Defence Expo: भारतीय सेना का शौर्य, लंबी दूरी की विस्फोट प्रणाली अग्निअस्त्र का किया वीडियो रिलीज
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को गांधीनगर में Defence Expo 2022 का उद्घाटन किया था। पीएम मोदी ने कहा था कि Defence Expo नए भारत की एक भव्य तस्वीर प्रदर्शित कर रहा है।
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गुजरात के गांधीनगर में आयोजित डिफेंस एक्सपो- 2022 के मौके पर स्वदेश में निर्मित हथियारों की कई प्रदर्शनी देखने को मिल रही है। इसी क्रम में आज भारतीय सेना के अधिकारी कैप्टन राजप्रसाद द्वारा विकसित लंबी दूरी की विस्फोट प्रणाली अग्निअस्त्र का प्रदर्शन एक वीडियो के माध्यम से किया गया। इसे देखने के बाद भारतीय सेना की ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके अलावा एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड ने नई .32 साइड स्विंग रिवॉल्वर विकसित की है, जिसे आज गांधीनगर में डेफएक्सपो-2022 में लॉन्च किया जाएगा। रिवॉल्वर को नागरिक लाइसेंस के साथ खरीद सकते हैं। यह नया रिवॉल्वर अपने पिछले संस्करणों की तुलना में हल्का है और 50 मीटर तक फायर कर सकते हैं।
यहां देखें वीडियो...
#WATCH | Demonstration of the long-range detonation system AgniAstra developed by Indian Army officer Captain Rajprasad
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(Video source: Indian Army official) pic.twitter.com/smngtUBaEA— ANI (@ANI) October 20, 2022
साइड स्विंग रिवॉल्वर विकसित
रक्षा उत्पादन में 1800 अरब रुपये का कारोबार हासिल करने के लिए प्रयास जारी: राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को कहा कि केंद्र सरकार 2025 तक रक्षा उत्पादन में 1800 अरब रुपये का कारोबार हासिल करने के लिए प्रयास कर रही है। गुजरात की राजधानी गांधीनगर में चल रहे डिफेंस एक्सपो 2022 के हिस्से के रूप में 'इन्वेस्ट इन डिफेंस' कार्यक्रम में बोलते हुए, सिंह ने निवेशकों से मुद्दों को हल करने के लिए बिना किसी झिझक के उनसे या रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों से संपर्क करने की अपील की।
निजी कंपनियों से सहयोग की उम्मीद: राजनाथ सिंह
उन्होंने निजी कंपनियों से आगे आने और भारतीय रक्षा उद्योग में निवेश करने की अपील करते हुए कहा कि यह एक महत्वपूर्ण मोड़ पर है। सिर्फ बड़े कॉरपोरेट ही नहीं, यहां तक कि स्टार्ट-अप और एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम) भी अब रक्षा क्षेत्र से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र के लिए यह स्वर्णिम काल है।
मंत्री ने कहा कि भारतीय रक्षा उद्योग भविष्य का सूर्योदय क्षेत्र है। सरकार 2025 तक घरेलू रक्षा उत्पादन को मौजूदा 1000 अरब से 1800 अरब रुपये तक ले जाने के प्रयास कर रही है। हम इससे भी अधिक लक्ष्य को पार कर सकते हैं। रक्षा क्षेत्र में अवसरों की कोई कमी नहीं है। भारत आगे बढ़ रहा है। इस क्षेत्र में दुनिया की मांगों को पूरा करने में भारत अहम भूमिका निभाएगा।