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Gold Pilferage: IGIA पर सोने की चोरी मामले में कस्टम अधिकारी के खिलाफ चलेगा मुकदमा, जांच में मिला ये अहम सबूत

Sun, 08 Jan 2023 11:27 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Sun, 08 Jan 2023 11:27 PM IST
सार

सीमा शुल्क विभाग की तिजोरी से सोने के 36 से अधिक पैकेट की चोरी की जांच के लिए एजेंसी को गृह मंत्रालय से अनुमति मिली थी। इनमें इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विभाग के गोदाम में रखा लगभग 38 किलोग्राम सोना था। वर्ष 2016 में निरीक्षण कवायद के दौरान चोरी का पता चला था।

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Customs official to face trial in IGI Airport gold pilferage case after his thumb impression found
igi airport - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सोने की चोरी के मामले में एक सीमाशुल्क अधिकारी को मुकदमे का सामना करना पड़ेगा। सीबीआई के अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि सीबीआई ने सीमा शुल्क विभाग के अधिकारी संजीव कुमार पर विभाग द्वारा जब्त किए गए सोने को स्ट्रांग रूम से गैर-कीमती पीली धातु से बदलकर चोरी करने का मामला दर्ज किया है। 

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सीमा शुल्क विभाग की तिजोरी से सोने के 36 से अधिक पैकेट की चोरी की जांच के लिए एजेंसी को गृह मंत्रालय से अनुमति मिली थी। इनमें इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विभाग के गोदाम में रखा लगभग 38 किलोग्राम सोना था। वर्ष 2016 में निरीक्षण कवायद के दौरान चोरी का पता चला था।
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जांच के दौरान, केंद्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (सीएफएसएल) के वैज्ञानिकों ने कुमार के खिलाफ वर्तमान मामले में संबंधित पैकेट सहित 21 पैकेट में से पांच पर उनकी उंगलियों के निशान पाए।अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क के गोदाम के विभिन्न संरक्षकों की उंगलियों के निशान एकत्र किए, जहां इन जब्त पैकेट को न्यायिक कार्यवाही के दौरान सुरक्षित रखा गया था।
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सीबीआई ने आरोप लगाया है कि सीएफएसएल रिपोर्ट में कुमार के ‘फिंगरप्रिंट’ के नमूने का मिलान दाहिने हाथ के अंगूठे के निशान से हुआ। उन्होंने कहा कि ये निशान ‘पीले रंग की गैर-कीमती धातु की पट्टी पर’ मिले जिसे कथित रूप से पैकेट के सोने को बदलने के लिए इस्तेमाल किया गया था। आरोपपत्र दाखिल करने के बाद, जब कुमार के खिलाफ आरोप तय करने के लिए मामला एक विशेष अदालत के सामने आया, तो उनके वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ अपर्याप्त सबूत हैं।

विशेष अदालत ने दलील को खारिज कर करते हुए कहा कि सीबीआई के आरोपपत्र के अनुसार पैकेट पर उंगलियों के निशान नहीं मिले, लेकिन पैकेट के अंदर गैर-कीमती पीली धातु के दो आयताकार बार पर मिले, जिसे कथित तौर पर सोने को बदलने के लिए इस्तेमाल किया गया था।


मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अंजनी महाजन ने कहा कि यह तथ्य आरोपी के खिलाफ कथित अपराध को लेकर एक गहरा संदेह पैदा करता है क्योंकि इस बात का कोई प्रथम दृष्टया तर्क नहीं है कि जब्त किए गए पैकेट के अंदर रखी वस्तु में संरक्षकों की उंगलियों के निशान होने चाहिए। वर्तमान मामले में आरोपी (कुमार) को इस परिस्थिति को मुकदमे के दौरान स्पष्ट करना होगा।

 

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