फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Cryptocurrency and cyber attacks are new challenges need to make justice delivery system flexible

PM Modi: क्रिप्टोकरेंसी और साइबर हमला नई चुनौती, न्याय वितरण प्रणाली को लचीला-अनुकूल बनाने की जरूरत

Sun, 04 Feb 2024 06:41 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Sun, 04 Feb 2024 06:41 AM IST
सार

पीएम मोदी ने शनिवार को विज्ञान भवन में राष्ट्रमंडल कानूनी शिक्षा संघ एवं राष्ट्रमंडल अटॉर्नी व सॉलिसिटर जनरल सम्मेलन-2024 का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। मोदी ने कहा, न्याय वितरण प्रणाली को अधिक लचीला व अनुकूल बनाने की जरूरत है।

विज्ञापन
Cryptocurrency and cyber attacks are new challenges need to make justice delivery system flexible
PM Narendra Modi turban traditional look - फोटो : Social media

विस्तार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि क्रिप्टोकरेंसी व साइबर हमलों में बढ़ोतरी ने नई चुनौतियां पेश की हैं। साइबर अपराधी नवीनतम तकनीक का उपयोग कर रहे हैं। इनसे निपटने के लिए सभी देशों को सहयोग बढ़ाना चाहिए। कभी-कभी एक देश में न्याय सुनिश्चित करने के लिए दूसरे देशों के साथ काम करने की जरूरत होती है। जांच व न्याय के लिए यह जरूरी है।

विज्ञापन

पीएम मोदी ने शनिवार को विज्ञान भवन में राष्ट्रमंडल कानूनी शिक्षा संघ एवं राष्ट्रमंडल अटॉर्नी व सॉलिसिटर जनरल सम्मेलन-2024 का उद्घाटन करते हुए यह बात कही। मोदी ने कहा, न्याय वितरण प्रणाली को अधिक लचीला व अनुकूल बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, देश पहले से ही हवाई यातायात नियंत्रण और समुद्री यातायात के क्षेत्र में एक-दूसरे के साथ काम करते हैं। इसे जांच व न्याय देने तक बढ़ाना चाहिए। एक-दूसरे के अधिकार क्षेत्र का सम्मान करते हुए भी सहयोग हो सकता है। उन्होंने आशा जताई, सम्मेलन यह सुनिश्चित करेगा कि सभी को समय पर न्याय मिले और कोई पीछे न छूटे।

विज्ञापन

20वीं सदी के दृष्टिकोण से नहीं लड़ सकते चुनौतियों से
मोदी ने कहा, 21वीं सदी की चुनौतियों से 20वीं सदी के दृष्टिकोण से नहीं लड़ा जा सकता। एक क्षेत्र में आर्थिक अपराधों का इस्तेमाल अन्य क्षेत्रों में गतिविधियों को वित्तपोषित करने के लिए किया जा रहा है। पीएम ने वर्तमान वास्तविकताओं के अनुरूप कानून बनाने के लिए उनके आधुनिकीकरण का जिक्र करते हुए कहा कि तीन नए कानूनों ने 100 साल से अधिक पुराने औपनिवेशिक आपराधिक कानूनों की जगह ले ली है। उन्होंने कहा, भारत ने प्रौद्योगिकी का उपयोग एक उपकरण के रूप में किया है। इससे न्याय वितरण प्रणाली पर बोझ कम हो गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

कानूनी पेशे में महिलाओं की अधिक भागीदारी पर जोर
पीएम मोदी ने कहा, कानून शिक्षण संस्थानों में अधिक महिलाओं को शामिल करने पर जोर दिया, ताकि कानूनी पेशे में उनकी भागीदारी और बढ़ सके। उन्होंने कहा कि दुनिया को ऐसे युवा कानूनी दिमागों की जरूरत है जिनके पास विविध अनुभव हो। उन्होंने कहा कि कानूनी शिक्षा को बदलते समय और प्रौद्योगिकी के अनुरूप ढलने की जरूरत है।



राजनीति से प्रभावित न हों विधि अधिकारी : सीजेआई
सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने समारोह में कहा, यह जरूरी है कि विधि अधिकारी राजनीति से प्रभावित न हों। तभी न्याय वितरण सुनिश्चित हो सकेगा। अधिकारियों को कानूनी कार्यवाही की अखंडता सुनिश्चित करते हुए अदालतों में गरिमा के साथ आचरण करना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed