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Cycone Sitrang: दीपावली की रात से चलने लगेगी तेज हवाएं, कल सुबह तक बनी रहेगी तीव्रता
Mon, 24 Oct 2022 04:50 PM IST
अभिषेक दीक्षित
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 24 Oct 2022 04:50 PM IST
सार
एनडीआरएफ किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार है। इस समय राज्य में 14 टीमों को तैनात किया गया है।
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सितरंग चक्रवात से पहले सिविल डिफेंस की टीम सुंदरबन में लोगों को सतर्क कर रही है।
- फोटो : ANI
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विस्तार
पश्चिम बंगाल के दो जिलों उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना में सोमवार को कालीपूजा की रात से प्रदेश में करीब 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने लगेंगी। इस दौरान कोलकाता, हावड़ा, हुगली और दोनों मेदिनीपुर जिलों में इस तूफान की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटा होगी। यह बढ़कर 50 किमी प्रति घंटा भी हो सकती है।
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सोमवार को केंद्रीय मौसम विभाग के पूर्वी क्षेत्रीय निदेशक संजीव बनर्जी एक सितरंग के प्रभाव को लेकर एक संवाददाता सम्मलेन को संबोधित कर रहे थे। इस बीच कोलकाता तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में सोमवार सुबह से ही हल्की बारिश हो रही है और हवाएं चल रही हैं। आसमान काले बादलों से पूरी तरह से ढका हुआ है।
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संजीव ने बताया कि मंगलवार सुबह तक हवा की गति 100 किमी तक बढ़ सकती है। उसके बाद तूफान की ताकत धीरे-धीरे कम होगी। हालांकि, इस तीव्रता की हवाएं केवल उत्तर और दक्षिण 24 परगना में ही चलेंगी। कोलकाता वासियों के पास इस तूफान से डरने की कोई वजह नहीं है। कोलकाता और उससे सटे पांच अन्य जिलों दक्षिण बंगाल, हावड़ा, हुगली, दुई मेदिनीपुर, नदिया और आंशिक रूप से मुर्शिदाबाद में हल्की से मध्यम बारिश होगी। कई बार तेज हवाएं भी चलेंगी।
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साथ ही मौसम विभाग ने उत्तर और दक्षिण 24 परगना के तटीय इलाकों के निवासियों को चेतावनी दी है कि नुकसान की आशंका है। तटीय इलाकों के निवासियों को आगाह किया गया है कि मिट्टी के मकान ढहने की आशंका है। खेत में लगा धान भी नष्ट हो सकता है। कच्ची सड़कों को नुकसान हो सकता है। इसलिए पहले से सावधान रहना जरूरी है।
कालीपूजा और दीपावली पर तूफान का साया
कालीपूजा बंगाल के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इसकी तैयारी काफी दिन पहले से शुरू की जाती है। इस बार तूफान की आशंका के चलते इस पर असर दिख रहा है। कोलकाता सहित पूरे बंगाल में लाखों रूपए खर्च करके एक से एक सुंदर पंडाल तैयार किए जाते हैं और इसमें कलाकारों को भी बुलाया जाता है। इसका आयोजन भी दुर्गापूजा की तरह ही भव्य होता है। रविवार रात से ही मौसम खराब होने से कालीपूजा पर इसका असर दिखा। कई जगह कल पंडालों में आयोजन होने थे, लेकिन हल्की बारिश के कारण कालीपूजा के पंडालों में लोगों के पहुंचने का क्रम धीमा रहा। सोमवार को दीपावली भी है और कालीपूजा भी। दोपहर बाद से ही कोलकाता तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में हवाएं चल रही हैं और रुक-रूक कर बारिश हो रही है। रात में हवाएं की गति बढ़ सकती है और बारिश होने की भी आशंका है।
#WATCH पश्चिम बंगाल: सितरंग चक्रवात से पहले सिविल डिफेंस की टीम सुंदरबन में लोगों को सतर्क कर रही है।#SitrangCyclone pic.twitter.com/SV1znYMWdW
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 24, 2022
हालात से निपटने के लिए तैयार है 14 बचाव टीमें तैनात
एनडीआरएफ किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार है। इस समय राज्य में 14 टीमों को तैनात किया गया है। बंगाल में तैनात एनडीआरएफ की दो नंबर बटालियन के कमांडेंट गुरमिंदर सिंह ने बताया कि राज्य के विभिन्न संवेदनशील इलाकों में बल की 14 बचाव टीमों को तैनात किया गया है, जबकि कई दलों को अलर्ट पर रखा गया है।
यहां-यहां टीमों को किया गया है तैनात
उन्होंने बताया कि टीम में पूरी तरह प्रशिक्षित और समर्पित लोग मौजूद हैं और यह नवीनतम आपदा प्रतिक्रिया उपकरणों से लैस हैं। बंगाल के जिन सात जिलों में दो नंबर बटालियन एनडीआरएफ की 14 टीमों को तैनात किया गया है, उनमें उत्तर 24 परगना में दो, हुगली में एक, पश्चिम मेदिनीपुर में एक, पूर्व मेदिनीपुर में तीन, कोलकाता में दो, दक्षिण 24 परगना में चार और नदिया में एक टीम शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि एनडीआरएफ की एक टीम में लगभग 30 कर्मी होते हैं।
एनडीआरएफ की टीमें नागरिक प्रशासन के तालमेल से कई संभावित स्थानों पर जागरूकता अभियान भी चला रही है। उन्होंने बताया कि चक्रवात के मद्देनजर नदिया के हरिणघाटा में स्थित एनडीआरएफ के दो नंबर बटालियन मुख्यालय में एक कंट्रोल रूम भी खोला गया है, जहां से चौबीसों घंटे स्थिति की बारीकी से निगरानी की जा रही है। साथ ही बल के अधिकारी अन्य एजेंसियों के लगातार संपर्क में हैं। सिंह ने कहा, एनडीआरएफ ने प्रभावित इलाकों तथा नागरिकों की मदद के लिए सभी तैयारियां की हैं।