फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   CRS probe North-East Express derailment Failure to timely detect flaw in rail caused mishap

Railways: 'हादसे का कारण समय से चूक का पता नहीं लगना'; 18 माह पहले ट्रेन बेपटरी होने की जांच पर आई CRS रिपोर्ट

Sat, 14 Jun 2025 03:21 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: ज्योति भास्कर Updated Sat, 14 Jun 2025 03:21 PM IST
सार

भारतीय रेलवे ने स्वीकार किया है कि ट्रेन परिचालन में खामियों का समय पर पता नहीं लगा पाना अक्तूबर, 2023 में हुए हादसे का अहम कारण है। तत्कालीन रेलवे सुरक्षा आयुक्त (CRS) सुवोमय मित्रा ने अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट में कहा है कि पटरी में खामियों का समय पर पता नहीं लगा पाने के कारण 11 अक्तूबर, 2023 को बिहार के रघुनाथपुर स्टेशन पर नॉर्थ-ईस्ट एक्सप्रेस पटरी से उतर गई। बता दें कि इस हादसे में चार लोगों की मौत हुई थी।

विज्ञापन
CRS probe North-East Express derailment Failure to timely detect flaw in rail caused mishap
भारतीय रेलवे (फाइल फोटो) - फोटो : संवाद

विस्तार

बिहार के बक्सर में 18 महीने पहले हुई रेल दुर्घटना पर तत्कालीन रेलवे सुरक्षा आयुक्त (पूर्वी सर्किल) सुवोमय मित्रा ने अपनी अंतिम जांच रिपोर्ट पेश कर दी है। इस रिपोर्ट में उन्होंने स्वीकार किया है कि पटरी में खामियों का समय पर पता नहीं लगा पाने के कारण 11 अक्तूबर, 2023 को पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल में नॉर्थ-ईस्ट एक्सप्रेस पटरी से उतर गई। मित्रा ने अपनी रिपोर्ट में रघुनाथपुर स्टेशन पर हुए हादसे को लेकर कहा है कि रेलवे के निर्माण में शामिल विभिन्न प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने के लिए कड़ी निगरानी की जानी चाहिए। मित्रा ने कहा, पटरियों की स्थिति की वास्तविक समय पर निगरानी हो सके, रेलवे इन संभावनाओं पर विचार कर सकता है। यह बिंदु रेलवे बोर्ड को हाल ही में सौंपी गई सिफारिशों में एक है।

विज्ञापन


ट्रैक प्रबंधन प्रणाली (TMS) के कई मॉड्यूल काम कर रहे हैं
रेलवे ने अपनी कार्रवाई रिपोर्ट में कहा है कि इस्पात निर्माण और रेल रोलिंग की बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए रेलवे और सेल / भिलाई के रेल विनिर्माण संयंत्र द्वारा निरंतर सुधार और उन्नयन किया जा रहा है। रिपोर्ट में रेल के रासायनिक और धातुकर्म गुणों में सुधार के लिए उठाए गए कई कदमों का उल्लेख किया गया है। रेलवे ट्रैक की स्थिति की उचित निगरानी के संबंध में मित्रा ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ट्रैक प्रबंधन प्रणाली (TMS) में विभिन्न मॉड्यूल काम कर रहे हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- Air India Plane Crash: उड्डयन मंत्रालय ने बताई एअर इंडिया विमान हादसे की पूरी कहानी; ब्लैक बॉक्स पर कही यह बात
विज्ञापन
विज्ञापन


सभी स्तरों पर नियमित निगरानी होती है
रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ट्रैक प्रबंधन में रेल और वेल्ड के यूएसएफडी (अल्ट्रासॉनिक फ्लॉ डिटेक्शन) परीक्षण की निगरानी भी शामिल है। इसके तहत यूएसएफडी ऑपरेटर नियमित रुप से टीएमएस पर दैनिक यूएसएफडी परीक्षण के दौरान रेल और वेल्ड के यूएसएफडी परीक्षण डेटा फीड करते हैं। जरूरी रखरखाव के लिए इन यूएसएफडी परीक्षण आंकड़ों से संबंधित सभी स्तरों पर नियमित निगरानी की जाती है।

ये भी पढ़ें- Emergency Landing: थाईलैंड से दिल्ली आ रहे एअर इंडिया विमान को मिली बम की धमकी, फुकेट में इमरजेंसी लैंडिंग

रेलवे में टूटी हुई पटरियों का पता लगाने के लिए तीन प्रौद्योगिकियों का परीक्षण
पटरियों की स्थिति की वास्तविक समय पर निगरानी के लिए सीआरएस की चिंता का समाधान करते हुए रेलवे ने कहा, विभिन्न क्षेत्रीय रेलवे में टूटी हुई पटरियों का पता लगाने वाली प्रणालियों के लिए तीन प्रौद्योगिकियों का परीक्षण चल रहा है। सुवोमय मित्रा ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पूर्वोत्तर में कंटीन्यूअस ब्रोकन रेल डिटेक्शन सिस्टम (NGRT) सिस्टम का ट्रायल चल रहा है। उत्तर मध्य रेलवे में एकॉस्टिक डोमेन टेक्नोलॉजी रेल एकॉस्टिक का परीक्षण चल रहा है। उत्तर मध्य रेलवे में ही वाइब्रेशन एनर्जी आधारित ब्रोकन रेल डिटेक्शन सिस्टम का ट्रायल भी चल रहा है। सीआरएस ने आगे सिफारिश की है कि रेलवे पटरी में दरारों की पहचान के लिए रेलवे के पास उचित तंत्र उपलब्ध होना चाहिए।

संबंधित वीडियो--
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed