{"_id":"677d5d88f5cebbb1e700f0d9","slug":"data-protection-rules-may-be-refined-further-to-protect-children-vaishnaw-2025-01-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Data Protection Rules: 'बच्चों के संरक्षण के लिए डेटा संरक्षण नियमों को बेहतर किया जाएगा', वैष्णव का बड़ा बयान","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Data Protection Rules: 'बच्चों के संरक्षण के लिए डेटा संरक्षण नियमों को बेहतर किया जाएगा', वैष्णव का बड़ा बयान
Tue, 07 Jan 2025 10:29 PM IST
अभिषेक दीक्षित
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Tue, 07 Jan 2025 10:29 PM IST
सार
वैष्णव ने कहा कि हम इसे (डीपीडीपी नियमों को) और बेहतर करेंगे ताकि बच्चों को कई तरह के नुकसान से बचाते हुए प्रौद्योगिकी की ताकत को बच्चों तक पहुंचाया जा सके। सरकार ने तीन जनवरी को डीपीडीपी नियम, 2025 का मसौदा जारी किया था। इन पर 18 फरवरी, 2024 तक सार्वजनिक टिप्पणियां की जा सकती हैं।
विज्ञापन
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि बच्चों को डिजिटल जगत में होने वाले नुकसान से बचाते हुए उन्हें प्रौद्योगिकी से जोड़ने के लिए डिजिटल निजी डेटा संरक्षण (डीपीडीपी) नियमों को और बेहतर किया जाएगा। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि डीपीडीपी के नए नियम उनके कार्यान्वयन से हासिल अनुभवों के आधार पर विकसित होंगे।
विज्ञापन
वैष्णव ने कहा कि हम इसे (डीपीडीपी नियमों को) और बेहतर करेंगे ताकि बच्चों को कई तरह के नुकसान से बचाते हुए प्रौद्योगिकी की ताकत को बच्चों तक पहुंचाया जा सके। सरकार ने तीन जनवरी को डीपीडीपी नियम, 2025 का मसौदा जारी किया था। इन पर 18 फरवरी, 2024 तक सार्वजनिक टिप्पणियां की जा सकती हैं।
विज्ञापन
नियमों के मसौदे के मुताबिक, डिजिटल मंच किसी बच्चे के सत्यापित अभिभावक या माता-पिता से सहमति लेने के बाद ही उसके डेटा का प्रसंस्करण कर सकते हैं। इसका सत्यापन पहचान और आयु के बारे में स्वैच्छिक रूप से दिए गए ब्योरे का इस्तेमाल कर या किसी कानूनी निकाय या केंद्र-राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित इकाई से जारी वर्चुअल टोकन के जरिए किया जा सकता है।
विज्ञापन
वैष्णव ने कहा कि टोकन प्रणाली आधार-आधारित लेनदेन के मामले में सत्यापन जैसे विभिन्न मामलों में कामयाब रही है। सत्यापन के लिए जारी होने वाले टोकन अस्थायी होंगे और एक लेनदेन तक ही सीमित होंगे। उसके बाद इसे स्वचालित रूप से नष्ट कर दिया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर क्षेत्र-विशिष्ट दिशानिर्देश क्षेत्रीय विशेषज्ञों और हितधारकों के परामर्श के बाद जारी किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि वर्चुअल टोकन के जरिये सत्यापन होने से किसी व्यक्ति की गोपनीयता को कोई खतरा नहीं होगा। वैष्णव ने कहा कि डीपीडीपी अधिनियम का व्हिसलब्लोअर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि उन्हें इस कानून के तहत संरक्षण मिला हुआ है। उन्होंने कहा कि डीपीडीपी अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज करने की कोई सीमा तय नहीं की गई है।