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#नोटबंदी 22वां दिन: जारी रहेगा संसद में गतिरोध, सरकार और विपक्ष में नहीं बनी बात
अमर उजाला ब्यूरो/ नई दिल्ली
Updated Wed, 30 Nov 2016 08:22 AM IST
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- फोटो : PTI
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नोटबंदी के फैसले पर सरकार और विपक्ष के बीच जारी तनातनी का असर फिलहाल जारी रहने के आसार हैं। मंगलवार को हुई कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में सरकार और विपक्ष के अपने अपने रुख पर अडिग रहने के कारण बीच का रास्ता नहीं निकल पाया।
विपक्ष जहां मत विभाजन वाली मांग पर चर्चा करने और इस दौरान प्रधानमंत्री की अनिवार्य उपस्थिति की मांग पर अड़ा रहा, वहीं सरकार ने विपक्ष की मांग को सिरे से ठुकरा दिया। गौरतलब है कि इस तनातनी के कारण संसद का शीतकालीन सत्र की कार्यवाही पहले दिन से ही ठप है।
स्पीकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरकार ने विपक्ष के समक्ष बिना मत विभाजन वाले नियम के तहत चर्चा कराने का प्रस्ताव रखा। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री आनंद कुमार ने आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री चर्चा में हस्तक्षेप करेंगे। मगर कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिाकर्जुन खड़गे समेत एकजुट विपक्ष ने सरकार के इस प्रस्ताव को सिरे से ठुकरा दिया। विपक्ष ने एक स्वर से मत विभाजन वाले नियम के तहत चर्चा कराने और इस दौरान पीएम की उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग कर दी।
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बैठक के बाद स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि शीत सत्र में जारी गतिरोध हर हाल में दूर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद चर्चा की जगह है। कई मुद्दे हैं जिस पर देश को चर्चा का इंतजार है, जबकि अनंत कुमार ने विपक्ष की भूमिका की आलोचना करते हुए चर्चा के लिए राजी होने की अपील की।
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विपक्ष जहां मत विभाजन वाली मांग पर चर्चा करने और इस दौरान प्रधानमंत्री की अनिवार्य उपस्थिति की मांग पर अड़ा रहा, वहीं सरकार ने विपक्ष की मांग को सिरे से ठुकरा दिया। गौरतलब है कि इस तनातनी के कारण संसद का शीतकालीन सत्र की कार्यवाही पहले दिन से ही ठप है।
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स्पीकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरकार ने विपक्ष के समक्ष बिना मत विभाजन वाले नियम के तहत चर्चा कराने का प्रस्ताव रखा। इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री आनंद कुमार ने आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री चर्चा में हस्तक्षेप करेंगे। मगर कांग्रेस संसदीय दल के नेता मल्लिाकर्जुन खड़गे समेत एकजुट विपक्ष ने सरकार के इस प्रस्ताव को सिरे से ठुकरा दिया। विपक्ष ने एक स्वर से मत विभाजन वाले नियम के तहत चर्चा कराने और इस दौरान पीएम की उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग कर दी।
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बैठक के बाद स्पीकर सुमित्रा महाजन ने कहा कि शीत सत्र में जारी गतिरोध हर हाल में दूर होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद चर्चा की जगह है। कई मुद्दे हैं जिस पर देश को चर्चा का इंतजार है, जबकि अनंत कुमार ने विपक्ष की भूमिका की आलोचना करते हुए चर्चा के लिए राजी होने की अपील की।