फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chhattisgarh ›   Death in Chhattisgarh village reshapes living with 43 elephants and crop losses

छत्तीसगढ़: हाथियों के आतंक से दहशत में जी रहे हैं 10 जिलों के ग्रामीण, आदमी और फसल को रौंद रहा हाथियों का झुंड

Sat, 25 Dec 2021 09:20 AM IST
प्रशांत कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायपुर Published by: प्रशांत कुमार झा Updated Sat, 25 Dec 2021 09:20 AM IST
सार

छत्तीसगढ़ के दर्जन भर जिलों के ग्रामीण हाथियों के आतंक से तंग आ चुके हैं। आए दिन हाथियों का झुंड लोगों को मार देता है या घरों और फसलों को बर्बाद कर देता है। वन विभाग भी हाथियों पर लगाम लगाने में विफल हो रहा है। 

विज्ञापन
Death in Chhattisgarh village reshapes living with 43 elephants and crop losses
हाथियों का आतंक - फोटो : amar ujala

विस्तार

छत्तीसगढ़ में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा। आए दिन हाथियों का झुंड गांव, ग्रामीण और फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है।  28 जिलों में से 10 जिलों में हाथियों का आतंक ऐसा है कि लोग अपने घरों में भी रहने से डरते हैं। ताजा मामला कोरबा जिले का है, जहां पर 43 हाथियों का एक झुंड पूरे इलाके में आतंक फैलाया है।  कोरबा जिले में 18 दिसंबर को 71 वर्षीय बुजुर्ग महिला को हाथियों के झुंड ने कुचल कर मार डाला। इसके अलावा हजारों एकड़ फसल को भी हाथियों ने रौंद दिया। इतना ही नहीं इलाके में हाथियों का झुंड अभी तक सैकड़ों मकानों को नुकसान पहुंचा चुका है। 

विज्ञापन



देश में छत्तीसगढ़ हाथियों के आतंक से सबसे ज्यादा प्रभावित वाला राज्य है। राज्य के 28 में से 10 से अधिक जिले हाथियों के उत्पात से बुरी तरह प्रभावित हैं। राज्य सरकार द्वारा विधानसभा में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2019 और नवंबर 2021 के बीच, राज्य में हाथियों द्वारा 195 लोगों की मौत चुकी है और संपत्ति के नुकसान के 62,134 मामले सामने आ चुके हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed