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Burari Assembly Seat: संजीव झा लगाएंगे जीत का चौका या किसी और को चुनेगी बुराड़ी? ऐसा है इसका चुनावी इतिहास

Fri, 17 Jan 2025 06:53 PM IST
संध्या इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला
इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला Published by: संध्या Updated Fri, 17 Jan 2025 06:53 PM IST
सार

Burari Seat: बुराड़ी सीट दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से एक है। यह सीट 2008 में बनी थी जिसमें एक बार भाजपा और उसके बाद से आप की कब्जा है। 

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Delhi Assembly Election 2025 burari Assembly Seat Profile and History News In Hindi
दिल्ली चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दिल्ली में विधानसभा चुनावों का बिगुल बज चुका है। नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है। 20 जनवरी को नाम वापसी की आखिरी तारीख है। इसके बाद तय हो जाएगा कि किस सीट पर किन प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा। दिल्ली की 70 विधानसभा सीटों में से एक बुराड़ी विधानसभा सीट भी है। यह सीट भी काफी चर्चा में रहती है। बुराड़ी उत्तर पूर्वी दिल्ली लोकसभा का हिस्सा है, जहां से मनोज तिवारी सांसद हैं। बुराड़ी विधानसभा सीट 2008 में अस्तित्व में आई।

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बुराड़ी सीट पर कब कौन जीता? कब कितने वोट पड़े? पिछले चुनाव में कैसे नतीजे रहे थे? इस बार कैसा मुकाबला है? आइये जानते हैं…

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दिल्ली को विधानसभा मिलने की ऐसी है कहानी
दिल्ली को विधानसभा कैसे मिली, इसकी कहानी 1952 से शुरू हुई। 1952 पार्ट-सी राज्य के रूप में दिल्ली को एक विधानसभा दी गई। 1956 में उस विधानसभा को भंग कर दिया गया। 1966 में दिल्ली को एक महानगर परिषद दी गई। 

दिल्ली राज्य विधानसभा 17 मार्च 1952 को पार्ट-सी राज्य सरकार अधिनियम, 1951 के तहत अस्तित्व में आई। 1952 की विधानसभा में 48 सदस्य थे। मुख्य आयुक्त को उनके कार्यों के निष्पादन में सहायता और सलाह देने के लिए एक मंत्रिपरिषद का प्रावधान था, जिसके संबंध में राज्य विधानसभा को कानून बनाने की शक्ति दी गई थी। 

 

राज्य पुनर्गठन आयोग (1955) की सिफारिशों के बाद दिल्ली 1 नवंबर 1956 से भाग-सी राज्य नहीं रही। दिल्ली विधानसभा और मंत्रिपरिषद को समाप्त कर दिया गया और दिल्ली राष्ट्रपति के प्रत्यक्ष प्रशासन के तहत केंद्र शासित प्रदेश बन गया। दिल्ली में एक लोकतांत्रिक व्यवस्था और उत्तरदायी प्रशासन की मांग उठने लगी। इसके बाद दिल्ली प्रशासन अधिनियम, 1966 के तहत महानगर परिषद बनाई गई। यह एक सदनीय लोकतांत्रिक निकाय था जिसमें 56 निर्वाचित सदस्य और 5 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत सदस्य होते थे।

 

इसके बाद भी विधानसभा की मांग उठती रही। 24 दिसंबर 1987 को भारत सरकार ने सरकारिया समिति (जिसे बाद में बालकृष्णन समिति कहा गया) नियुक्त की। समिति ने 14 दिसंबर 1989 को अपनी रिपोर्ट पेश की और सिफारिश की कि दिल्ली को केंद्र शासित प्रदेश बना रहना चाहिए, लेकिन आम आदमी से जुड़े मामलों से निपटने के लिए अच्छी शक्तियों के साथ एक विधानसभा दी जानी चाहिए। बालाकृष्णन समिति की सिफारिश के अनुसार, संसद ने संविधान (69वां संशोधन) अधिनियम, 1991 पारित किया, जिसने संविधान में नए अनुच्छेद 239AA और 239AB डाले, जो अन्य बातों के साथ-साथ दिल्ली के लिए एक विधानसभा की व्यवस्था करते हैं। लोक व्यवस्था, पुलिस और भूमि के मुद्दों पर विधानसभा को कानून बनाने का अधिकार नहीं था। 1992 में परिसीमन के बाद 1993 में दिल्ली में विधानसभा के चुनाव बाद दिल्ली को एक निर्वाचित विधानसभा और मुख्यमंत्री मिला। 

