रक्षा मंत्रालय ने पिलेट्स एयरक्राफ्ट लिमिटेड के साथ रद्द किया व्यापार सौदा
रक्षा मंत्रालय ने स्विस कंपनी पिलेट्स एयरक्राफ्ट लिमिटेड को करीब एक साल के लिए बैन कर दिया है। यह कंपनी भारतीय वायुसेना को वर्तमान में बल्क (थोक) में ट्रेनर विमान की आपूर्ति करती है। मंत्रालय ने कहा कि आदेश जारी होने की तारीख से एक साल तक या अगला आदेश आने तक व्यापार सौदे को निलंबित कर दिया है। ऐसा प्री-कॉन्ट्रैक्ट इंटिग्रिटी पैक्ट का उल्लंघन और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो, दिल्ली पुलिस, प्रवर्तन निदेशालय, आयकर विभाग द्वारा कंपनी के भ्रष्ट आचरण और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से किया गया है।
Defence Ministry business dealings with Pilatus Aircraft Ltd suspended for 1 year from date of issue of the order or until further orders for violation of Pre-Contract Integrity Pact&probe by CBI,Delhi Police, ED, I-T dept into corrupt practices&illegal activities by the company. pic.twitter.com/cVE2Cv94q5
— ANI (@ANI) July 16, 2019विज्ञापन
कंपनी के खिलाफ सीबीआई 2012 में 2,800 करोड़ रुपये के सौदे को हासिल करने के लिए भ्रष्ट आचरण का इस्तेमाल करने की वजह से जांच कर रही है। प्रतिबंध के बाद कंपनी किसी भी तरह के व्यापार सौदे को नहीं कर पाएगी। इसका मतलब है कि वायुसेना को अपने मौजूदा बेसिक ट्रेनर विमानों के पुर्जों और हिस्सों के लिए वैकल्पिक स्रोतों को ढूंढना होगा। इन विमानों पर पायलटों को शुरुआती प्रशिक्षण दिया जाता है। वायुसेना पिलेट्स पीसी 7 एमके 1 के 75 विमानों को संचालन करती है।
इसके अलावा रक्षा मंत्रालय ने भगोड़े हथियार डीलर संजय भंडारी के स्वामित्व वाली एक कंपनी के साथ सभी व्यापारिक सौदे पर अनिश्चित काल के लिए प्रतिबंध लगा दिया है। भंडारी से भारतीय जांच एजेंसियां कई मामलों में पूछताछ कर रही है। जिसमें पिलेट्स को एक सौदा दिलाने में मदद करना भी शामिल है। भंडारी कांग्रेस नेताओं का करीबी है और माना जाता है कि उसके रॉबर्ट वाड्रा के साथा व्यापारिक संबंध हैं। वह अपने निवास और कार्यालयों में छापे के बाद भारत से भागने में कामयाब रहा और वर्तमान में लंदन में रह रहा है।