कोरोना वायरस से सुरक्षा के मामले में किस देश की क्या है स्थिति, देखें सुरक्षा रैंकिंग
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
कोरोना को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन, सेंटर ऑफ डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन और जॉन्स होप्किन्स यूनिवर्सिटी रोजाना महत्वपूर्ण आंकड़ें हमारे सामने रख रहे हैं लेकिन किसी निरीक्षण के लिए इस डाटा को प्रभावशाली तरीके से नहीं इस्तेमाल किया गया। कोविड-19 महामारी काफी जटिल है, इसके लिए जटिल विश्लेषण का इस्तेमाल तक अच्छे परिणाम सामने लाए जा सकते हैं।
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
कोरोना को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन, सेंटर ऑफ डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन और जॉन्स होप्किन्स यूनिवर्सिटी रोजाना महत्वपूर्ण आंकड़ें हमारे सामने रख रहे हैं लेकिन किसी निरीक्षण के लिए इस डाटा को प्रभावशाली तरीके से नहीं इस्तेमाल किया गया। कोविड-19 महामारी काफी जटिल है, इसके लिए जटिल विश्लेषण का इस्तेमाल तक अच्छे परिणाम सामने लाए जा सकते हैं।
डीप नॉलेज ग्रुप ने डाटा के विश्लेषण के लिए अग्रिम विश्लेषणात्मक ढांचा तैयार किया है जिससे लोगों और देश की सरकारों को मानव सभ्यता बचाने के लिए कड़े फैसले लेने में मदद मिल सके। डीप नॉलेज ग्रुप की एक टीम ने 200 देशों में फैले कोरोना वायरस के आंकड़ों को इकट्ठा कर उनका दोबारा विश्लेषण किया। जिसमें से 60 देशों के गहन अध्ययन के बाद परिणाम सामने आया। इन परिणामों को आसान भाषा में समझाने के लिए टीम ने एक रैंकिंग सिस्टम बनाया।
प्रगतिशील विश्लेषण से समझें कोरोना की जटिलताएं
कोरोना वायरस के विश्लेषणात्मक ढांचे को ऐसे डिजाइन किया गया है कि ताकि वायरस से होने वाले आर्थिक और स्वास्थ्य परिवर्तनों को आसानी से समझा जा सके। जो भी परिणाम सामने आए वो तथ्यों से पूर्ण और निष्पक्ष हैं।
विश्लेषण बताता है कि कुछ देशों ने कोरोना को हराने या काबू करने को लेकर अच्छा प्रदर्शन किया है। इन देशों ने कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या को 50,000 के पार होने से पहले ही क्वारंटीन पर ज्यादा जोर दिया। उदाहरण के तौर पर चीन और जर्मनी ने वायरस को नियंत्रण में रखने के लिए इमरजेंसी की स्थिति बना कर रखी और अस्पतालों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया। इन देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोट जैसे तकनीकी का भी इस्तेमाल किया।
इन चार मानकों पर की किसी देश की रैंकिंग
- क्वारंटीन कार्यक्षमता
- निगरानी और नजरबंदी
- सरकारी प्रबंध कार्यक्षमता
- इमरजेंसी इलाज की तत्परता
कोविड-19 सुरक्षा श्रेणी दुनिया के 40 देश
- कोरोना के संक्रमण से बचाव
- कोरोना से मरने वालों की संख्या
- क्वारंटीन और संक्रमण पर निगरानी
- मरीजों की नजरबंदी
- बड़े स्तर पर सुरक्षा और स्थिरता
- संक्रमित मरीजों से सुरक्षा के इंतजाम
जोखिम श्रेणी में दुनिया के 20 देश
इस ढांचे का इस्तेमाल देशों को कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या, सुरक्षा के बंदोबस्त तेज करना, लोगों की जिंदगी को सुधारने से संबंधित सूचना देने के लिए किया गया। इस ढांचे को बनाने के लिए चार मानकों को आधार बनाया गया..
- संक्रमण फैलने का जोखिम
- सरकार का प्रबंध
- स्वास्थ्य सुविधाएं और कार्यक्षमता
- क्षेत्रीय विशेष जोखिम
इलाज क्षमता श्रेणी में दुनिया के 10 देश
- बीमारी पर निगरानी
- बीमारी के लिए प्रबंध
- इमरजेंसी इलाज
- शोध और विकास के लिए नए प्रयोग
कोरोना के दौरान सबसे ज्यादा मददगार 15 देश