फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   debate about jammu-kashmir in rajyasabha between arun jately and Ghulam nabi Azad.

राज्यसभा में कश्मीर के मुद्दे पर भिड़े आजाद और जेटली, हुई जोरदार बहस

Thu, 03 Jan 2019 04:38 PM IST
आसिम खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आसिम खान Updated Thu, 03 Jan 2019 04:38 PM IST
विज्ञापन
debate about jammu-kashmir in rajyasabha between arun jately and Ghulam nabi Azad.
राज्यसभा में अरुण जेटली व गुलाम नबी आजाद में बहस - फोटो : social media

राज्यसभा में गुरुवार को जम्मू-कश्मीर मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जमकर बहस हुई। कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने भाजपा के साढ़े चार साल के शासन के दौरान राज्य में हिंसा की घटनाएं बढ़ने का आरोप लगाया तो वहीं बीजेपी की ओर से अरुण जेटली ने कांग्रेस पर पलटवार किया। 

विज्ञापन


आजाद ने जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग करने समेत कई राज्यों में तोड़फोड़ कर सरकार बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में अलगाववाद की भावना बढ़ी है। वहीं जेटली ने पलटवार करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में अलग अस्तित्व की परिकल्पना की गई थी, लेकिन कांग्रेस के 70 साल के कार्यकाल में यह अलगाववाद की ओर मुड़ने लगा।कांग्रेस ने वादे तो कर दिये, लेकिन पूरे देश को कीमत चुकानी पड़ी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में तो आ गई, लेकिन अपना इतिहास भूलती चली गई। कश्मीर की समस्या कांग्रेस की गलत नीतियों का नतीजा है। इसके लिए कांग्रेस को कभी मुक्ति नहीं मिलेगी। 
विज्ञापन


जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम रह चुके आजाद ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर में भाजपा ने सत्ता के लिए गठबंधन कर सरकार तो बना ली, लेकिन जब हर मोर्चे पर विफल होने लगे तो सरकार भंग कर दिया। उन्होंने कहा कि साढ़े चार साल के दौरान सबसे ज्यादा बार सीजफायर का उल्लंघन हुआ, सबसे ज्यादा आम नागरिक मारे गए। उन्होंने बीजेपी को इतिहास से सबक लेने तक की नसीहत दे डाली। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जवाब के दौरान जेटली ने कहा कि जिस शासनकाल को कांग्रेस गोल्डन पीरियड साबित करना चाह रही है, उसी समय ने कश्मीर के युवाओं को हथियार में तब्दील कर दिया। पत्थरबाजियां उसी वक्त शुरू हुई और युवा अमन की राह से भटकने लगे। उन्होंने कहा कि इतिहास जब फैसला करेगा कि जम्मू-कश्मीर पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का दृष्टिकोण सही या था या पंडित जवाहरलाल नेहरू का, तो आपको बहुत तकलीफ होगी। उन्होंने कहा कि अब समय कश्मीर के भविष्य पर बात करने की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed