{"_id":"6a99a95c33e592d5ec0fa51c","slug":"manipur-bomb-explodes-at-congress-mla-keisham-meghachandra-s-residence-2026-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"मणिपुर: कांग्रेस विधायक दल के नेता के घर के बाहर धमाका, कोई हताहत नहीं","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मणिपुर: कांग्रेस विधायक दल के नेता के घर के बाहर धमाका, कोई हताहत नहीं
Thu, 03 Sep 2026 10:37 PM IST
राहुल कुमार
पीटीआई, इंफाल।
पीटीआई, इंफाल।
Published by: राहुल कुमार
Updated Thu, 03 Sep 2026 10:37 PM IST
विज्ञापन
कांग्रेस विधायक दल के नेता कीशम मेघचंद्र के आवास के पास धमाका।
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मणिपुर के थौबल जिले में गुरुवार शाम कांग्रेस विधायक दल के नेता कीशम मेघचंद्र के आवास के पास अज्ञात लोगों ने बम से धमाका किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस नेता के घर पर ग्रेनेड से हमला किया गया था।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक, धमाका रात करीब 8:15 बजे वांगखेम विधानसभा क्षेत्र के याइरीपोक बिष्णु नाहा में मेघचंद्र के आवास की दीवार के पास हुआ। पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में विस्फोट के लिए ग्रेनेड के इस्तेमाल की आशंका है।
विज्ञापन
घटना की सूचना मिलते ही सुरक्षाबल और राज्य पुलिस मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल की प्रारंभिक जांच की। पुलिस के अनुसार, धमाके में कोई घायल नहीं हुआ। घटना के समय मेघचंद्र अपने आवास पर मौजूद नहीं थे। मेघचंद्र के पीआरओ टी. इबोचौबा ने कहा कि धमाका करने वालों की पहचान और घटना के पीछे की वजह का अभी पता नहीं चल पाया है।
विज्ञापन
मणिपुर हिंसा में अब तक 306 लोगों की मौत, 49 अभी भी लापता: मंत्री
मणिपुर में मई 2023 में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 306 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 49 लोग अभी भी लापता हैं। राज्य के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजाम ने बृहस्पतिवार को विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन यह जानकारी दी। उन्होंने भाजपा विधायक सपम रंजन सिंह के सवाल के जवाब में 31 अगस्त, 2026 तक के आंकड़े सदन में रखे। गृह मंत्री के अनुसार, 3 मई, 2023 को पहाड़ी जिलों में निकाली गई जनजातीय एकजुटता मार्च के बाद हिंसा शुरू हुई थी।
यह मार्च मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग के विरोध में आयोजित किया गया था। इसके बाद मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच लंबे समय तक हिंसक संघर्ष चला। लगातार जारी जातीय हिंसा के चलते तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह को 9 फरवरी, 2025 को इस्तीफा देना पड़ा था। इसके बाद विधानसभा को निलंबित कर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था। इस साल 4 फरवरी को राष्ट्रपति हटाया गया और भाजपा नेता युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई सरकार बनी। विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है।