Controllers Conference: जंग की तैयारी के लिए त्वरित-पारदर्शी फैसले जरूरी, रक्षामंत्री ने कही बड़ी बात
रक्षा लेखा विभाग द्वारा आयोजित नियंत्रकों के सम्मेलन में रक्षा मंत्री ने यह बात कही। राजनाथ सिंह ने कहा कि निर्णय लेने में देरी से समय के साथ-साथ धन की भी क्षति होती है। देश की युद्ध तैयारी पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि जंग की तैयारी के लिए न केवल पर्याप्त वित्तीय संसाधन जरूरी हैं, बल्कि त्वरित व पारदर्शी फैसले भी आवश्यक हैं।
रक्षा लेखा विभाग द्वारा आयोजित नियंत्रकों के सम्मेलन (Controllers Conference 2022) में रक्षा मंत्री ने यह बात कही। राजनाथ सिंह ने कहा कि निर्णय लेने में देरी से समय के साथ-साथ धन की भी क्षति होती है। देश की युद्ध तैयारी पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। रक्षा मंत्रालय का लेखा विभाग त्वरित व पारदर्शी फैसलों में अहम भूमिका निभाता है।
A delay in decision-making causes a loss of time as well as money. Besides that, it also adversely affects the country's combat readiness. Defence Accounts Department plays a very important role towards ensuring this: Defence Minister Rajnath Singh at the Controllers’ Conference pic.twitter.com/MnGrN7nIGJ
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 14, 2022
एक रुपया बचाने पर एक रुपया कमाते हैं
रक्षा मंत्री ने कहा कि दुनिया भर में संसाधन सीमित हैं। उनके इस्तेमाल में आर्थिक समझ जरूरी है। संसाधनों का इस्तेमाल सही स्थान पर होना चाहिए और उन्हें बिल्कुल भी बर्बाद नहीं किया जाना चाहिए। राजनाथ सिंह ने कहा ''एक रुपया बचाने पर आप एक रुपया कमाते हैं' यह संसाधनों के मामले में पूरी तरह लागू होता है। आपको पता है कि किसी देश की युद्ध की तैयारी के लिए न केवल सर्वोत्तम संसाधनों का उपलब्ध होना जरूरी है, बल्कि तेजी से पारदर्शी फैसले करना भी आवश्यक है।'' यदि फैसला करने में विलंब होगा तो युद्ध की तैयारी में भी कमी रह जाएगी।