिया पर दावा चल रहा है कि एक व्यक्ति के मालिकाना हक वाली दो सर्वे एजेंसियों ने अलग-अलग एग्जिट पोल जारी किए हैं। इनमें से एक एग्जिट पोल में जहां भाजपा के दिल्ली में सरकार बनाने का अनुमान लगाया गया है, वहीं दूसरी एजेंसी ने आम आदमी पार्टी के सत्ता में लौटने की बात कही है।
विस्तार
इस बार सामने आए अलग-अलग एजेंसियों के 14 एग्जिट पोल आए हैं। इन एजेंसियों में से कई ऐसी हैं जिनके नाम भी पहले नहीं सुने गए हैं। यहां तक की सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि सर्वे करने वाले दो एजेंसियों के मालिक एक ही हैं। इनमें से एक एजेंसी ने भाजपा की सरकार बनने की उम्मीद जताई है वहीं, दूसरे सर्वे ने आप की सरकार बनने का अनुमान जताया है। ऐसे में यह जानना अहम है कि इन एजेंसियों का बैकग्राउंड क्या है? इनके बारे में क्या जानकारी उपलब्ध है? आइये जानते हैं...
This is the reality of exit polls.
— Puneet Bhambri (@pbhambri) February 5, 2025
One Director - 2 companies. 2 different predictions..
Tikka Polls
PS: I just did a quick Google search. This is not a detailed research. pic.twitter.com/wAj71a0Ssl
- अमर उजाला ने जब इस दावे की पड़ताल की तो कुछ तथ्य सामने आए हैं। दरअसल, एग्जिट पोल जारी करने वाली जिस माइंड ब्रिंक और पीपल्स पल्स के मालिक एक होने की बात कही गई है। वह गलत है। पीपल्स पल्स एक सर्वेक्षण एजेंसी है, जिसका माइंड ब्रिंक से कोई नाता नहीं सामने आया।
- इसकी पुष्टि खुद पीपल्स पल्स के प्रमुख रवि चंद ने की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रहा दावा गलत है। हम सिर्फ एक संगठन हैं। हमारा एग्जिट पोल और सर्वे जारी करने का इतिहास रहा है। महाराष्ट्र के एग्जिट पोल भी हमने जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर जिस पीपल्स पल्स की बात की गई है, उसका पूरा नाम पीपल्स पल्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड है और वह कॉरपोरेट है। जबकि हमारा नाम पीपल्स पल्स रिसर्च ऑर्गनाइजेशन है। हम कोई कॉरपोरेट कंपनी नहीं हैं।
- रवि का कहना है कि सोशल मीडिया पर जिस पीपल्स पल्स का नाम अल्लू शिवाकृष्ण के साथ जोड़ा जा रहा है, वह दूसरी कंपनी है। उस कंपनी का पूरा नाम पीपल्स पल्स मीडिया प्राइवेट लिमिटेड है। इस कंपनी का एग्जिट पोल या चुनावी सर्वे से जुड़ा इतिहास नहीं मिला है।
- इस बीच एक दिलचस्प बात सामने आई। दरअसल, अल्लू शिवाकृष्ण के मालिकाना हक में एक और कंपनी भी जुड़ी है, जिसका नाम माइंड ब्रिंक मीडिया पल्स प्राइवेट लिमिटेड दर्ज है। सोशल मीडिया पर दावा किया गया है कि इस कंपनी ने भी एग्जिट पोल जारी किया है। हालांकि, यह पुष्टि नहीं की जा सकी कि सर्वे करने वाली माइंड ब्रिंक और माइंड ब्रिंक मीडिया पल्स प्रा. लि. एक ही हैं। दरअसल, एग्जिट पोल जारी करने वाली माइंड ब्रिंक के संपर्क से जुड़ी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। ऐसे में इसे लेकर किसी भी तरह के दावे की अमर उजाला पुष्टि नहीं करता है।
चौंकाने वाली बात यह है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के एग्जिट पोल्स जारी करने वाली कई कंपनियों की सही-सही जानकारी इंटरनेट या सोशल मीडिया पर नहीं मिलती। एग्जिट पोल्स में जिन दो एजेंसियों की तरफ से आम आदमी पार्टी को जीतता दिखाया गया है, उन दो एजेंसियों- माइंड ब्रिंक और वी-प्रिसाइड के एग्जिट पोल इससे पहले चर्चा तक में नहीं आए हैं। वहीं, भाजपा को जीतता दिखाने वाली कुछ एजेंसियों की पहले खास चर्चा नहीं रही है। इनमें- डीवी रिसर्च, पोल डायरी जैसी एजेंसियां शामिल हैं।