2008:  बुराड़ी सीट पर पहली बार हुए चुनाव
2008 में हुए परिसीमन के बाद बुराड़ी विधानसभा सीट अस्तिव में आई। बुराड़ी सीट पर हुए पहले चुनाव में कुल 24 उम्मीदवार मैदान में थे। इनमें 3 महिलाएं भी शामिल थी। इन चुनावों में भाजपा के श्री कृष्ण ने जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस के दीपक त्यागी को 4,990 वोट से शिकस्त दी थी। श्री कृष्ण को 32,006 वोट मिले। वहीं, कांग्रेस उम्मीदवार दीपक त्यागी को 27,016 वोट मिले। तीसरे नंबर पर एलजेपी के विनोद नागर रहे। उन्हें कुल 17,777 वोट मिले। इन तीन उम्मीदवारों के अलावा अन्य 21 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। 

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Delhi Assembly Election 2025 burari Assembly Seat Profile and History News In Hindi
दिल्ली चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला

2013:  आप को मिली जीत  
2013 में बुराड़ी विधानसभा सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय रहा। इस चुनाव में पहली बार उतरी आम आदमी पार्टी की टक्कर भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों से हुई। जीत आप के आप के संजीव झा को मिली। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार और तत्कालीन विधायक श्री कृष्ण को 10351 वोट से हराया। संजीव झा को कुल 60,164 वोट मिले। भाजपा के श्री कृष्ण को 49,813 वोट से संतोष करना पड़ा। तीसरे नंबर पर कांग्रेस के दीपक त्यागी रहे। उन्हें कुल 31,649 वोट मिले। इन तीन उम्मीदवारों को छोड़कर बाकी 20 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। 

2015: आप को मिली लगातार दूसरी जीत 
2015 के चुनावों में बुराड़ी सीट से 18 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। इन चुनावों में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की 70 में से 67 सीटों पर जीत दर्ज की। इन सीटों में बुराड़ी सीट भी शामिल थी। यहां से एक बार फिर आम आदमी पार्टी के संजीव झा को जीत मिली। उन्होंने भाजपा के गोपाल झा को 67,950 वोट के बहुत बड़े अंतर से हराया। संजीव झा को कुल 1,24,724 वोट मिले। भाजपा के गोपाल झा को 56,774 वोट मिले। वहीं, कांग्रेस के जे एस चौहान महज 6,750 वोट से संतोष करना पड़ा। चौहान अपनी जमानत भी नहीं बचा सके। जेएस चौहान समेत 16 उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई।
 

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दिल्ली चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला

2020: संजीव झा ने लगाई जीत की हैट्रिक
2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में बुराड़ी से आप के संजीव झा लगातार तीसरी बार विधायक बने। इस बार उनकी जीत पिछले दो चुनावों से भी ज्यादा बड़ी थी। 2020 के चुनाव में 22 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे। इनमें से 20 की जमानत जब्त हो गई। आप के संजीव झा को कुल 1,39,598 वोट मिले। उन्होंने भाजपा की सहयोगी पार्टी जदयू के शैलेंद्र कुमार 88,158 वोट से हराया। शैलेंद्र कुमार को 51,440 वोट से संतोष करना पड़ा।  

अबकी बार कैसे हैं समीकरण?
2025 के विधानसभा चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर संजीव झा को बुराड़ी विधानसभा से उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने मंगेश त्यागी को टिकट दिया है। मंगेश त्यागी कांग्रेस के कार्यकर्ता है और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष के रूप में भी काम करते हैं। भाजपा ने बुराड़ी सीट अपने सहयोगी जनता दल यूनाइटेड के लिए छोड़ दी है। जदयू ने यहां से एक बार फिर शैलेंद्र कुमार को टिकट दिया है। शैलेंद्र को 2020 में यहां से संजीव झा से हार चुके हैं। 

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