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उठे सवाल: केंद्र सरकार के हेल्थ बुलेटिन से मौत के आंकड़े हुए गायब
Thu, 20 May 2021 03:18 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 20 May 2021 03:18 AM IST
सार
- हर दिन चार हजार से ज्यादा लोगों की हो रही है मौत
- स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुलेटिन में एक भी मरीज की मौत का जिक्र नहीं
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कोरोना के मामले
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
एक तरफ देश में हर दिन कोरोना संक्रमितों की मौतें बढ़ रही हैं। वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार ने हेल्थ बुलेटिन से इसे गायब ही कर दिया।
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बुधवार को स्वास्थ्य मंत्रालय के जारी बुलेटिन में कहीं भी संक्रमण से मरने वालों का जिक्र तक नहीं किया जबकि पिछले साल जनवरी से 18 मई 2021 तक रोजाना बताया जा रहा था कि संक्रमण से कितने मरीजों की मौत हुई और किन राज्यों में सबसे ज्यादा मरीजों ने दम तोड़ा। इसे लेकर जब केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से जानकारी मांगी गई तो उन्होंने आधिकारिक तौर पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
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हालांकि इसके पीछे एक कारण बीते मंगलवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस बताई जा रही है जिसमें नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल से सवाल पूछा गया था कि बीते कुछ ही समय में 1.25 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। नीति निर्धारण में हम पूरी तरह से फेल रहे हैं। परिवार उजड़ रहे हैं। इतने बड़े फेलियर की जिम्मेदारी एम्पॉवर्ड ग्रुप क्यों नहीं लेते? यह सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हुआ।
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हालांकि स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार देश में पिछले एक दिन में 4529 लोगों की मौत हुई है जो अब तक के कोरोना काल में सबसे ज्यादा हैं। दरअसल कोरोना महामारी की दूसरी लहर में आक्रामक वायरस तेजी से जानलेवा भी हुआ।
22 अप्रैल को देश में एक दिन में 2257 लोगों की मौत हुई थी लेकिन 27 दिन बाद यह आंकड़ा दोगुना से भी अधिक हो चुका है। इसी साल फरवरी से अब तक 1,26,170 लोगों की मौत दर्ज की जा चुकी है।